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Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: सावन में शिवलिंग की पूजा कैसे करें, जानें जरूरी सामग्री और आसान विधि

Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: सावन का महीना शुरू होते ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगती है। इस महीने में शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त नियम से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और मानते हैं कि पूरे सावन महीने पूजन करने वाले पर महादेव की विशेष कृपा बरसती है। आइए जानते हैं सावन में शिवलिंग की पूजा कैसे करनी चाहिए और क्या सामग्री चढ़ानी चाहिए।

Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: अभिषेक के लिए जरूरी सामग्री

शिवलिंग के अभिषेक के लिए शुद्ध जल, गंगाजल, कच्चा दूध, दही, देसी घी, शहद, शक्कर और गन्ने का रस इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर सभी सामग्री उपलब्ध न हो तो सिर्फ जल से भी अभिषेक किया जा सकता है। शुद्ध भावना के साथ किया गया जलाभिषेक भी शुभ माना जाता है।

पूजन सामग्री की सूची

पूजन के लिए बेलपत्र कम से कम तीन या ग्यारह, धतूरा एक या दो, भांग के पत्ते, शमी के पत्ते, आंकड़े के फूल, सफेद चंदन, भस्म और अक्षत रखें। इसके अलावा धूप, दीप, फल या मिठाई भी अर्पित की जा सकती है। बेलपत्र शिव जी को सबसे प्रिय माना जाता है।

पूजा की आसान विधि

शिवलिंग की पूजा के लिए सुबह का समय सबसे उत्तम माना जाता है। अगर सुबह समय न हो तो शाम को भी अभिषेक किया जा सकता है। सबसे पहले तांबे के लोटे से शिवलिंग पर जल और गंगाजल अर्पित करें। इसके बाद पंचामृत यानी दूध, दही, घी, शहद और शक्कर चढ़ा सकते हैं। दूध, दही या पंचामृत चढ़ाने के बाद जल जरूर चढ़ाएं।

अभिषेक के दौरान जाप

अभिषेक करते समय मन ही मन लगातार ॐ नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते रहें। इससे पूजा का प्रभाव बढ़ता माना जाता है। घर पर अभिषेक कर रहे हों तो शिवलिंग को साफ कपड़े से पोंछ लें। फिर सफेद चंदन और भस्म से त्रिपुंड लगाएं तथा अक्षत अर्पित करें।

सामग्री अर्पित करने का तरीका

इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र, इत्र और आंकड़े के फूल आदि सामग्री शिवलिंग पर अर्पित करें। अगर सभी सामग्री नहीं है तो सिर्फ बेलपत्र भी चढ़ा सकते हैं। फिर भोग लगाएं और धूप-दीपक जलाएं। अंत में शिवजी की आरती करें और जाने-अनजाने में हुई भूल की क्षमा मांगें।

इन गलतियों से बचें

शिवलिंग पर दूध चढ़ाते समय कभी भी तांबे के बर्तन का उपयोग न करें। शिवलिंग पर हल्दी, सिंदूर या कुमकुम न लगाएं। तुलसी के पत्ते भी न चढ़ाएं। शिवलिंग की कभी पूरी परिक्रमा न करें। जहां से शिवलिंग का जल बहकर बाहर निकलता है उसे कभी लांघना नहीं चाहिए। इसी कारण आधी परिक्रमा ही की जाती है।

पूजा का महत्व

मान्यता है कि सावन में विधिवत जलाभिषेक और पूजन करने से महादेव भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। नियमित पूजा से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलने की बात कही जाती है। भक्ति भाव सबसे महत्वपूर्ण है।

सावधानी और आस्था

ये सभी बातें धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। पूजा करते समय स्वच्छता और श्रद्धा बनाए रखें। मंदिर या घर दोनों जगह नियम का पालन करना बेहतर माना जाता है।

सावन में शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्व है। शुद्ध जल, गंगाजल, पंचामृत से अभिषेक करें और बेलपत्र, धतूरा जैसी सामग्री अर्पित करें। ॐ नमः शिवाय का जाप करते हुए पूजा करें। हल्दी, सिंदूर, तुलसी और पूरी परिक्रमा से बचें। सुबह या शाम दोनों समय पूजा की जा सकती है। श्रद्धा और विधि के साथ की गई पूजा से महादेव की कृपा मिलने की मान्यता है।

Birbhum: बालू माफिया के करीबी मोनिर के घर छापा, 15 किलो सोना और 5.5 करोड़ कैश जब्त

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Birbhum| 29 जुलाई 2026: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने बालू माफिया पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चर्चित कारोबारी के करीबी के घर से करोड़ों की संपत्ति बरामद की है। छापेमारी में 15 किलो सोना और 5.5 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए हैं।

मोनिर मंडल और टुलू मंडल.

देउचा में तड़के पड़ी रेड, 5 मशीनों से गिने गए नोट

बुधवार तड़के मोहम्मद बाजार थाना क्षेत्र के देउचा बस स्टैंड के पास पत्थर कारोबारी टुलू मंडल के करीबी और रिश्तेदार मोनिर मंडल के आलीशान घर पर पुलिस ने छापा मारा।

स्थानीय लोगों के अनुसार पूरे घर को पुलिस बल ने चारों ओर से घेर लिया था। अलमारियों से नकदी के बंडल मिले। नोट गिनने के लिए 5 काउंटिंग मशीनें और दस्तावेजों के लिए 2 प्रिंटर मंगाने पड़े। जब्त सामान ले जाने के लिए 2 बड़े लोहे के ट्रंक इस्तेमाल किए गए।

मोनिर के घर से बरामद सोना.

