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Weekly Horoscope: 16 से 22 अगस्त तक इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, हरियाली तीज और सूर्य गोचर से बनेंगे शुभ योग

Weekly Horoscope: 16 अगस्त से 22 अगस्त 2026 तक का सप्ताह ज्योतिषीय दृष्टि से कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान हरियाली तीज, सूर्य गोचर सहित कई शुभ योग बनने वाले हैं, जिनका असर सभी बारह राशियों पर अलग-अलग तरीके से पड़ेगा। साप्ताहिक राशिफल के अनुसार कुछ राशियों के लिए यह सप्ताह करियर और धन के मोर्चे पर बेहतरीन साबित हो सकता है, तो कुछ को रिश्तों और सेहत में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। सिंह, वृश्चिक, मीन, तुला और वृषभ राशि के जातकों के लिए यह हफ्ता खासतौर पर शुभ फलदायी बताया जा रहा है। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी राशियों का पूरा साप्ताहिक विश्लेषण।

Weekly Horoscope: मेष राशि के लिए मेहनत लाएगी रंग

मेष राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह सुख-सौभाग्य लेकर आ रहा है। करियर और कारोबार में की गई मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा, वहीं नौकरीपेशा लोगों का मनचाहा तबादला भी हो सकता है। सीनियर्स की तरफ से तारीफ के साथ-साथ कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना है। हालांकि सप्ताह के मध्य में खर्च बढ़ने की आशंका है, इसलिए धन के लेनदेन में सावधानी जरूरी होगी। सप्ताह के उत्तरार्ध में मौसमी बीमारी से बचाव जरूरी रहेगा, जबकि रिश्तों के मोर्चे पर यह समय मधुरता भरा साबित होगा।

वृषभ राशि के अटके काम होंगे पूरे

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह भी पिछले हफ्ते की तरह शुभ फलदायी रहने वाला है। किसी प्रभावशाली व्यक्ति की मदद से लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं। सप्ताह की शुरुआत में करियर या कारोबार के सिलसिले में यात्रा के योग बन रहे हैं, जो नए संपर्क बनाने में मददगार साबित होगी। सप्ताह के उत्तरार्ध में धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में मन रमेगा। मान-सम्मान और आय में वृद्धि के साथ विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता मिलने के भी योग बन रहे हैं।

मिथुन राशि को रखनी होगी विशेष सावधानी

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह थोड़ा आपाधापी भरा रह सकता है। करियर और निजी जीवन से जुड़े अहम फैसले लेने से पहले बड़ों की सलाह लेना बेहतर रहेगा। सप्ताह की शुरुआत में घरेलू समस्याओं से मन परेशान हो सकता है, जबकि मध्य सप्ताह में कामकाज का दबाव सेहत और रिश्तों पर असर डाल सकता है। वाहन चलाते समय सतर्कता बरतना जरूरी होगा। सप्ताह के उत्तरार्ध में यात्रा तो होगी, लेकिन थकान भरी और उम्मीद से कम फलदायी रह सकती है, इसलिए अनावश्यक खर्चों पर अंकुश लगाना बेहतर होगा।

कर्क राशि का समय बदलेगा हफ्ते के आखिर में

कर्क राशि के जातकों के लिए सप्ताह की शुरुआत खर्चीली रह सकती है और अचानक आए खर्च बजट बिगाड़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बदलने से मन थोड़ा खिन्न रह सकता है, वहीं व्यापार में मंदी की चिंता भी बनी रहेगी। हालांकि सप्ताह के उत्तरार्ध में किस्मत का साथ मिलना शुरू होगा, इसलिए बड़े कारोबारी फैसले इसी दौरान लेना फायदेमंद रहेगा। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आएगा और जीवनसाथी के साथ तालमेल बेहतर बना रहेगा।

सिंह राशि के लिए रहेगा शानदार सप्ताह

सिंह राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह अत्यंत शुभ और सफल रहने वाला है। घर और बाहर दोनों जगह भरपूर सहयोग मिलेगा और सप्ताह की शुरुआत में किसी बहुप्रतीक्षित खबर की प्राप्ति हो सकती है। विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता मिलेगी, वहीं करियर-कारोबार की दृष्टि से पूरा सप्ताह प्रगतिदायक रहेगा। बेरोजगार लोगों को मनचाहा रोजगार मिल सकता है और व्यापार से जुड़े पुराने संबंध फिर से स्थापित हो सकते हैं। सेहत, रिश्ते और दांपत्य जीवन हर मोर्चे पर यह सप्ताह सुखद साबित होगा।

