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CM Yogi: ‘जो देश-समाज के लिए खतरा हो, उसके लिए हिंसा ही…’, लखनऊ में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

CM Yogi: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्र सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बेहद बड़ा और कड़ा बयान दिया है। लखनऊ में नवनिर्मित ‘नौसेना म्यूजियम’ और ‘नौसेना वाटिका’ का आधिकारिक उद्घाटन करने पहुंचे सीएम योगी ने जनसभा को संबोधित करते हुए साफ शब्दों में कहा कि वैसे तो इंसान का सच्चा धर्म अहिंसा ही होना चाहिए, लेकिन अगर सामने वाला देश या समाज की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन जाए, तो उसके खिलाफ अहिंसा नहीं बल्कि हिंसा का ही रास्ता अपनाना पड़ता है। शनिवार को हुए इस गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव रखना हर भारतीय नागरिक का परम कर्तव्य है। उन्होंने इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि जब तक किसी राज्य या देश में पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर वातावरण नहीं होता, तब तक वहां बड़े पैमाने पर निवेश और विकास को बढ़ावा देना नामुमकिन है। यह महत्वपूर्ण परियोजना रक्षा मंत्रालय के सहयोग और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी की पूरी टीम के सक्रिय प्रयासों के चलते तय समय सीमा के भीतर पूरी की गई है।

CM Yogi: देश और समाज के दुश्मनों के खिलाफ कड़ा रुख जरूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में अहिंसा और हिंसा के बीच के बारीक अंतर को बेहद तार्किक ढंग से स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कोई भी सभ्य समाज हमेशा शांति और सौहार्द की राह पर ही चलना पसंद करता है और हर नागरिक के लिए अहिंसा का पालन करना ही सबसे बड़ा मानवीय धर्म है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा व्यावहारिक पहलू सामने रखा।

सीएम योगी ने जोर देते हुए कहा कि यदि कोई राष्ट्रविरोधी तत्व, अपराधी या बाहरी दुश्मन हमारे देश की संप्रभुता और समाज के ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, तो वहां केवल शांति की बात करने से काम नहीं चलता। ऐसी असाधारण और खतरनाक स्थितियों में समाज की रक्षा के लिए अपराधियों और दुश्मनों के खिलाफ पूरी ताकत से बल प्रयोग करना यानी हिंसा का रास्ता अपनाना ही अंतिम और सही विकल्प बन जाता है।

2017 से पहले के उत्तर प्रदेश को लेकर पिछली व्यवस्था पर साधा निशाना

अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साल 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की शासन व्यवस्था का विशेष तौर पर उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस दौर में प्रदेश के भीतर कानून-व्यवस्था की स्थिति अत्यंत चुनौतीपूर्ण और दयनीय बनी हुई थी। आए दिन राज्य के विभिन्न जिलों में दंगे और कर्फ्यू जैसी गंभीर स्थितियां उत्पन्न हो जाती थीं, जिससे आम नागरिकों का सामान्य जीवन पूरी तरह पटरी से उतर जाता था।

उन्होंने कहा कि 2017 से पहले पेशेवर माफियाओं, बाहुबलियों और बड़े अपराधियों का प्रभाव सीधे तौर पर सरकारी व्यवस्थाओं और प्रशासनिक फैसलों पर दिखाई देता था। ऐसे भय और अराजकता के माहौल में कोई भी बड़ा उद्योगपति उत्तर प्रदेश में पूंजी निवेश करने का साहस नहीं जुटा पाता था, जिसके कारण राज्य में विकास की गति पूरी तरह थम गई थी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी समाप्त हो चुके थे।

सुरक्षा और स्थिरता ही बनती है बड़े निवेश और विकास की आधारशिला

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश की छवि में एक बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। जब किसी भी राज्य में अपराधियों पर नकेल कसी जाती है और आम जनता के साथ-साथ व्यापारियों को एक सुरक्षित और भयमुक्त माहौल मिलता है, तभी उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए-नए रास्ते खुलते हैं। आज का उत्तर प्रदेश इसी सुरक्षा और स्थिरता के मॉडल पर आगे बढ़ रहा है।

सैनिकों के प्रति कृतज्ञता पर सीएम का संदेश

“हमारे देश के वीर सैनिक सीमाओं पर अत्यधिक कठिन परिस्थितियों में रहकर भी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। उनकी इसी मुस्तैदी और शहादत की वजह से देश के करोड़ों नागरिक अपने घरों में पूरी तरह सुरक्षित और चैन का जीवन जी पाते हैं। इसलिए पूरे समाज का यह नैतिक दायित्व बनता है कि वह अपने सशस्त्र बलों और जांबाज सैनिकों के प्रति हमेशा सम्मान और कृतज्ञता का भाव बनाए रखे।”

रक्षा मंत्रालय और भारतीय नौसेना के अंतर्विभागीय समन्वय की सराहना

लखनऊ में स्थापित की गई इस अनूठी नौसेना वाटिका और नौसेना म्यूजियम की पृष्ठभूमि की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नई पीढ़ी को भारतीय सेना और विशेषकर नौसेना के शानदार इतिहास व उनके अद्वितीय योगदान से परिचित कराना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी दूरदर्शी सोच के साथ राज्य सरकार ने लखनऊ में इस म्यूजियम की स्थापना का प्रस्ताव तैयार किया था।

उन्होंने इस भव्य परियोजना को समय पर साकार करने के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्रालय और भारतीय नौसेना का विशेष तौर पर आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि देश के रक्षा मंत्री की निरंतर प्रेरणा और सहयोग के कारण ही यह कार्य संभव हो पाया है। इसके साथ ही नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और उनकी पूरी तकनीकी टीम ने उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर अद्भुत समन्वय स्थापित किया, जिसके परिणामस्वरूप यह प्रोजेक्ट बिना किसी देरी के अपनी तय समय सीमा के भीतर पूरा हो सका।

CM Yogi: युवाओं और छात्रों के लिए देशभक्ति का बड़ा केंद्र बनेगा यह म्यूजियम

सीएम योगी ने अपने संबोधन के समापन में कहा कि लखनऊ में बना यह अत्याधुनिक नौसेना म्यूजियम केवल एक साधारण दर्शनीय या पर्यटन स्थल नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय में देश के युवाओं और छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा का एक बहुत बड़ा जीवंत केंद्र साबित होगा। यहां आने वाले लोग भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास, उसके अदम्य शौर्य, पराक्रम और राष्ट्र निर्माण में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को बेहद करीब से देख और समझ सकेंगे।

म्यूजियम की प्रदर्शनी को देखकर नई पीढ़ी के युवाओं के भीतर देशभक्ति की भावना और ज्यादा मजबूत होगी, जिससे वे भविष्य में देश की सशस्त्र सेनाओं में शामिल होकर राष्ट्र सेवा करने के प्रति अधिक जागरूक और प्रेरित होंगे। कार्यक्रम में उपस्थित तमाम आला सैन्य अधिकारियों और गणमान्य हस्तियों ने भी उत्तर प्रदेश सरकार की इस बेहतरीन पहल की जमकर सराहना की और कहा कि यह ऐतिहासिक कदम रक्षा क्षेत्र के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। उद्घाटन के पहले ही दिन से यह म्यूजियम स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बन गया है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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