 22 करोड़ का सोना और 20 करोड़ कैश का दावा

आधिकारिक तौर पर पुलिस ने 15 किलो सोना और 5.5 करोड़ कैश जब्त करने की पुष्टि की है। हालांकि सूत्रों का दावा है कि छापेमारी में लगभग 22 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और 20 करोड़ से अधिक नकदी मिली है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नकदी और सोना किसका है और इसका स्रोत क्या है।

सरकारी बस चालक से बना ‘करोड़पति’

जानकारी के अनुसार मोनिर उर्फ मिनार मंडल पहले सरकारी बस चालक थे। बाद में नौकरी छोड़कर टुलू मंडल के पत्थर और बालू कारोबार से जुड़ गए।
कुछ ही वर्षों में उन्होंने अकूत संपत्ति बनाई और आलीशान मकान खड़ा किया। टुलू मंडल का नाम पहले भी बीरभूम में अवैध पत्थर और बालू खनन से जुड़ता रहा है। सरकार बदलने के बाद उनके कई ठिकानों पर छापेमारी हो चुकी है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की पुलिस की सराहना

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ‘X’ पर पुलिस की कार्रवाई की सराहना की।

उन्होंने कहा:“खुफिया जानकारी के आधार पर मोहम्मद बाजार में की गई यह छापेमारी सराहनीय है। अवैध रूप से जमा की गई संपत्ति बरामद हुई है। भ्रष्टाचार और संगठित अपराध के खिलाफ हमारी सरकार की कार्रवाई जारी रहेगी।”

शुभेंदु ने आगे कहा:“जिसने सार्वजनिक संसाधनों का दोहन और तत्कालीन सत्तारूढ़ दल के साथ सांठगांठ करके अवैध संपत्ति बनाई है, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने इस सफल अभियान के लिए DGP, बीरभूम SP और जिला पुलिस को भी बधाई दी।

 

मोनिर के घर के बाहर सुरक्षा में तैनात जवान और जब्त की गयी चीजें ले जाने के लिए मंगायी गयी बड़ी पेटी.

 जांच जारी

फिलहाल पुलिस टुलू मंडल से जुड़े आर्थिक लेन-देन और अन्य कारोबारी गतिविधियों की जांच कर रही है। जब्त दस्तावेजों की जांच के बाद और खुलासे होने की संभावना है।

OnePlus N6x की पहली सेल 4 अगस्त से, 7000mAh बैटरी वाला फोन लॉन्च से पहले मचा रहा धूम

OnePlus N6x: अगर आप ऐसा स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं जिसकी बैटरी बार-बार चार्ज करने की जरूरत न पड़े तो OnePlus का नया मॉडल OnePlus N6x आपके लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। कंपनी ने OnePlus N6x की लॉन्च और सेल डेट का ऐलान कर दिया है। लॉन्च से पहले ही कंपनी ने फोन के कई अहम फीचर्स कन्फर्म कर दिए हैं। 7000mAh की बड़ी बैटरी, 120Hz डिस्प्ले और एआई फोटो एडिटिंग टूल्स के साथ यह फोन उन यूजर्स को टारगेट करेगा जो लंबे बैटरी बैकअप और बेहतर रोजमर्रा के अनुभव की तलाश में हैं।

OnePlus N6x: कब होगी लॉन्च और सेल?

OnePlus अपने नए मॉडल OnePlus N6x को भारत में 31 जुलाई 2026 को दोपहर 12 बजे लॉन्च करने वाली है। वहीं इसकी पहली सेल 4 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे से Amazon और OnePlus India की आधिकारिक वेबसाइट पर शुरू होगी। लॉन्च इवेंट में कीमत, प्रोसेसर और कैमरा समेत बाकी स्पेसिफिकेशन्स का खुलासा होने की उम्मीद है। सेल शुरू होने के बाद शुरुआती ऑफर्स और एक्सचेंज डील भी देखने को मिल सकते हैं।

7000mAh बैटरी का दमदार बैकअप

OnePlus N6x की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7000mAh की बड़ी बैटरी होगी। कंपनी का दावा है कि यह फोन एक बार फुल चार्ज करने पर ढाई दिन तक चल सकता है। कंपनी के मुताबिक इस बैटरी के साथ यूजर्स को 20.56 घंटे तक वीडियो प्लेबैक, 133.56 घंटे तक म्यूजिक प्लेबैक, 25.04 घंटे तक सोशल मीडिया ब्राउजिंग और 11.26 घंटे तक लगातार वीडियो रिकॉर्डिंग का बैकअप मिल सकता है। ये आंकड़े कंपनी की इंटरनल टेस्टिंग पर आधारित हैं लेकिन इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि फोन लंबे समय तक इस्तेमाल करने वालों के लिए सुविधाजनक रहेगा।

120Hz डिस्प्ले और स्मूथ अनुभव

OnePlus ने कन्फर्म किया है कि N6x में फ्लैट डिस्प्ले मिलेगा जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। उच्च रिफ्रेश रेट से स्क्रॉलिंग और गेमिंग का अनुभव ज्यादा स्मूथ रहता है। रोजमर्रा के काम जैसे सोशल मीडिया ब्राउजिंग और वीडियो देखने में भी अंतर साफ महसूस होता है। फ्लैट डिस्प्ले डिजाइन को कई यूजर्स पसंद करते हैं क्योंकि यह इस्तेमाल में सुविधाजनक रहता है।

