
Health News: रेबीज एक खतरनाक बीमारी है, जो जानवरों के काटने से इंसानों में फैल सकती है। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि रेबीज का खतरा सिर्फ कुत्तों से होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। कई अन्य जानवर भी इस बीमारी को फैला सकते हैं। आइए जानते हैं, कौन-कौन से जानवर हैं, जिनसे रेबीज का खतरा हो सकता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
इन जानवरों से रहें सावधान

रेबीज वायरस आमतौर पर जानवरों के काटने से फैलता है। कुत्तों के अलावा, बिल्ली, चमगादड़, बंदर, लोमड़ी, सियार, भेड़िया, गाय, भैंस, सुअर, और गधा जैसे जानवर भी रेबीज फैला सकते हैं। खासकर आवारा कुत्ते और बिल्लियाँ, जो टीकाकरण से वंचित हैं, इनसे खतरा ज्यादा होता है। चमगादड़ भी रेबीज के बड़े वाहक हैं, क्योंकि उनके काटने का पता आसानी से नहीं चलता। इसके अलावा, जंगली जानवर जैसे लोमड़ी और सियार भी इस बीमारी को फैला सकते हैं।
रेबीज से बचाव के आसान उपाय
रेबीज से बचने के लिए कुछ साधारण कदम उठाए जा सकते हैं। अगर कोई जानवर काट ले, तो तुरंत घाव को साबुन और पानी से अच्छे से धोएं। इसके बाद, बिना देर किए डॉक्टर के पास जाएं और रेबीज का टीका लगवाएँ। पालतू जानवरों को नियमित रूप से रेबीज का टीका लगवाना जरूरी है। साथ ही, जंगली या आवारा जानवरों से दूरी बनाए रखें।
जागरूकता है जरूरी
रेबीज एक घातक बीमारी है, लेकिन सही समय पर इलाज से इसे रोका जा सकता है। ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी के कारण लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं। इसलिए, यह जरूरी है कि लोग रेबीज के लक्षणों और बचाव के तरीकों को समझें। अगर आपको कोई जानवर काटे, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।