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Ritu Jaiswal Joining BJP: बिहार की राजनीति में बड़ा भूचाल, आरजेडी की तेज-तर्रार नेता रितु जायसवाल जल्द थामेंगी बीजेपी का दामन

Ritu Jaiswal Joining BJP: बिहार के सियासी गलियारों में एक बार फिर बहुत बड़ा उलटफेर होने के संकेत मिल रहे हैं क्योंकि राष्ट्रीय जनता दल की बेहद चर्चित और प्रखर महिला नेता रितु जायसवाल अब भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की पूरी तैयारी कर चुकी हैं। बिहार में सत्ता संभालने के बाद भाजपा अब पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को एक और तगड़ा राजनीतिक झटका देने की रणनीति पर काम कर रही है जिसके तहत आरजेडी की पूर्व महिला विंग अध्यक्ष को पाला बदलवाया जा रहा है। अपने बयानों से कभी भाजपा को कटघरे में खड़ा करने वाली ‘मुखिया दीदी’ के नाम से मशहूर रितु जायसवाल ने खुद भगवा दल में जाने के स्पष्ट संकेत दिए हैं जिससे सूबे की विपक्षी राजनीति में भारी खलबली मच गई है।

रितु जायसवाल की बीजेपी एंट्री को लेकर सियासी हलचल तेज

बिहार के राजनीतिक हलकों से आ रही ताजा रिपोर्टों के अनुसार रितु जायसवाल बहुत जल्द पटना स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित होने वाले एक भव्य मिलन समारोह के दौरान आधिकारिक रूप से बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करेंगी। पटना के सियासी सूत्रों का दावा है कि दिल्ली और बिहार भाजपा के बेहद वरिष्ठ नेताओं के साथ रितु जायसवाल की कई दौर की गोपनीय बातचीत पूरी हो चुकी है और अब सिर्फ औपचारिकताएं बाकी हैं।

इस संभावित दलबदल की भनक लगते ही पटना के वीरचंद पटेल पथ पर स्थित दोनों पार्टियों के दफ्तरों में प्रशासनिक और राजनीतिक सरगर्मियां काफी तेज देखी जा रही हैं। सोशल मीडिया पर भी रितु जायसवाल के पुराने भाषण और उनकी तस्वीरें जमकर वायरल हो रही हैं जिससे दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। भाजपा के स्थानीय रणनीतिकारों का मानना है कि उनके आने से तिरहुत संभाग में पार्टी की महिला विंग और सामाजिक समीकरणों को एक नई ताकत मिलेगी।

क्या है ‘मुखिया दीदी’ का पुराना बैकग्राउंड और राजनीतिक सफर

बिहार के हाजीपुर में 1 मार्च 1977 को जन्मी रितु जायसवाल की गिनती राज्य की सबसे पढ़ी-लिखी और जमीनी महिला नेताओं में की जाती है जिन्होंने वैशाली महिला कॉलेज से कला स्नातक की डिग्री हासिल की है। राजनीति की मुख्यधारा में कदम रखने से पहले वे एक प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता थीं और उन्होंने सीतामढ़ी जिले की सिंहवाहिनी ग्राम पंचायत की मुखिया रहते हुए पूरे देश में अपनी एक अमिट पहचान बनाई थी।

मुखिया के रूप में गांव की सड़कों, शिक्षा व्यवस्था, स्वच्छता अभियानों, स्वास्थ्य सेवाओं और महिला सशक्तीकरण के लिए किए गए उनके शानदार कार्यों के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनकी इसी लोकप्रियता को देखते हुए राष्ट्रीय जनता दल ने उन्हें अपनी महिला विंग का प्रदेश अध्यक्ष बनाया था और साल 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें शिवहर संसदीय सीट से अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया था।

रितु जायसवाल के पाला बदलने का तेजस्वी यादव और आरजेडी पर क्या प्रभाव पड़ेगा

रितु जायसवाल का राष्ट्रीय जनता दल से अलग होना नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने के दावों के लिए एक बहुत बड़ा झटका साबित होने वाला है। दरअसल साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान परिहार विधानसभा सीट से टिकट कटने के बाद रितु जायसवाल ने बगावती तेवर अपनाते हुए वहां से निर्दलीय चुनाव लड़ा था।

पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के इसी कृत्य के कारण राष्ट्रीय जनता दल नेतृत्व ने उन्हें छह वर्षों के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था। इस निष्कासन के बाद से ही वे लगातार आरजेडी के शीर्ष नेतृत्व से नाराज चल रही थीं और अब उनके बीजेपी में जाने से सीतामढ़ी, शिवहर और आसपास के दर्जनों जिलों में आरजेडी के समर्पित महिला कार्यकर्ताओं और अतिपिछड़ा वर्ग के मतदाताओं के बीच बिखराव होना पूरी तरह तय माना जा रहा है।

बिहार के राजनीतिक विश्लेषकों का इस दलबदल पर एनालिसिस

बिहार की राजनीति को बेहद करीब से देखने वाले वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषकों और चुनाव समीक्षकों का मानना है कि भाजपा की यह चाल आरजेडी के कोर वोट बैंक में सेंध लगाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। विश्लेषकों के मुताबिक भाजपा पिछले कुछ समय से लगातार गैर-यादव ओबीसी और प्रखर महिला चेहरों की तलाश में थी जिसमें रितु जायसवाल पूरी तरह फिट बैठती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि रितु जायसवाल जैसी सोशल मीडिया पर सक्रिय और तार्किक महिला नेता के आने से बीजेपी को टीवी डिबेट्स से लेकर चुनावी रैलियों तक में आरजेडी को घेरने के लिए एक मजबूत हथियार मिल जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार तेजस्वी यादव के लिए अपनी पार्टी के पुराने और कद्दावर बागी नेताओं को संभाल न पाना एक बड़ी संगठनात्मक कमजोरी को दर्शाता है जो आगामी चुनावों में उनकी सीटों की संख्या को प्रभावित कर सकता है।

Ritu Jaiswal Joining BJP: आगामी दिनों में बिहार की सियासत में आगे क्या होने की उम्मीद है

रितु जायसवाल की ज्वाइनिंग के बाद बिहार भाजपा की प्रदेश इकाई मिथिलांचल और तिरहुत के सीमावर्ती इलाकों में कई बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों का आयोजन करने की रूपरेखा तैयार कर रही है। आने वाले हफ्तों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या परिहार और शिवहर क्षेत्र के उनके सैकड़ों समर्थक भी उनके साथ सामूहिक रूप से भाजपा की सदस्यता लेते हैं या नहीं।

दूसरी तरफ इस बड़े डैमेज कंट्रोल के लिए राष्ट्रीय जनता दल भी अब सीतामढ़ी क्षेत्र में किसी नए और युवा महिला चेहरे को प्रमोट करने की तैयारी में जुट गया है ताकि रितु के जाने से पैदा हुए खालीपन को भरा जा सके। बिहार की सत्ता पर काबिज होने के बाद भाजपा जिस आक्रामक अंदाज में विपक्षी कुनबे के बड़े चेहरों को अपने पाले में ला रही है उससे यह साफ संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में कुछ अन्य बागी विधायक भी पाला बदल सकते हैं।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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