एआई फोटो एडिटिंग फीचर्स

फोन में कई एआई बेस्ड फोटो एडिटिंग फीचर्स दिए जाएंगे। कम रोशनी में चेहरे को बेहतर बनाने के लिए एआई पोर्ट्रेट ग्लो, फोटो से अनचाहे ऑब्जेक्ट हटाने के लिए एआई इरेजर और धुंधली तस्वीरों को ज्यादा शार्प बनाने के लिए एआई अनब्लर जैसे फीचर्स शामिल हैं। ये सभी फीचर्स सीधे फोन में ही काम करेंगे जिससे अलग ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। फोटोग्राफी में रुचि रखने वाले यूजर्स के लिए ये टूल्स उपयोगी साबित हो सकते हैं।

अभी नहीं खुलासा हुए फीचर्स

फिलहाल कंपनी ने OnePlus N6x के प्रोसेसर, कैमरा सेटअप, चार्जिंग स्पीड और कीमत का खुलासा नहीं किया है। चार्जिंग स्पीड पर खास नजर रहेगी क्योंकि पिछले मॉडल OnePlus N6 में 45W फास्ट चार्जिंग मिलती थी। अगर N6x में भी इतनी या उससे बेहतर फास्ट चार्जिंग दी जाती है तो बड़ी बैटरी के बावजूद चार्जिंग अनुभव अच्छा रह सकता है। प्रोसेसर और कैमरा की डिटेल लॉन्च के दिन पता चलेगी।

बड़ी बैटरी का बढ़ता ट्रेंड

पिछले कुछ समय में स्मार्टफोन कंपनियां बड़ी बैटरी वाले फोन लॉन्च करने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। नई सिलिकॉन-कार्बन बैटरी टेक्नोलॉजी की मदद से अब कंपनियां बिना फोन को ज्यादा मोटा किए 7000mAh और उससे बड़ी बैटरी देने में सफल हो रही हैं। यूजर्स की मांग भी लंबे बैटरी बैकअप की ओर शिफ्ट हो रही है। OnePlus N6x इसी ट्रेंड को फॉलो करता नजर आ रहा है।

किन्हें सूट करेगा यह फोन?

जो लोग दिन भर फोन का भारी इस्तेमाल करते हैं, बार-बार चार्जर ढूंढने से परेशान रहते हैं या यात्रा के दौरान पावर बैंक पर निर्भर नहीं रहना चाहते उनके लिए OnePlus N6x अच्छा विकल्प बन सकता है। सोशल मीडिया, वीडियो स्ट्रीमिंग और कैजुअल गेमिंग करने वाले यूजर्स को बैटरी बैकअप से राहत मिलेगी। एआई एडिटिंग टूल्स फोटो सुधारने में मदद करेंगे।

खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अगर आपकी प्राथमिकता लंबी बैटरी लाइफ है तो OnePlus N6x पर विचार किया जा सकता है। हालांकि खरीदारी का फैसला लेने से पहले इसके प्रोसेसर, कैमरा क्वालिटी, चार्जिंग स्पीड, सॉफ्टवेयर सपोर्ट और कीमत का इंतजार करना बेहतर होगा। इन्हीं बातों से तय होगा कि यह फोन अपने सेगमेंट में कितना वैल्यू फॉर मनी साबित होता है। लॉन्च के बाद रिव्यू और यूजर फीडबैक भी देखने चाहिए।

सेल के दौरान क्या उम्मीद करें?

4 अगस्त को पहली सेल शुरू होने पर Amazon और OnePlus की वेबसाइट पर ऑफर्स देखने को मिल सकते हैं। एक्सचेंज ऑफर, बैंक डिस्काउंट या शुरुआती बंडल्स का लाभ उठाया जा सकता है। स्टॉक सीमित हो सकता है इसलिए पसंद आने पर जल्दी ऑर्डर करना फायदेमंद रहेगा। लॉन्च इवेंट में दी गई जानकारी के आधार पर ही अंतिम फैसला लें।

बाजार में प्रतिस्पर्धा

बड़ी बैटरी वाले फोन के सेगमेंट में कई ब्रांड्स सक्रिय हैं। OnePlus को अपनी ब्रांड वैल्यू, सॉफ्टवेयर अनुभव और बिल्ड क्वालिटी के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी। अगर कीमत प्रतिस्पर्धी रखी गई और परफॉर्मेंस संतुलित रही तो N6x को अच्छी प्रतिक्रिया मिल सकती है। कैमरा और प्रोसेसर की डिटेल आने के बाद ही इसकी असली तस्वीर साफ होगी।

OnePlus N6x 31 जुलाई को लॉन्च होगा और 4 अगस्त से Amazon व OnePlus वेबसाइट पर पहली सेल शुरू होगी। 7000mAh बैटरी, 120Hz फ्लैट डिस्प्ले और ऑन-डिवाइस एआई फोटो एडिटिंग फीचर्स इसकी मुख्य खासियत हैं। कंपनी का दावा है कि फोन ढाई दिन तक चल सकता है। प्रोसेसर, कैमरा, चार्जिंग स्पीड और कीमत का खुलासा लॉन्च के दिन होगा। लंबी बैटरी लाइफ चाहने वाले यूजर्स के लिए यह फोन आकर्षक विकल्प बन सकता है। खरीदारी से पहले पूरी स्पेसिफिकेशन्स और कीमत का इंतजार करें।

UP Election 2027: बसपा का मिशन-2027 शुरू, आकाश आनंद संभालेंगे चुनावी कमान, 10 अगस्त से सादाबाद में आगाज

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को चुनावी अभियान का प्रमुख चेहरा बनाते हुए मैदान में उतारने का फैसला किया है। आकाश आनंद 10 अगस्त को हाथरस जिले की सादाबाद विधानसभा से चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे। इसे बसपा के मिशन-2027 की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है।

