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Bus Accident: दिल्ली से बिहार जा रही बस एक्सप्रेसवे पर पलटी, 6 लोगों की दर्दनाक मौत, 10 पुलिसकर्मी घायल

Bus Accident: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से आज सुबह एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आई है। मंगलवार की सुबह दिल्ली से बिहार लौट रही एक तेज रफ्तार डबल डेकर एसी बस लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में बिहार पुलिस के एक दरोगा (SI) और एक कैदी समेत कुल 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि बस में सवार लगभग 10 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब बिहार पुलिस की एक टीम दिल्ली की एक अदालत में कैदी की पेशी कराने के बाद वापस लौट रही थी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और एक्सप्रेसवे की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

शुरुआती जांच में हादसे की वजह ड्राइवर को नींद की झपकी आना माना जा रहा है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह अचानक संतुलन खोकर सीधे डिवाइडर से जा टकराई और पलट गई। इस घटना के बाद से ही पुलिस महकमे और मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है।

Bus Accident: दिल्ली से कोर्ट में पेशी कराकर लौट रही थी बिहार पुलिस की टीम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार पुलिस की एक विशेष टीम एक गंभीर मामले के कैदी को लेकर दिल्ली की एक अदालत में पेशी के लिए गई थी। दिल्ली में अदालती कार्यवाही पूरी होने के बाद, पुलिसकर्मी कैदी को साथ लेकर वापस बिहार लौटने के लिए एक प्राइवेट डबल डेकर एसी बस में सवार हुए थे।

मंगलवार की सुबह जैसे ही यह बस उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की सीमा से गुजर रहे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर पहुंची, तभी अचानक यह भीषण हादसा हो गया। बस में सवार अन्य यात्री उस समय सो रहे थे, जब अचानक चीख-पुकार मच गई और बस सड़क पर कई बार पलटते हुए क्षतिग्रस्त हो गई।

हादसे में सीवान के दरोगा रामचंद्र और कैदी छत्रपाल की मौत

इस दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान धीरे-धीरे साफ हो रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, मृतकों में बिहार के सीवान जिले की पुलिस लाइन में तैनात जांबाज दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) रामचंद्र शामिल हैं, जो इस पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे थे।

उनके साथ ही, जिस कैदी को पेशी के बाद वापस लाया जा रहा था, उसकी भी इस हादसे में मौत हो गई है। कैदी की पहचान हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले छत्रपाल सिंह तोमर के रूप में हुई है। इन दोनों के अलावा बस में सवार 4 अन्य यात्रियों ने भी इस हादसे में अपनी जान गंवाई है, जिनकी शिनाख्त करने की कोशिश स्थानीय पुलिस कर रही है।

10 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल, लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बस के पलटते ही उसके परखच्चे उड़ गए। बस में मौजूद लगभग 10 अन्य पुलिसकर्मी इस घटना में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंची उन्नाव पुलिस और यूपीडा (UPEIDA) की रेस्क्यू टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बस से बाहर निकाला।

सभी घायलों को तुरंत पास के नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया है। लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों की एक विशेष टीम घायलों के इलाज में जुटी हुई है, जिनमें से कुछ की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है।

हादसे की असली वजह क्या थी?

उन्नाव पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आ रही है कि सुबह के वक्त गाड़ी चलाते समय ड्राइवर को अचानक नींद की झपकी आ गई होगी, जिससे गाड़ी पर से उसका नियंत्रण पूरी तरह खो गया। हालांकि, हादसे के समय वहां से गुजर रहे कुछ अन्य वाहन चालकों और चश्मदीदों का कहना है कि बस की रफ्तार बहुत ज्यादा थी। तेज रफ्तार के कारण ड्राइवर मोड़ या डिवाइडर के पास संतुलन नहीं रख पाया और बस सीधे डिवाइडर से टकराकर पलट गई।

एक्सप्रेसवे पर लगा लंबा जाम, क्रेन की मदद से हटाई गई बस

सुबह-सुबह हुए इस भीषण हादसे के कारण लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर चीख-पुकार मचने से राहगीरों ने भी अपनी गाड़ियां रोक दीं और राहत कार्य में मदद करने लगे।

उन्नाव के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और कई क्रेन मशीनों को घटना स्थल पर बुलवाया। काफी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त डबल डेकर बस को बीच सड़क से हटाकर किनारे किया गया, जिसके बाद एक्सप्रेसवे पर वाहनों का आवागमन दोबारा सुचारू रूप से शुरू कराया जा सका।

Bus Accident: पुलिस महकमे में शोक की लहर, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

जैसे ही यह खबर बिहार के सीवान पुलिस लाइन और मृतक दरोगा रामचंद्र के परिवार तक पहुंची, वहां मातम पसर गया। अपने कर्तव्य का पालन करते हुए जान गंवाने वाले दरोगा रामचंद्र की मौत से उनके साथी पुलिसकर्मी बेहद स्तब्ध हैं। बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और घायल पुलिसकर्मियों के समुचित इलाज के लिए उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से संपर्क साधा है।

दूसरी तरफ, गुरुग्राम के रहने वाले कैदी छत्रपाल सिंह तोमर के परिजनों को भी इस घटना की जानकारी दे दी गई है। उन्नाव पुलिस ने सभी 6 शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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