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Bihar Land Corruption News: बिहार में जमीन घोटाले पर बड़ा प्रहार, 8 अंचल अधिकारी सस्पेंड, मंत्री की मंजूरी के बाद मचा हड़कंप

Bihar Land Corruption News: बिहार में जमीन रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) और सरकारी जमीनों के हेरफेर में शामिल भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ नीतीश सरकार ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने मंगलवार, 2 जून 2026 को भ्रष्टाचार और गंभीर अनियमितताओं के आरोपों में राज्य के आठ अंचल अधिकारियों (CO) और राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया। विभाग के नए मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की अंतिम मंजूरी मिलते ही पटना मुख्यालय से लेकर जिला स्तर के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

इन अधिकारियों पर सरकारी जमीन को निजी लोगों के नाम करने, बिचौलियों के जरिए रिश्वत लेने और बियाडा (BIADA) जैसी सरकारी संस्थाओं की जमीन का गलत तरीके से दाखिल-खारिज करने के पुख्ता आरोप पाए गए हैं। सरकार के इस सख्त रुख से साफ है कि जमीन से जुड़े मामलों में लापरवाही या घूसखोरी करने वाले अफसरों को अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

Bihar Land Corruption News: मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल का कड़ा रुख

बिहार में जमीन सर्वे और म्यूटेशन की प्रक्रियाओं के बीच लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने पहले ही साफ कर दिया था कि गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों की जगह जेल में होगी। मंगलवार को उसी कड़ी में विभाग ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की लिस्ट जारी की।

इस बड़ी कार्रवाई के तहत दोषी पाए गए अधिकारियों पर न सिर्फ विभागीय कार्रवाई (Departmental Proceeding) चलाने का फैसला लिया गया है, बल्कि कई अधिकारियों की सैलरी में बढ़ोतरी (Incriment) रोकने और गंभीर मामलों में आरोप पत्र (Charge Sheet) गठित करने के कड़े आदेश दिए गए हैं।

सेवानिवृत्त अधिकारी भी नहीं बचे, रोहतास की पूर्व CO पर चलेगा केस

बिहार सरकार की इस कार्रवाई की सबसे बड़ी बात यह है कि जो अधिकारी अपनी नौकरी पूरी कर रिटायर हो चुके हैं, उन्हें भी जालसाजी के मामले में क्लीन चिट नहीं मिली है। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पद पर रहते हुए किए गए घोटालों का हिसाब रिटायरमेंट के बाद भी देना होगा।

रोहतास जिले के डिहरी की तत्कालीन अंचल अधिकारी सीमा रानी, जो वर्तमान में सेवानिवृत्त (Retired) हो चुकी हैं, उन पर आरोप है कि उन्होंने पद पर रहते हुए सरकारी भूमि से जुड़े कागजातों में भारी हेराफेरी की। जालसाजी के जरिए सरकारी जमीन का बंदरबांट करने के इस गंभीर मामले में सरकार ने उनके खिलाफ बाकायदा विभागीय कार्यवाही संचालित करने का बड़ा निर्णय लिया है।”

औरंगाबाद के तत्कालीन राजस्व अधिकारी की सैलरी वृद्धि पर रोक

औरंगाबाद के तत्कालीन राजस्व अधिकारी और वर्तमान समय में बक्सर जिले के इटाढ़ी अंचल में तैनात अंचल अधिकारी संतोष कुमार प्रीतम को भी भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाया गया है। उन पर लगे आरोपों की लंबी जांच के बाद विभाग ने उन्हें सजा सुना दी है।

संतोष कुमार पर आरोप था कि उन्होंने गैरमजरूआ मालिक खाते की सरकारी भूमि को कुछ रसूखदार निजी लोगों की रैयती जमीन बताकर उसका दाखिल-खारिज करने की गलत अनुशंसा की थी। आरोप सिद्ध होने के बाद सरकार ने सजा के तौर पर संचयी प्रभाव के बिना उनकी एक वेतन वृद्धि (Annual Increment) पर रोक लगाने का डंडा चलाया है।

मुजफ्फरपुर में ‘बियाडा’ की जमीन प्राइवेट व्यक्ति को दी, बैठाई गई दो सदस्यीय जांच

मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर अंचल की तत्कालीन अंचल अधिकारी रुचि कुमारी का कारनामा भी इस जांच में सामने आया है। रुचि कुमारी पर आरोप है कि उन्होंने बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) की बेशकीमती सरकारी जमीन को नियमों को ताक पर रखकर एक निजी व्यक्ति के पक्ष में दाखिल-खारिज कर दिया।

औद्योगिक विकास के लिए आरक्षित जमीन को निजी हाथों में सौंपने के इस बड़े खेल का खुलासा होने के बाद विभाग ने मामले की गहराई से जांच करने के आदेश दिए हैं। इस हाई-प्रोफाइल घोटाले की सच्चाई सामने लाने के लिए मुख्यालय स्तर से दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।

पश्चिम चंपारण और गोपालगंज के अफसरों पर चार्जशीट गठित

गोपालगंज जिले के बरौली अंचल के तत्कालीन राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह के खिलाफ भी जांच में गड़बड़ी के पुख्ता सबूत मिले हैं, जिसके बाद विभाग ने उनके विरुद्ध औपचारिक रूप से आरोप पत्र (प्रपत्र क) गठित कर दिया है। इसके अलावा कई अन्य जिलों के अधिकारी भी इस जांच के लपेटे में आए हैं:

  • चंदन कुमार (सुपौल): बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल के तत्कालीन प्रभारी अंचल अधिकारी और वर्तमान में सुपौल के अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी चंदन कुमार पर भारी वित्तीय अनियमितता के आरोप में चार्जशीट गठित की गई है।

  • उदय शंकर मिश्रा (बगहा-1): पश्चिम चंपारण के बगहा-1 के अंचल अधिकारी उदय शंकर मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने गैरमजरूआ सरकारी खाते की जमीन का खाता नंबर बदलकर, बिना किसी जमीनी या स्थलीय जांच के ही धड़ल्ले से म्यूटेशन पास कर दिया।

Bihar Land Corruption News: दलालों के जरिए रिश्वतखोरी और खाता-खेसरा बदलने का खेल उजागर

इस पूरे प्रशासनिक एक्शन में पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा के अंचल अधिकारी राजा कुमार का नाम भी प्रमुखता से शामिल है। राजा कुमार पर सीधे तौर पर राजस्व कार्यों में दलालों और बिचौलियों के माध्यम से आम जनता से मोटी रकम और रिश्वत वसूलने का बेहद गंभीर आरोप लगा है, जिसे विभाग ने सही पाया है।

वहीं दूसरी ओर, पश्चिम चंपारण के रामनगर के तत्कालीन अंचल अधिकारी और वर्तमान में भू-अर्जन कार्यालय में पदस्थापित राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो विनोद कुमार मिश्रा पर भी गाज गिरी है। विनोद कुमार ने अलग-अलग दाखिल-खारिज के मामलों में बड़े पैमाने पर गैरमजरूआ सरकारी जमीन का खाता-खेसरा बदलकर अवैध रूप से म्यूटेशन की स्वीकृतियां दी थीं, जिसके कारण उनके खिलाफ भी कड़ा आरोप पत्र गठित किया गया है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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