UP Election 2027: सादाबाद से होगा आगाज

पार्टी कार्यक्रम के अनुसार आकाश आनंद सादाबाद पहुंचकर विधानसभा प्रभारी के नाम की घोषणा करेंगे। इसके बाद वह कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करेंगे। बसपा की रणनीति विधानसभा स्तर पर संगठन को मजबूत करने और बूथ तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की है। इसी क्रम में प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से विधानसभा प्रभारियों की घोषणा की जाएगी।

संगठन में नई ऊर्जा की कोशिश

बसपा नेतृत्व का मानना है कि 2007 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद पार्टी लगातार चुनावी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले संगठन को फिर से मजबूत करने और अपने पारंपरिक वोट बैंक को एकजुट करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पार्टी को उम्मीद है कि आकाश आनंद के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा।

अविन शर्मा के नाम की संभावना

पार्टी सूत्रों के अनुसार 10 अगस्त को सादाबाद विधानसभा प्रभारी के रूप में अविन शर्मा के नाम की घोषणा की जा सकती है। बसपा की परंपरा रही है कि पहले विधानसभा प्रभारी घोषित किए जाते हैं और चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद उन्हें आधिकारिक प्रत्याशी बनाया जाता है।

25 अगस्त को जेवर में बड़ी जनसभा

सादाबाद के बाद आकाश आनंद 25 अगस्त को गौतमबुद्ध नगर के जेवर में प्रस्तावित बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी उनकी जनसभाएं और संगठनात्मक बैठकें आयोजित की जाएंगी। पार्टी का लक्ष्य चुनाव से पहले हर विधानसभा क्षेत्र में संगठन को सक्रिय और मजबूत करना है।

मिशन-2027 पर पूरा फोकस

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बसपा इस बार संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन और पारंपरिक सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। आकाश आनंद की सक्रिय भूमिका को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले महीनों में उनकी प्रदेशभर में लगातार सभाएं और बैठकें होने की संभावना है जिनके जरिए पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने की कोशिश करेगी।

रणनीतिक महत्व

आकाश आनंद को आगे करके पार्टी युवा चेहरा और नई पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही है। साथ ही पारंपरिक वोटरों को फिर से अपने साथ लाने की रणनीति पर काम चल रहा है। विधानसभा स्तर पर प्रभारी नियुक्त कर संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय बनाना पार्टी की प्राथमिकता है।

आगे की राह

10 अगस्त से शुरू होने वाला यह अभियान बसपा के लिए महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। सादाबाद और जेवर की सभाओं से पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की जाएगी। प्रदेशभर में संगठन को मजबूत करने का काम तेज किया जाएगा।

बहुजन समाज पार्टी ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कमर कस ली है। सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद को चुनावी अभियान का चेहरा बनाया है। 10 अगस्त को हाथरस के सादाबाद से अभियान की शुरुआत होगी जहां विधानसभा प्रभारी की घोषणा भी की जा सकती है। 25 अगस्त को जेवर में बड़ी जनसभा प्रस्तावित है। पार्टी संगठन मजबूत करने और पारंपरिक वोट बैंक को एकजुट करने पर जोर दे रही है। यह मिशन-2027 की औपचारिक शुरुआत है।

Kal Ka Mausam 30 July: 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी, 61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं

Kal Ka Mausam 30 July: देश भर में मानसून एक बार फिर से बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर चुका है, जिसके चलते मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD की ताजा चेतावनी के अनुसार, अगले कुछ घंटों के भीतर देश के 14 प्रमुख राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। इस दौरान कई संवेदनशील इलाकों में 40 से लेकर 61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। मौसम में आए इस अचानक और बड़े बदलाव को देखते हुए संबंधित राज्य प्रशासनों और आपदा प्रबंधन इकाइयों को पूरी तरह से सतर्क कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

Kal Ka Mausam 30 July: इन 14 राज्यों में जारी किया गया भारी बारिश का हाई अलर्ट

मौसम विभाग के आधिकारिक बुलेटिन के मुताबिक, जिन 14 राज्यों में भारी बारिश का रेड और येलो अलर्ट जारी किया गया है उनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और असम शामिल हैं। इसके अलावा गुजरात, ओडिशा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को भी इस मानसूनी कहर की चपेट में रखा गया है। इन तमाम राज्यों के विभिन्न जिलों में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कई जगहों पर नदियां उफान पर हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि सक्रिय मानसूनी ट्रफ और वायुमंडलीय हलचलों के कारण आने वाले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही और भारी वर्षा का यह सिलसिला बदस्तूर जारी रहेगा।

उत्तर भारत और पहाड़ी राज्यों में मौसम का आक्रामक मिजाज

पहाड़ी राज्यों जैसे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अपने चरम पर हैं, जिससे आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। रुद्रप्रयाग और केदारनाथ धाम के आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते प्रशासन ने विशेष ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन समेत कई जिलों में अचानक बाढ़ आने की गंभीर चेतावनी जारी की है। उधर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में भी आसमान बादलों से घिरा हुआ है और रुक-रुक कर बौछारें पड़ने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में भी झमाझम बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

मध्य और पश्चिमी भारत में तेज हवाओं के साथ झमाझम वर्षा

मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे बड़े राज्यों में भी मौसम की बेरुखी साफ तौर पर देखने को मिल रही है, जहां तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम, हरदा, देवास और धार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है और कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 61 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दूसरी तरफ गुजरात के डांग, तापी और नर्मदा जिलों में भी बादलों का डेरा है और कई निचले इलाकों में पानी भरने की खबरें सामने आ रही हैं। पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के इस अनोखे मेल से पश्चिम भारत के इन इलाकों में उमस भरी गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन तेज हवाओं के कारण यातायात और जनजीवन बाधित हुआ है।

Kal Ka Mausam 30 July: पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में भी मानसूनी सक्रियता

