CGPSC Exam 2026: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी सीजीपीएससी की ओर से जारी सब-इंस्पेक्टर, सूबेदार और प्लाटून कमांडर भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम ने सोशल मीडिया पर भारी चर्चा पैदा कर दी है। मंगलवार को जारी हुई चयन सूची में न्यूज़, स्पेस रानी, हे राम और भक्त प्रह्लाद जैसे नाम सामने आने के बाद लोग हैरान रह गए। हजारों अभ्यर्थी अपने रोल नंबर ढूंढ रहे थे, लेकिन ये असामान्य नाम पूरे परिणाम पर छा गए। कई लोगों ने इसे टाइपिंग गलती या शरारत बताया, जबकि कुछ ने भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठा दिए। आयोग ने स्पष्ट किया कि ये नाम अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन में खुद दर्ज किए गए हैं। अब ये अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं।
CGPSC Exam 2026: परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद क्या हुआ
मंगलवार को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सूबेदार, सब-इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर के 341 पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया। इस परीक्षा में 7301 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। परिणाम सामने आते ही सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल होने लगे। न्यूज़ नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। लोगों ने मजाक उड़ाते हुए कहा कि अब न्यूज़ भी पुलिस अधिकारी बनने जा रही है।
असामान्य नामों को लेकर क्यों मची हलचल
चयन सूची में स्पेस रानी, हे राम, भक्त प्रह्लाद और मनबस जैसे नाम भी नजर आए। छत्तीसगढ़ में अजीबोगरीब नाम आम हैं, लेकिन लोक सेवा आयोग की परीक्षा से जुड़ा होने के कारण विवाद बढ़ गया। कई यूजर्स ने पूछा कि क्या आयोग नामों का सत्यापन किए बिना रिजल्ट जारी कर देता है। कुछ ने इसे डेटा एंट्री की गलती बताया। मीम्स बनने लगे और चर्चा मजाक से आगे बढ़कर भर्ती की निष्पक्षता तक पहुंच गई।
पिछले महीने हुई थी महत्वपूर्ण परीक्षा
यह परीक्षा 12 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी 33 जिलों में बने 183 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग की यह भर्ती सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थी अब मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे। आयोग ने संकेत दिया है कि मुख्य परीक्षा अक्टूबर में हो सकती है। सफल अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
नेताओं ने सरकार और आयोग पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक्स पर तंज कसते हुए लिखा कि न्यूज़ और स्पेस रानी को सांय-सांय सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क विभाग को एक करोड़ रुपये के विज्ञापन देकर इस उपलब्धि को चौराहों पर टांगना चाहिए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने निष्पक्ष जांच की मांग की। भाजपा प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने भी आयोग को टैग कर स्पष्टीकरण मांगा।
आयोग ने जारी की सफाई
विवाद बढ़ने पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की। आयोग ने कहा कि परीक्षा परिणाम में दिखाए गए नाम वही हैं जो अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन पत्र में खुद दर्ज किए थे। इन्हीं नामों से वे प्रवेश पत्र पर परीक्षा में शामिल हुए थे। आयोग ने सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को भ्रामक बताया और स्पष्ट किया कि कोई तकनीकी गड़बड़ी या गलत एंट्री नहीं हुई है।
अभ्यर्थियों ने खुद दी अपनी सफाई
रायगढ़ के 28 वर्षीय न्यूज़ ने बताया कि स्कूल, कॉलेज और आधार कार्ड समेत सभी दस्तावेजों में उनका यही नाम दर्ज है। उन्होंने पहले प्रयोगशाला परिचारक परीक्षा में 150वां रैंक हासिल किया था। न्यूज़ ने कहा कि वे विवाद में नहीं उलझना चाहते और पूरा ध्यान मुख्य परीक्षा पर है। बिलासपुर की 27 वर्षीय स्पेस रानी ने बताया कि आयोग ने दसवीं, बारहवीं और आधार कार्ड की प्रति मांगी थी, जिसे उन्होंने भेज दिया है।
हे राम ने जारी किया वीडियो बयान
मुंगेली जिले के देवरहट के 27 वर्षीय हे राम को भी सफाई देनी पड़ी। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा कि उनका चयन एसआई मेन्स के लिए हुआ है। नाम को लेकर आपत्ति पर उन्होंने आईडी कार्ड और रिजल्ट आयोग को मेल कर दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता ब्रजेंद्र शुक्ला का मानना है कि नाम व्यक्तिगत फैसला है। किसी के नाम को संदेह की नजर से देखना ठीक नहीं। असली सवाल व्यक्ति की योग्यता का होना चाहिए।
CGPSC Exam 2026: आगे की भर्ती प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ेगी?
मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक दक्षता परीक्षा से गुजरना होगा। आयोग ने कहा है कि अभ्यर्थी इन्हीं नामों से आगे की प्रक्रिया में शामिल होंगे। सोशल मीडिया पर चर्चा थमने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर नजर बनी हुई है। अभ्यर्थी अब मुख्य परीक्षा की तैयारी में व्यस्त हैं।
छत्तीसगढ़ पीएससी की इस परीक्षा में असामान्य नामों ने सोशल मीडिया पर जोरदार चर्चा पैदा की। आयोग और अभ्यर्थियों की सफाई के बाद तस्वीर साफ हो गई कि ये नाम वास्तविक हैं। भर्ती प्रक्रिया अब मुख्य परीक्षा की ओर बढ़ रही है। राजनीतिक दलों ने पारदर्शिता की मांग जरूर की, लेकिन आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। अभ्यर्थी अपनी योग्यता साबित करने पर ध्यान दे रहे हैं। यह मामला नामों से ज्यादा चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता की याद दिलाता है। आगे की परीक्षाओं में अभ्यर्थी अपनी मेहनत से सफलता हासिल करेंगे।