कन्या राशि के लिए सुधरेंगे हालात

कन्या राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह पिछले हफ्ते के मुकाबले बेहतर रहने वाला है। पुरानी समस्याओं का समाधान खोजने में मदद मिलेगी और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी, हालांकि किसी भी बड़े फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचना जरूरी रहेगा। सप्ताह के उत्तरार्ध में सेहत को लेकर सतर्क रहना होगा। नौकरीपेशा लोगों की कार्यक्षेत्र से जुड़ी समस्याएं दूर होंगी और पिता का विशेष आशीर्वाद मिलेगा, जबकि जीवनसाथी से जुड़ी कोई बात चिंता का कारण बन सकती है।

तुला राशि के लिए आर्थिक दृष्टि से शुभ रहेगा समय

तुला राशि के जातकों के लिए इस सप्ताह लंबी दूरी की यात्रा के योग बन रहे हैं, जो सुखद और नए संपर्क बढ़ाने वाली साबित होगी। करियर-कारोबार में पूरे सप्ताह अनुकूलता बनी रहेगी और सीनियर-जूनियर दोनों से सहयोग मिलेगा। आर्थिक दृष्टि से यह सप्ताह खासा शुभ है, आय के नए स्रोत बनेंगे और फंसा हुआ धन भी वापस मिल सकता है। भूमि-भवन से जुड़ा कोई सपना पूरा हो सकता है, जबकि जीवनसाथी से मिलने वाला सरप्राइज गिफ्ट रिश्ते में मिठास घोलेगा।

वृश्चिक राशि के लिए सुखद रहेगा हफ्ता

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह सुखद परिणाम लेकर आएगा। सोचे हुए काम समय पर पूरे होंगे और बिगड़े संबंधों में सुधार आने की संभावना है। करियर-कारोबार की दृष्टि से यह समय बेहद अनुकूल रहेगा और परिश्रम को सराहा जाएगा। सप्ताह के उत्तरार्ध में आकस्मिक धन लाभ के योग बन रहे हैं और कोई बड़ी कारोबारी डील भी हो सकती है। राजनीति या समाजसेवा से जुड़े लोगों को मान-सम्मान मिलेगा, वहीं प्रेम संबंध भी प्रगाढ़ होंगे।

धनु राशि के लिए खुलेंगे नए अवसर

धनु राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह नए अवसरों के द्वार खोलने वाला है। पुरानी परेशानियों का समाधान मिलेगा और लोगों से भरपूर स्नेह व सहयोग प्राप्त होगा। बेरोजगार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है और सप्ताह के मध्य में की गई यात्रा सफल साबित होगी। व्यापारियों को पुराने निवेश का लाभ मिल सकता है, हालांकि भागदौड़ से थकान महसूस हो सकती है। सप्ताह के अंत में अटके काम में गति आने से खुशी का अनुभव होगा।

मकर और कुंभ राशि को रखनी होगी सतर्कता

मकर राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह सामान्य फलदायी रहेगा। घरेलू और कार्यक्षेत्र की समस्याएं शुरुआत में परेशान कर सकती हैं, इसलिए किसी भी बड़े फैसले में जल्दबाजी न करना बेहतर होगा। जमीन-जायदाद के विवाद को बातचीत से सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए। वहीं कुंभ राशि के जातकों के लिए भी यह सप्ताह औसत फलदायी रहेगा। सप्ताह की शुरुआत सेहत और रिश्तों के लिहाज से प्रतिकूल रह सकती है, जबकि उत्तरार्ध में परिवार के साथ यात्रा के योग बन सकते हैं और जीवनसाथी का सहयोग संबल देगा।

Weekly Horoscope: मीन राशि के लिए बेहद लाभप्रद रहेगा सप्ताह

मीन राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह अत्यंत शुभ और लाभप्रद साबित होगा। वाणी और विवेक से चीजें अपने पक्ष में करने में सफलता मिलेगी, वहीं नौकरी में बदलाव या प्रमोशन की मनोकामना भी पूरी हो सकती है। लंबे समय से चले आ रहे कानूनी विवाद से राहत मिलने के संकेत हैं और कारोबार में भी लाभ की संभावना है। सेहत और रिश्तों दोनों मोर्चों पर यह सप्ताह अनुकूल रहेगा, जबकि परिवार में बना तनाव भी किसी बुजुर्ग की मध्यस्थता से दूर हो सकता है।