पूर्वोत्तर राज्य असम में बारिश ने पहले से ही तबाही मचा रखी है और कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। तिनसुकिया, सोनितपुर और डिब्रूगढ़ समेत कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है और तेज हवाएं चल रही हैं। इसके विपरीत दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में भी मौसम का मिजाज बदल रहा है और नीलगिरि, कोयंबटूर तथा थेनी जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। तटीय इलाकों में बनने वाले कमजोर ट्रफ के कारण दक्षिण के इन राज्यों में समुद्री हवाओं का प्रभाव तेज हो गया है, जिससे तटीय और अंदरूनी हिस्सों में मध्यम से भारी बौछारें पड़ने का अनुमान है।

Anti Paper Leak Bill Passed: भारी हंगामे के बीच लोकसभा से एंटी पेपर लीक बिल हुआ पास, सरकार ने विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

Anti Paper Leak Bill Passed: देश की संसद में एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़े विधायी कदम के तहत लोकसभा से भारी हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक बिल को आखिरकार पारित कर दिया गया है। देश भर के युवाओं और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लाए गए इस ऐतिहासिक विधेयक पर सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विधेयक के समर्थन में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि यह बिल देश के करोड़ों युवाओं और छात्रों की न्यायसंगत मांगों का सबसे सटीक जवाब है। उन्होंने विपक्षी दलों पर सदन की कार्यवाही को बाधित करने और इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा से ध्यान भटकाने का खुला आरोप भी लगाया है। इस नए कानून के अस्तित्व में आने से प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों पर लगाम लगने की उम्मीद है।

Anti Paper Leak Bill Passed: प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम

सरकारी नौकरियों और विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में लंबे समय से चली आ रही धांधलियों और पेपर लीक की घटनाओं ने देश के युवाओं के भीतर गहरी निराशा पैदा कर दी थी। आए दिन होने वाले पर्चा लीक मामलों के कारण मेहनती और योग्य छात्रों की सालों की मेहनत पर पानी फेर दिया जाता था, जिससे पूरे शिक्षा तंत्र पर सवालिया निशान खड़े होते रहे हैं। सरकार द्वारा लाए गए इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य परीक्षा माफियाओं पर नकेल कसना और पूरी परीक्षा प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

इस विधेयक के माध्यम से उन सभी खामियों को दूर करने का प्रयास किया गया है जिनका फायदा उठाकर अनुचित साधन अपनाने वाले लोग परीक्षा की पवित्रता को ठेस पहुंचाते थे। देश के लाखों परीक्षार्थियों लंबे समय से ऐसे ही किसी सख्त और कड़े कानून की मांग कर रहे थे ताकि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।

संसद के दोनों सदनों में गतिरोध और राजनीतिक बयानबाजी

संसद के इस सत्र के दौरान जब एंटी पेपर लीक बिल को सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा गया, तो माहौल काफी गर्म हो गया। विपक्षी दलों ने सरकार की कार्यप्रणाली और विभिन्न मुद्दों को लेकर सदन के भीतर जमकर हंगामा किया, जिससे कामकाज बार-बार प्रभावित होता रहा। इसके बावजूद सत्ता पक्ष ने अपनी जिद और मजबूत इरादों के साथ इस विधायी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया और बहुमत के आधार पर बिल को लोकसभा से पास कराने में सफलता हासिल की।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के इन विरोध प्रदर्शनों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि जब देश के छात्र एक पारदर्शी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, तब विपक्ष का इस तरह का रवैया पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस तरह की बाधाएं विधेयकों के पारित होने के रास्ते में रुकावट नहीं बन सकती हैं।

Anti Paper Leak Bill Passed: सख्त प्रावधानों और सजा के जरिए अंकुश लगाने की तैयारी

इस नए एंटी पेपर लीक बिल में उन तमाम प्रावधानों को शामिल किया गया है जो परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों की नींद उड़ाने के लिए काफी हैं। कानून के दायरे में आने वाले दोषियों के लिए भारी-भरकम जुर्माने के साथ-साथ लंबी अवधि की जेल की सजा का कड़ा प्रावधान तय किया गया है, ताकि कोई भी दोबारा इस तरह का घृणित कृत्य करने की हिम्मत न जुटा सके।

संगठित अपराध के रूप में पेपर लीक करने वाले सिंडिकेट्स की संपत्तियों को कुर्क करने और उनके खिलाफ त्वरित अदालती कार्रवाई करने जैसी व्यवस्थाएं भी इस कानून को बेहद प्रभावी बनाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस कानून का सख्ती के साथ धरातल पर क्रियान्वयन किया जाए, तो परीक्षा माफियाओं का नेटवर्क पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएगा। सरकार का यह कदम उन अवांछित तत्वों को कड़ा संदेश देता है जो भोले-भाले युवाओं के सपनों का सौदा करने की कोशिश करते हैं।

Anti Paper Leak Bill Passed: युवाओं के भविष्य और देश की व्यवस्था पर पड़ने वाला प्रभाव

इस महत्वपूर्ण विधेयक के पास होने से देश के शैक्षिक और प्रशासनिक ढांचे पर बहुत ही सकारात्मक और दूरगामी प्रभाव पड़ने की पूरी संभावना है। जब युवाओं को यह विश्वास हो जाएगा कि परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी माहौल में आयोजित की जा रही हैं, तो उनकी पढ़ाई के प्रति लगन और निष्ठा और अधिक मजबूत होगी। भ्रष्टाचार मुक्त परीक्षा प्रणाली देश को योग्य, प्रतिभाशाली और ईमानदार अधिकारी तथा कर्मचारी देने में मदद करेगी, जो राष्ट्र निर्माण के कार्य में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।

