PM Surya Ghar Yojana: उत्तर प्रदेश ने सौर ऊर्जा (Solar Energy) के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। नई दिल्ली में आयोजित ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ पुरस्कार समारोह में यूपी का जलवा देखने को मिला। केंद्र सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित इस इवेंट में यूपी को अलग-अलग कैटेगरीज में चार राष्ट्रीय प्रथम पुरस्कारों से नवाजा गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब देश में सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा हब बनकर उभर रहा है, जहां अब तक 5.64 लाख से अधिक घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं।
PM Surya Ghar Yojana: क्या है पूरी खबर और यूपी को क्यों मिले अवॉर्ड्स?
दरअसल, केंद्र सरकार देश में रिन्यूएबल एनर्जी यानी स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी सिलसिले में नई दिल्ली में एक बड़े नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी का आयोजन किया गया था। इस समारोह में मई 2026 के आंकड़ों के आधार पर राज्यों के कामकाज की समीक्षा की गई।
उत्तर प्रदेश ने ‘सौर ऊर्जा माह’ (मई 2026) के दौरान हाई-लेवल कंज्यूमर बेस कैटेगरी में पूरे देश में बाजी मार ली। राज्य ने सबसे ज्यादा कंज्यूमर एप्लीकेशन, सबसे ज्यादा सोलर प्लांट इंस्टॉलेशन और सबसे ज्यादा वेंडर रजिस्ट्रेशन कराकर पहला स्थान हासिल किया है।
इन 4 कैटेगरीज में उत्तर प्रदेश रहा नंबर वन
उत्तर प्रदेश ने इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए काफी तेजी से काम किया है। मंत्रालय की तरफ से जारी की गई लिस्ट के मुताबिक, यूपी को जिन मुख्य कैटेगरीज में पहला स्थान मिला है, वे इस प्रकार हैं:
- सबसे ज्यादा उपभोक्ता आवेदन: राज्य में रिकॉर्ड 1,02,035 नए उपभोक्ताओं ने सोलर पैनल के लिए अप्लाई किया।
- सर्वाधिक सौर संयंत्र स्थापना: मई महीने के भीतर रिकॉर्ड 64,734 घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप लगाए गए।
- सबसे बड़ा वेंडर नेटवर्क: योजना को आसान बनाने के लिए यूपी में सबसे ज्यादा 779 नए वेंडर्स का रजिस्ट्रेशन हुआ।
- जिलों में लखनऊ अव्वल: यूपी की राजधानी लखनऊ ने अकेले 1 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर इंस्टॉल करके देश के सभी शहरों को पीछे छोड़ दिया।
इसके साथ ही, डिस्कॉम (Discom) इंस्पेक्शन यानी बिजली वितरण कंपनियों के स्तर पर होने वाली जांच और एक्टिवनेस की कैटेगरी में भी उत्तर प्रदेश को देश भर में दूसरा स्थान मिला है।
लाखों परिवारों का बिजली बिल हुआ कम, बढ़ रही है बचत
इस योजना के लागू होने से उत्तर प्रदेश के लाखों परिवारों को सीधा फायदा पहुंच रहा है। छतों पर सोलर पैनल लग जाने से घरों का बिजली बिल या तो बिल्कुल जीरो हो गया है या फिर उसमें भारी कमी आई है।
उत्तर प्रदेश के लाखों परिवार अब अपनी जरूरत की बिजली खुद अपने घर की छत पर बना रहे हैं। इससे मिडिल क्लास और गरीब परिवारों की घरेलू बचत बढ़ रही है। साथ ही लोग बिजली के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो रहे हैं।
कैसे मिली यूपी को इतनी बड़ी कामयाबी?
यूपी सरकार ने इस योजना को सफल बनाने के लिए एक खास स्ट्रेटजी पर काम किया है। राज्य में विकेन्द्रीकृत क्रियान्वयन (Decentralized Execution) और सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग मॉडल को अपनाया गया। इसका मतलब है कि काम जमीनी स्तर पर हर जिले में तेजी से हुआ, लेकिन उसकी कड़क निगरानी सीधे लखनऊ मुख्यालय से की गई।
जिला स्तर पर जिलाधिकारियों और बिजली विभाग के बीच बेहतर तालमेल बिठाया गया। इसके अलावा, राज्य भर में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए गए, जिससे आम जनता को इस योजना के फायदों के बारे में पता चला और यह सरकारी योजना एक जन-आंदोलन में बदल गई।
PM Surya Ghar Yojana: विकसित और आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम
ऊर्जा सुरक्षा को देश की सुरक्षा का एक अहम हिस्सा माना जाता है। नई दिल्ली में मिला यह नेशनल अवॉर्ड इस बात का सबूत है कि उत्तर प्रदेश अब क्लीन एनर्जी (स्वच्छ ऊर्जा) के मामले में देश की अगुवाई कर रहा है। सौर ऊर्जा का यह बढ़ता दायरा न केवल पर्यावरण को फायदा पहुंचा रहा है, बल्कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को भी मजबूत कर रहा है।
Read More Here:-
- Anupama: राहि के एक फैसले से शाह परिवार में आया भूचाल, अनुपमा के फोन ने पलटी बाजी!
- Pregnancy Health Tips: प्रेग्नेंसी में पेशाब से जुड़े ये 5 संकेत हो सकते हैं खतरनाक, लापरवाही से बढ़ सकता है प्रीटर्म डिलीवरी का खतरा
- Numerology: गजब के सलाहकार होते हैं इन 3 मूलांक के लोग, बड़ी से बड़ी मुश्किल का चुटकियों में निकाल लेते हैं हल
- Numerology Tips: बेटे के लिए नहीं मिल रहा अच्छा रिश्ता? इन तारीखों पर जन्मी लड़कियां बनती हैं परफेक्ट बहू