कुल मिलाकर 16 से 22 अगस्त का यह सप्ताह ज्यादातर राशियों के लिए संतुलित और कुछ के लिए बेहद शुभ साबित होने वाला है। सिंह, वृश्चिक, मीन, तुला और वृषभ राशि के जातकों को खासतौर पर सफलता और सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होगी, जबकि मिथुन, कर्क, मकर और कुंभ राशि वालों को सावधानी के साथ आगे बढ़ने की जरूरत रहेगी। ज्योतिष के अनुसार धैर्य, संयम और सूझबूझ से लिए गए फैसले हर राशि के जातकों के लिए इस सप्ताह को बेहतर बना सकते हैं, साथ ही सुझाए गए उपायों को अपनाकर भी अनुकूल परिणाम पाए जा सकते हैं।

Somwar Shiv Puja Vidhi: सोमवार को इस विधि से करें भगवान शिव की पूजा, जानें शुभ सामग्री, मंत्र, व्रत नियम और आसान उपाय

Somwar Shiv Puja Vidhi: हिंदू धर्मशास्त्रों और सनातन परंपरा में सोमवार का दिन देवाधिदेव महादेव भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र और विशेष फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भक्त सोमवार के दिन पूरी श्रद्धा और नियम-निष्ठा के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं, उन्हें मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। भगवान शिव अपने नाम के अनुरूप ही अत्यंत भोले माने जाते हैं और मात्र एक लोटा जल तथा बेलपत्र अर्पित करने से ही अपने भक्तों पर प्रसन्न होकर उनके जीवन के तमाम कष्टों को हर लेते हैं।

भगवान शिव की पूजा न केवल आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करती है, बल्कि जीवन में स्थिरता, आरोग्य और समृद्धि भी लाती है। यदि आप भी अपने जीवन में चल रही आर्थिक, मानसिक या पारिवारिक परेशानियों से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो सोमवार के दिन शास्त्रोक्त विधि से भगवान शिव की पूजा करके उनकी विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

Somwar Shiv Puja Vidhi: क्यों माना जाता है सोमवार का दिन शिव पूजा के लिए खास

सोमवार का संबंध ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रह से माना गया है, और भगवान शिव ने चंद्रमा को अपने मस्तक पर धारण किया हुआ है। इसी कारण सोमवार के दिन महादेव की पूजा करने से भगवान शिव के साथ-साथ चंद्र देव की भी अनुकंपा प्राप्त होती है। जिन जातकों की कुंडली में चंद्र दोष होता है या जिनका मन अशांत रहता है, उनके लिए सोमवार की पूजा विशेष रूप से कल्याणकारी साबित होती है।

शास्त्रों में वर्णन मिलता है कि सोमवार को किया गया जप, तप और दान जन्म-जन्मांतर के पापों का क्षय करता है। चंद्रमा मन का कारक ग्रह है, इसलिए इस दिन शिव आराधना करने से मानसिक तनाव और अवसाद से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा दांपत्य जीवन में आ रही खटास दूर होती है, आर्थिक तंगी से राहत मिलती है और जिन युवाओं के विवाह में बाधाएं आ रही हों, उन्हें भी योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।

सोमवार शिव पूजा की प्रामाणिक और सही विधि

सोमवार को भगवान शिव की पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त यानी सुबह 4 बजे से 7 बजे तक का समय सबसे उत्तम माना जाता है। सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ सफेद या हल्के रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद अपने घर के पूजा स्थल को गंगाजल छिड़ककर शुद्ध कर लें और पूजा का संकल्प लें।

पूजा शुरू करते समय सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल से अभिषेक करें। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर के मिश्रण से बने पंचामृत से महादेव का अभिषेक करें। पंचामृत स्नान के पश्चात एक बार फिर शिवलिंग पर शुद्ध जल या गंगाजल अर्पित करें। जलाभिषेक के दौरान निरंतर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का मन ही मन या स्पष्ट उच्चारण करते रहना चाहिए।

पूजा में अर्पित की जाने वाली आवश्यक सामग्री और बेलपत्र के नियम

जलाभिषेक के बाद भगवान शिव को तीन दल वाला बिना कटा-फटा बेलपत्र अर्पित करें। बेलपत्र चढ़ाते समय ध्यान रखें कि उसकी चिकनी सतह शिवलिंग की ओर होनी चाहिए। बेलपत्र के साथ-साथ धतूरा, आक के फूल, सफेद कनेर या हरसिंगार के फूल, अक्षत (बिना टूटे चावल) और भस्म अर्पित करें। इसके बाद शिवलिंग पर चंदन का तिलक लगाएं।