आने वाले दिनों में जब यह कानून पूरी तरह से लागू हो जाएगा, तो राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर की तमाम भर्ती एजेंसियों को अपनी कार्यशैली में सुधार करने का व्यापक अवसर मिलेगा। कुल मिलाकर यह विधायी कदम भारतीय शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में एक नए और स्वच्छ युग की शुरुआत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

Railway Recruitment: रेलवे में ग्रुप डी के 22,195 पदों के लिए CBT-1 परीक्षा की सिटी डिटेल्स जारी, जानें कब और कैसे करें चेक

Railway Recruitment: भारतीय रेलवे में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। रेलवे भर्ती बोर्ड यानी आरआरबी की तरफ से बहुप्रतीक्षित ग्रुप D यानी लेवल-1 भर्ती परीक्षा 2026 के लिए एग्जाम सिटी डिटेल्स आधिकारिक तौर पर जारी कर दी गई है। जिन उम्मीदवारों ने इस बड़ी भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदन किया था, वे अब ऑनलाइन माध्यम से यह जांच सकते हैं कि उनकी परीक्षा किस शहर में आयोजित की जाएगी। परीक्षा शहर की जानकारी मिलने से उम्मीदवारों को अपनी यात्रा और रहने की व्यवस्था करने में काफी आसानी होगी। इस भर्ती अभियान के माध्यम से रेलवे के विभिन्न जोन्स में कुल 22,195 रिक्त पदों पर योग्य युवाओं की नियुक्तियां की जाएंगी, जिसके लिए देश भर से भारी संख्या में युवाओं ने आवेदन किया है।

Railway Recruitment: रेलवे ग्रुप डी परीक्षा की तिथियां और पूरा शेड्यूल

रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, ग्रुप D भर्ती परीक्षा का आयोजन आगामी 3 अगस्त से 21 अगस्त 2026 के बीच किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण परीक्षा देश भर के विभिन्न निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट यानी सीबीटी-1 मोड में संपन्न होगी। परीक्षा की तिथियां नजदीक आते ही बोर्ड ने उम्मीदवारों की सुविधा के लिए एग्जाम सिटी स्लिप जारी कर दी है ताकि किसी भी परीक्षार्थी को अंतिम समय में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे तय समय सीमा के भीतर अपनी एग्जाम सिटी की जांच कर लें और परीक्षा से जुड़े सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों को अच्छी तरह पढ़ लें ताकि परीक्षा के दिन किसी भी प्रकार की तकनीकी या व्यावहारिक समस्या से बचा जा सके।

इस तरह आसानी से चेक करें अपनी एग्जाम सिटी स्लिप

परीक्षा शहर की जानकारी प्राप्त करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा, जिसका लिंक रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराया गया है। वेबसाइट के होमपेज पर जाने के बाद उम्मीदवारों को आरआरबी ग्रुप डी सीबीटी-1 एग्जाम सिटी डिटेल्स से जुड़े सक्रिय लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद उम्मीदवारों को लॉगिन पेज पर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, एनरोलमेंट नंबर या फिर अपनी जन्मतिथि दर्ज करनी होगी। सभी जरूरी विवरण सही-सही भरने के बाद जैसे ही उम्मीदवार सबमिट करेंगे, उनकी एग्जाम सिटी की स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगी। भविष्य की जरूरत और सहूलियत के लिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे इस पेज का प्रिंटआउट निकाल लें या फिर इसकी पीडीएफ फाइल सुरक्षित अपने पास डाउनलोड करके रख लें ताकि समय पर काम आ सके।

Railway Recruitment: एग्जाम सिटी स्लिप और एडमिट कार्ड में अंतर को समझें

अक्सर देखा गया है कि कई उम्मीदवार एग्जाम सिटी स्लिप और एडमिट कार्ड को एक ही दस्तावेज समझ लेते हैं, जबकि दोनों में काफी अंतर होता है। एग्जाम सिटी स्लिप के जरिए केवल यह जानकारी दी जाती है कि उम्मीदवार की परीक्षा किस शहर में होने वाली है, ताकि वे अपनी यात्रा की योजना बना सकें। वहीं दूसरी तरफ, मुख्य एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र का पूरा और सटीक पता, रिपोर्टिंग टाइम, परीक्षा की शिफ्ट और अन्य जरूरी नियम दर्ज होते हैं। परीक्षा से कुछ दिन पहले एडमिट कार्ड भी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे, जिन्हें अलग से डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। बिना मुख्य प्रवेश पत्र के किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी, इसलिए एडमिट कार्ड जारी होने पर उसे भी समय से डाउनलोड कर लें।

Railway Recruitment: रेलवे भर्ती परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों में उत्साह

लंबे समय से रेलवे भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के बीच एग्जाम सिटी स्लिप जारी होने के बाद काफी उत्साह और हलचल देखने को मिल रही है। देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में भाग लेने जा रहे हैं, जिसके लिए रेलवे प्रशासन ने भी अपनी तरफ से पुख्ता तैयारियां की हैं। परीक्षा के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। परीक्षा केंद्रों पर भीड़भाड़ को नियंत्रित करने और सुचारू संचालन के लिए रेलवे बोर्ड लगातार संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क में है। उम्मीदवारों के लिए यह एक बेहतरीन अवसर है कि वे अपनी मेहनत के दम पर भारतीय रेलवे में सरकारी नौकरी पाने का अपना सपना साकार कर सकें और देश की इस बड़ी परिवहन व्यवस्था का हिस्सा बनें।

August Travel Destinations: अगस्त में घूमने के लिए भारत के ये बेस्ट ट्रैवल डेस्टिनेशन, मिलेगा यादगार अनुभव

