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Bihar Boat Accident: समस्तीपुर में दर्दनाक नाव हादसा, गंगा नदी में डूबी 14 लोगों से भरी नाव, 3 की मौत, 4 लापता

Bihar Boat Accident: बिहार के समस्तीपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। आज सुबह मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गंगा घाट पर एक डेंगी नाव अचानक असंतुलित होकर गंगा नदी के गहरे पानी में डूब गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की डूबने से मौत हो गई है, जबकि चार लोग अब भी तेज बहाव में लापता हैं। नाव पर कुल 14 लोग सवार थे, जो सुबह-सुबह खेती-बाड़ी करने और परवल तोड़ने के लिए दियारा इलाके की तरफ जा रहे थे। घटना के बाद से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल है। जिला प्रशासन ने स्थानीय गोताखोरों के साथ एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मैदान में उतार दिया है।

Bihar Boat Accident: सुबह-सुबह काल बनी गंगा की लहरें, दियारा जा रहे थे सभी किसान

बिहार के इस इलाके में गंगा पार दियारा की जमीनों पर बड़े पैमाने पर परवल और अन्य हरी सब्जियों की खेती होती है। हर दिन की तरह गुरुवार की अहले सुबह भी मोहिउद्दीननगर के सुल्तानपुर घाट से किसान और मजदूर एक छोटी डेंगी नाव पर सवार होकर काम के लिए निकले थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव अभी सुल्तानपुर घाट से कुछ ही दूरी पर आगे बढ़ी थी कि अचानक नदी के बीचों-बीच तेज हवाएं चलने लगीं। इसी दौरान नाव नदी में बने एक गहरे और शक्तिशाली भंवर (जल भंवर) की चपेट में आ गई। नाव पर क्षमता से अधिक लोग और सब्जियां लदी होने के कारण उसका संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और देखते ही देखते पूरी नाव गंगा नदी में समा गई।

चीख-पुकार के बीच 7 लोगों ने तैरकर बचाई अपनी जान

नाव जैसे ही पलटी, नदी के शांत माहौल में अचानक चीख-पुकार मच गई। गहरे पानी में डूब रहे लोगों ने बचने के लिए हाथ-पांव मारने शुरू किए। इस भयानक मंजर के बीच नाव पर सवार 14 लोगों में से 7 लोगों ने किसी तरह कड़े संघर्ष के बाद तैरकर नदी के किनारे पहुंचकर अपनी जान बचाई।

मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकलने वाले खुशकिस्मत लोगों में मासूम कुमार, राहुल कुमार और ममता देवी शामिल हैं। इन लोगों ने घाट पर पहुंचकर घटना की जानकारी आसपास के ग्रामीणों और स्थानीय पुलिस को दी। हालांकि, इस हादसे में चार लोग अब भी नदी की तेज लहरों के बीच लापता हैं, जिनकी तलाश लगातार की जा रही है।

एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत

इस हादसे ने पटना जिले के एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला गहरा जख्म दिया है। पुलिस और स्थानीय गोताखोरों द्वारा नदी से अब तक तीन शवों को बाहर निकाला जा चुका है। शिनाख्त के बाद पता चला है कि तीनों मृतक एक ही परिवार के सदस्य थे।

मृतकों की पहचान पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत मासूमगंज बिंद टोली निवासी श्रवण महतो, काशी महतो और नीलम कुमारी उर्फ लाली कुमारी के रूप में की गई है। एक ही घर के तीन सदस्यों के शव जैसे ही नदी से बाहर निकाले गए, घाट पर मौजूद परिजनों के बीच कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

ओवरलोडिंग और भंवर बना हादसे का मुख्य कारण

स्थानीय ग्रामीणों और नाविकों का कहना है कि गंगा नदी के इस हिस्से में पानी की गहराई काफी ज्यादा है और अक्सर गुप्त भंवर बनते रहते हैं। डेंगी नाव काफी छोटी थी और उस पर 14 लोगों के बैठने के साथ-साथ परवल और खेती के अन्य भारी सामान भी लादे गए थे।

ग्रामीणों का आरोप है कि घाटों पर नावों की ओवरलोडिंग को लेकर कोई कड़ा प्रशासनिक नियंत्रण नहीं है। क्षमता से अधिक वजन होने के कारण जैसे ही नाव तेज हवा के झोंके और भंवर से टकराई, नाविक उस पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। यदि नाव पर वजन कम होता, तो शायद इस बड़े हादसे को टाला जा सकता था।

रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी NDRF और SDRF की टीमें; मौके पर पहुंचे आला अधिकारी

हादसे की भयावहता को देखते हुए समस्तीपुर जिला प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। सूचना मिलते ही एडीएम (आपदा प्रबंधन) राजेश कुमार सिंह, एसडीएम विकास पांडेय और डीएसपी बीके मेधावी भारी पुलिस बल और राहत सामग्रियों के साथ सुल्तानपुर गंगा घाट पर पहुंच गए हैं।

लापता 4 लोगों को ढूंढने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की विशेषज्ञ मोटर बोट और गोताखोरों की मदद ली जा रही है। नदी का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक आखिरी लापता व्यक्ति का पता नहीं चल जाता, तब तक यह सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा। स्थानीय गोताखोर भी अपने स्तर पर जाल डालकर खोजबीन में प्रशासन की मदद कर रहे हैं।

Bihar Boat Accident: पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग, घाटों पर सुरक्षा बढ़ाने की अपील

इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने नीतीश सरकार और जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों के लिए तुरंत उचित सरकारी मुआवजे की मांग की है। साथ ही, मांग की गई है कि दियारा इलाके में जाने वाले किसानों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य की जाए।

अक्सर देखा जाता है कि बिहार के नदी तटीय इलाकों में किसान बिना किसी सुरक्षा घेरे के जान जोखिम में डालकर छोटी नावों से सफर करते हैं। प्रशासन ने अपील की है कि खराब मौसम या तेज हवा के दौरान कोई भी नाविक नदी में नाव न उतारे और क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाए। फिलहाल, पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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