भगवान शिव की पूजा में सफेद रंग की वस्तुओं का विशेष महत्व होता है। पूजा के दौरान घी का दीपक और धूप जलाएं। इसके बाद महादेव को मौसमी फल, सफेद मिठाई, गुड़-मिश्री या चावल की खीर का भोग लगाएं। खीर भगवान शिव को अत्यंत प्रिय मानी जाती है।

मंत्र जाप, पाठ और आरती का विशेष महत्व

भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए मंत्र जाप सबसे अचूक माध्यम माना गया है। पूजा के दौरान रुद्राक्ष की माला से कम से कम 108 बार ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करना चाहिए। गंभीर रोगों और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति पाने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करना अत्यंत लाभकारी होता है।

मंत्र जाप के पश्चात शिव चालीसा, रुद्राष्टकम या शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें। पाठ पूरा होने के बाद कपूर और घी के दीपक से भगवान शिव की आरती गाएं। पूजा के अंत में रात के समय चंद्रमा को जल में थोड़ा सा दूध और अक्षत मिलाकर अर्घ्य दें और ‘ॐ चंद्राय नमः’ मंत्र का जाप करें, जिससे चंद्र दोष शांत होता है।

घर पर ही आसान तरीके से कैसे करें शिव आराधना

यदि आपके पास मंदिर जाने का समय न हो या आसपास शिव मंदिर उपलब्ध न हो, तो आप घर पर भी पूरी श्रद्धा से पूजा संपन्न कर सकते हैं। यदि घर के मंदिर में पार्थिव या पारद शिवलिंग स्थापित है, तो उस पर ऊपर बताई गई विधि से अभिषेक करें। यदि शिवलिंग न हो तो भगवान शिव की तस्वीर या मूर्ति के समक्ष बैठकर पूजा की जा सकती है।

घर पर पूजा करते समय जलाभिषेक और दूध से स्नान कराना मुख्य माना जाता है। तस्वीर के समक्ष जल का छींटा देकर बेलपत्र, सफेद फूल और धूप-दीप अर्पित करें। इसके पश्चात शिव मंत्रों का जाप करें और आरती गाकर घर के बने प्रसाद का भोग लगाएं तथा उसे परिवार के सदस्यों में वितरित करें।

सोलह सोमवार व्रत के नियम और धार्मिक मान्यताएं

जो भक्त सोमवार का व्रत रखते हैं, उन्हें सुबह स्नान के पश्चात हाथ में जल और चावल लेकर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। व्रत रखने वाले जातक दिन भर फलाहार या दूध का सेवन कर सकते हैं और शाम को आरती के पश्चात एक समय सात्विक भोजन ग्रहण कर सकते हैं।

मनोकामना पूर्ति के लिए 16 सोमवार लगातार व्रत रखने की परंपरा है, जिसे सोलह सोमवार व्रत कहा जाता है। यह व्रत शीघ्र विवाह, संतान प्राप्ति और व्यापार में सफलता के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। व्रत के दौरान व्यक्ति को सात्विकता का पालन करना चाहिए, क्रोध और झूठ से बचना चाहिए तथा मन में किसी के प्रति दुर्भावना नहीं रखनी चाहिए।

शिव पूजा में रखें इन बातों का ध्यान, भूलकर भी न चढ़ाएं ये चीजें

भगवान शिव की पूजा में कुछ विशेष सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं। शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव की पूजा में कभी भी केतकी या कदंब के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए। इसके अलावा शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते, सिंदूर, रोली और हल्दी अर्पित करना भी वर्जित माना गया है।

पूजा में इस्तेमाल होने वाला बेलपत्र कटा-फटा या सूखा नहीं होना चाहिए। जलाभिषेक करते समय हमेशा तांबे, पीतल या चांदी के पात्र का उपयोग करें, कांच या लोहे के बर्तन का प्रयोग न करें। इसके साथ ही शिवजी के सामने हमेशा शुद्ध देसी घी का ही दीपक जलाना चाहिए, तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाना वर्जित माना गया है।

सोमवार की पूजा से मिलने वाले चमत्कारी फायदे

नियमित रूप से सोमवार को शिवजी की पूजा करने से साधक को मानसिक तनाव और नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है। घर-परिवार में चल रहे क्लेश समाप्त होते हैं और सुख-शांति का वास होता है।