August Travel Destinations: अगर आप अगस्त महीने में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो भारत की कुछ बेहतरीन जगहें आपको शानदार अनुभव दे सकती हैं। मानसून की बारिश इन स्थानों की खूबसूरती को और बढ़ा देती है। परिवार, दोस्तों या पार्टनर के साथ यादगार छुट्टियां बिताने के लिए ये डेस्टिनेशन बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं अगस्त में घूमने लायक प्रमुख जगहों के बारे में।

August Travel Destinations: चमोली की वैली ऑफ फ्लावर्स

August Travel Destinations
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उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित वैली ऑफ फ्लावर्स यानी फूलों की घाटी अगस्त महीने में सबसे खूबसूरत नजर आती है। इस समय पहाड़ी फूलों से घाटी रंग-बिरंगी हो जाती है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह जगह स्वर्ग समान लगती है। अगस्त वैली ऑफ फ्लावर्स घूमने का सबसे अच्छा समय माना जाता है। ट्रेकिंग और फूलों के नजारे यहां का मुख्य आकर्षण हैं।

इगतपुरी का मानसून जादू

महाराष्ट्र की सह्याद्रि पहाड़ियों में बसा इगतपुरी अगस्त में बेहद खूबसूरत दिखता है। मानसून की बारिश से झरने भर जाते हैं और आसपास की जगहें हरी-भरी हो जाती हैं। कलसुबाई पीक जैसी ऊंचाई से धुंध भरे नजारे सुकून भरा अनुभव देते हैं। हिल स्टेशन के रास्तों पर घूमना और प्रकृति का नजारा लेना यहां आने का मुख्य मकसद बनता है।

चेरापूंजी का जादुई मौसम

मेघालय का चेरापूंजी अगस्त में अनोखा अनुभव देता है। घने काले बादल और धुंध के कारण यहां का मौसम जादुई और मनमोहक हो जाता है। तापमान 20 से 25 डिग्री के बीच रहता है। भारी बारिश की वजह से चारों तरफ हरियाली छाई रहती है। लिविंग रूट ब्रिज और झरनों का नजारा यहां आने वालों को खास आकर्षित करता है।

मुन्नार की चाय बागान सुंदरता

केरल के इडुक्की जिले में स्थित मुन्नार अगस्त की बारिश में जादुई रूप ले लेता है। वेस्टर्न घाट में फैले चाय के बागान बारिश में भीगकर और भी आकर्षक लगते हैं। ठंडी हवा और धुंध के बीच ट्रेकिंग करने वाले और प्रकृति प्रेमी यहां के हरे-भरे रास्तों में सुकून पाते हैं। शांत वातावरण मुन्नार को खास बनाता है।

गोवा का मानसून पीक

अगस्त में गोवा का मानसून अपने चरम पर होता है। चारों तरफ हरियाली और धुंध नजर आती है। दूधसागर झरना मानसून की पूरी ताकत के साथ बहता है और देखने लायक नजारा पेश करता है। तापमान 24 से 29 डिग्री के बीच रहता है। इस मौसम में गोवा शांत और प्राकृतिक सुंदरता से भरा रहता है।

यात्रा से पहले ध्यान रखने योग्य बातें

मानसून में घूमने से पहले मौसम का अपडेट जरूर चेक करें। कुछ जगहों पर भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड या सड़क बंद होने की संभावना रहती है। आरामदायक जूते, रेनकोट और हल्के ऊनी कपड़े साथ रखें। होटल और ट्रेकिंग की बुकिंग पहले कर लें क्योंकि पर्यटन सीजन में भीड़ हो सकती है।

इन जगहों का खास आकर्षण

अगस्त में ये डेस्टिनेशन इसलिए खास हैं क्योंकि मानसून प्रकृति को नई जान देता है। फूल खिलते हैं, झरने जोरों पर होते हैं और हरियाली चारों तरफ फैल जाती है। गर्मी से राहत मिलती है और भीड़ भी अपेक्षाकृत कम रहती है। प्रकृति से करीब जुड़ने का यह बेहतरीन समय है।

अगस्त महीने में वैली ऑफ फ्लावर्स, इगतपुरी, चेरापूंजी, मुन्नार और गोवा घूमने के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। इन जगहों पर मानसून की बारिश खूबसूरती को और बढ़ा देती है। फूलों की घाटी, हरे-भरे पहाड़, चाय बागान और जोरदार झरने यादगार अनुभव देंगे। यात्रा से पहले मौसम और सुविधाओं की जानकारी जरूर ले लें। ये डेस्टिनेशन परिवार और दोस्तों के साथ शानदार छुट्टियों का वादा करते हैं।

Himachal: कंगना के बयान पर कांग्रेस का पलटवार, बोले- भाजपा बताए क्या यही पार्टी की आधिकारिक लाइन है?