व्यापार और नौकरी में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और धन आगमन के नए मार्ग खुलते हैं। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी शिव पूजा अत्यंत लाभकारी है, यह रोगों का नाश कर आरोग्य प्रदान करती है। जिन जातकों की कुंडली में मारकेश या चंद्र संबंधी कोई गंभीर दोष हो, उन्हें सोमवार की पूजा से तुरंत राहत मिलती है।

Somwar Shiv Puja Vidhi: जीवन की समस्याओं को दूर करने के आसान सोमवार उपाय

यदि आपके काम में बार-बार बाधाएं आ रही हैं, तो सोमवार के दिन सुबह उठकर शिवलिंग पर कच्चे दूध में काले तिल मिलाकर चढ़ाएं। विवाह में आ रही देरी को दूर करने के लिए सोमवार के दिन शिवलिंग पर केसर मिला हुआ दूध अर्पित करें और ‘ॐ पार्वतीपतये नमः’ का जाप करें।

आर्थिक समृद्धि के लिए सोमवार की शाम को शिव मंदिर में जाकर देसी घी का दीपक जलाएं और जरूरतमंदों या गरीबों को सफेद वस्त्र, चावल या दूध का दान करें। गुप्त शत्रुओं से मुक्ति पाने के लिए सोमवार के दिन शिवलिंग पर धतूरा और भस्म चढ़ाना शुभ माना जाता है।

Women Health: PMS क्या है? महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों के लिए भी क्यों जरूरी है इसकी जानकारी

Women Health: पीरियड्स महिलाओं की जिंदगी का एक स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन इससे जुड़े कई पहलुओं के बारे में आज भी पर्याप्त जागरूकता नहीं देखी जाती। खासतौर पर पीरियड्स शुरू होने से पहले शरीर और मन में आने वाले बदलावों को अक्सर सामान्य मूड स्विंग समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसी वजह से PMS यानी प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम को समझना बेहद जरूरी हो जाता है। यह विषय केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुषों के लिए भी इसकी जानकारी होना उतना ही महत्वपूर्ण है। अगर घर में किसी महिला को पीरियड्स आते हैं, तो परिवार के पुरुष सदस्यों को भी इस विषय की समझ होनी चाहिए, ताकि जरूरत के समय वे सही सहयोग दे सकें। आगे जानते हैं PMS से जुड़ी हर जरूरी जानकारी।

Women Health: PMS आखिर होता क्या है

PMS यानी प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम असल में पीरियड्स शुरू होने से पहले सामने आने वाले शारीरिक और भावनात्मक लक्षणों का एक समूह है। यह हर महिला में अलग-अलग रूप में दिखाई देता है और इसकी तीव्रता भी हर महीने एक जैसी नहीं रहती। कुछ महिलाओं को इसके हल्के लक्षण महसूस होते हैं, तो वहीं कुछ को यह अधिक प्रभावित कर सकता है।

PMS कब और किस समय होता है

आमतौर पर PMS के लक्षण पीरियड आने से पहले के एक या दो हफ्तों के दौरान दिखना शुरू हो जाते हैं। पीरियड शुरू होने के बाद धीरे-धीरे ये लक्षण कम होने लगते हैं। हालांकि अगर ये लक्षण लगातार बने रहें और पीरियड चक्र से इनका कोई स्पष्ट संबंध नजर न आए, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर माना जाता है।

PMS के दौरान दिखने वाले सामान्य लक्षण

PMS के दौरान महिलाओं में कई तरह के लक्षण देखे जा सकते हैं, जिनमें मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन, उदासी और अत्यधिक भावुकता शामिल हैं। इसके अलावा थकान, नींद के पैटर्न में बदलाव, पेट फूलना और क्रैम्प्स जैसी शिकायतें भी सामने आती हैं। कुछ महिलाओं को स्तनों में संवेदनशीलता, सिरदर्द, भूख में बदलाव और त्वचा पर पिंपल्स जैसी समस्याएं भी महसूस होती हैं। ध्यान लगाने में कठिनाई होना भी इसका एक हिस्सा माना जाता है, हालांकि जरूरी नहीं कि हर महिला में ये सभी लक्षण एक साथ दिखाई दें।