Shimla | 29 जुलाई 2026:सांसद कंगना रनौत के विवादित बयान के बाद हिमाचल की सियासत गर्मा गई है। कांग्रेस ने कंगना के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए भाजपा से अपना स्टैंड साफ करने की मांग की है।

नरेश चौहान का सवाल 

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कंगना रनौत के बयान को “दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया।उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान समाज और विशेषकर युवा पीढ़ी के सामने नहीं आने चाहिए। सांसद होने के नाते कंगना को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए।

नरेश चौहान ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से सीधा सवाल किया: “क्या कंगना रनौत का बयान भाजपा की आधिकारिक लाइन है? भाजपा अपना रुख स्पष्ट करे।”

 ‘CM सबसे अमीर’ वाले दावे पर भी दी सफाई

एक अन्य सवाल पर नरेश चौहान ने CM सुक्खू को “देश का सबसे अमीर मुख्यमंत्री” बताए जाने के दावों पर प्रतिक्रिया दी।उन्होंने कहा कि ADR की रिपोर्ट 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल एफिडेविट पर आधारित है। तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

“यदि रिपोर्ट को सही संदर्भ में देखें तो मुख्यमंत्री की संपत्ति के आधार पर उनका स्थान 17वां है। पिछले 20 वर्षों से विधायक होने के कारण उनकी संपत्ति का पूरा विवरण सार्वजनिक रिकॉर्ड में पहले से उपलब्ध है।”

विक्रमादित्य सिंह – ‘देवी-देवता कंगना को सद्बुद्धि दें’

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी कंगना के NEET पेपर लीक पर प्रदर्शनकारी युवाओं को लेकर दिए बयान पर पलटवार किया।

सैंज दौरे के दौरान उन्होंने कहा: “एक तरफ PM मोदी युवाओं को अपना मित्र बता रहे हैं, उनसे संवाद कर रहे हैं। वहीं सांसद युवाओं को कूड़ा-कचरा बता रही हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”

विक्रमादित्य ने कहा कि कंगना हमेशा उलट-पुलट और बिना सिर-पैर के बयान देती हैं। “मैं सैंज घाटी के सभी देवी-देवताओं से प्रार्थना करता हूं कि हमारी बहन कंगना रनौत को सद्बुद्धि प्रदान करें।”

 मामला क्या है?

NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर सांसद कंगना रनौत ने टिप्पणी की थी। इसी पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

Jharkhand News: झारखंड के कोल्हान में ब्रेन मलेरिया का कहर, जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में भर्ती सीआरपीएफ जवान पिंटू कुमार का निधन

Jharkhand News: झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में जानलेवा साबित हो रहे ब्रेन मलेरिया ने एक बार फिर गंभीर रूप धारण कर लिया है, जिसकी चपेट में आने से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ के एक जवान की मौत हो गई है। पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी कैंप में तैनात सीआरपीएफ जवान पिंटू कुमार को गंभीर हालत में जमशेदपुर के प्रतिष्ठित एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से मुसाबनी सीआरपीएफ कैंप और जवान के परिवार में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं दूसरी तरफ, लगातार सामने आ रहे ब्रेन मलेरिया के इन गंभीर मामलों ने झारखंड के स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की नींद उड़ा दी है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

Jharkhand News: अचानक बिगड़ी तबीयत और अस्पताल में इलाज के दौरान मौत

मृतक सीआरपीएफ जवान पिंटू कुमार मुसाबनी स्थित सीआरपीएफ कैंप में अपनी सेवाएं दे रहे थे और अचानक तबीयत खराब होने के बाद उन्हें स्थानीय स्तर पर प्रारंभिक उपचार दिया गया था। हालत में सुधार न होने पर उन्हें तुरंत जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की तो उनमें ब्रेन मलेरिया यानी फाल्सीपेरम संक्रमण की पुष्टि हुई। अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज लगातार चल रहा था, लेकिन संक्रमण इतना अधिक फैल चुका था कि उनकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। तमाम कोशिशों के बावजूद बुधवार को इलाज के दौरान जवान ने दम तोड़ दिया, जिससे चिकित्सा व्यवस्था और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच भी मायूसी छा गई है।

मुसाबनी कैंप में पसरा मातम और शोक की लहर

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सीआरपीएफ जवान पिंटू कुमार के असामयिक निधन की खबर मिलते ही मुसाबनी स्थित उनके कैंप में शोक का माहौल पूरी तरह छा गया। साथ काम करने वाले साथी जवानों ने अपने प्रिय और कर्तव्यनिष्ठ साथी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है, और कैंप में हर तरफ मायूसी नजर आ रही है। अस्पताल प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक और कानूनी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने के बाद जवान के पार्थिव शरीर को उनके शोकाकुल परिजनों को सौंप दिया गया। इस दुखद घड़ी में स्थानीय प्रशासन और बल के अधिकारियों ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है। इस तरह के मामलों ने सुरक्षा बलों के बीच भी स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर नए सिरे से चिंताएं पैदा कर दी हैं।

Jharkhand News: कोल्हान और पूर्वी सिंहभूम में लगातार बढ़ रहे मलेरिया के मामले

पूर्वी सिंहभूम और पूरे कोल्हान क्षेत्र में इस वर्ष मलेरिया के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जो प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। विशेष रूप से खतरनाक माने जाने वाले ब्रेन मलेरिया के मामलों में हो रही वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता को काफी हद तक बढ़ा दिया है। जानकारों का मानना है कि मानसून के इस मौसम में मच्छरों का प्रकोप तेजी से फैलता है, जिसके कारण संक्रमण का खतरा कई गुना अधिक हो जाता है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि समय रहते इस बीमारी के प्रसार को रोका जा सके। ग्रामीण औरि अर्ध-शहरी इलाकों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच करने और उन्हें जागरूक करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Jharkhand News: स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी और बचाव के जरूरी उपाय

ब्रेन मलेरिया के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता और सुरक्षा बलों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। चिकित्सकों का स्पष्ट कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, लगातार सिरदर्द, बेहोशी, दौरे आने या मानसिक भ्रम जैसी स्थिति महसूस हो, तो बिना देर किए तुरंत अस्पताल जाकर खून की जांच करानी चाहिए। समय पर उचित उपचार नहीं मिलने की स्थिति में यह बीमारी बहुत ही कम समय में जानलेवा साबित हो सकती है। विभाग लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें और किसी भी प्रकार का बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।