पुरुषों के लिए PMS की जानकारी क्यों जरूरी

PMS सीधे तौर पर पुरुषों को प्रभावित नहीं करता, क्योंकि यह मासिक धर्म चक्र से जुड़ी स्थिति है। बावजूद इसके पुरुषों के लिए इसकी जानकारी रखना कम महत्वपूर्ण नहीं है। अगर पार्टनर, मां, बहन या बेटी को इस दौरान दर्द, थकान या मूड में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ रहा हो, तो उनकी परेशानी को समझना और नजरअंदाज करने के बजाय सहयोग करना कहीं ज्यादा जरूरी है। छोटी-छोटी बातें जैसे आराम का समय देना, घर के कामों में मदद करना और उनकी तकलीफ को ओवररिएक्शन न मानना, रिश्तों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

PMS का सटीक कारण अब तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि माना जाता है कि मासिक धर्म चक्र के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव इससे जुड़े हो सकते हैं। हर व्यक्ति का शरीर इन हार्मोनल उतार-चढ़ाव पर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है, यही वजह है कि लक्षणों की तीव्रता और प्रकार में भी भिन्नता देखने को मिलती है।

Women Health: PMS में राहत पाने के तरीके

नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और संतुलित डाइट अपनाकर कुछ हद तक PMS के लक्षणों को कम किया जा सकता है। इसके साथ ही तनाव को नियंत्रित रखने की कोशिश भी फायदेमंद साबित हो सकती है। योग और मेडिटेशन जैसे रिलैक्सेशन तरीके भी इसमें मददगार हो सकते हैं। इसके अलावा कम से कम दो मासिक चक्रों तक लक्षणों की डायरी बनाए रखने से यह समझने में आसानी होती है कि लक्षण किस समय शुरू होते हैं और कितनी अवधि तक बने रहते हैं।

PMS को लेकर जागरूकता बढ़ाना आज के समय की जरूरत बन चुका है, क्योंकि यह सीधे तौर पर महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करता है। इसे सही तरीके से समझने पर न सिर्फ महिलाएं खुद इससे बेहतर तरीके से निपट सकती हैं, बल्कि परिवार के अन्य सदस्य भी उन्हें उचित सहयोग दे सकते हैं। अगर लक्षण गंभीर हों या रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डालने लगें, तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प रहता है। जागरूकता और सही जानकारी के जरिए PMS से जुड़ी असहजता को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

Hero Splendor Plus: पहली फ्लेक्स फ्यूल बाइक की 5 खासियतें, कीमत सिर्फ 78,910 रुपये

Hero Splendor Plus: हीरो मोटोकॉर्प ने अपनी पहली फ्लेक्स फ्यूल बाइक हीरो स्प्लेंडर प्लस के रूप में बाजार में उतार दी है। यह बाइक E85 यानी 85 प्रतिशत इथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल के मिश्रण पर चल सकती है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 78,910 रुपये रखी गई है। कंपनी ने साथ में एचएफ डीलक्स का फ्लेक्स फ्यूल वेरिएंट भी पेश किया है। रोजाना के सफर के लिए बनाई गई इस बाइक में कई खास बातें हैं जो इसे आम यूजर्स के लिए आकर्षक बनाती हैं। स्प्लेंडर लंबे समय से देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइकों में शुमार है। अब फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी के साथ कंपनी ने एक नया विकल्प ग्राहकों के सामने रखा है।

Hero Splendor Plus: हीरो की पहली फ्लेक्स फ्यूल बाइक का लॉन्च

हीरो मोटोकॉर्प के लिए यह एक बड़ा कदम है। कंपनी ने सिर्फ स्प्लेंडर प्लस ही नहीं बल्कि एचएफ डीलक्स का फ्लेक्स फ्यूल संस्करण भी साथ में लाया। इससे साफ है कि ब्रांड शुरुआत से ही ग्राहकों को ज्यादा विकल्प देना चाहता है। देश की सबसे लोकप्रिय कम्यूटर बाइक में फ्लेक्स फ्यूल तकनीक जोड़कर हीरो ने भविष्य की ओर बढ़ने का संकेत दिया है।

दमदार इंजन और बेहतर परफॉर्मेंस

नई हीरो स्प्लेंडर प्लस फ्लेक्स फ्यूल में 97.2 सीसी एयर-कूल्ड इंजन दिया गया है। यह इंजन 8.56 पीएस पावर और 8.3 न्यूटन मीटर टॉर्क पैदा करता है। ई85 मिश्रण पर चलने के लिए तैयार यह इंजन स्टैंडर्ड ई20 पेट्रोल मॉडल से ज्यादा पावरफुल है। इसे चार स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है। रोजमर्रा की सवारी के लिए यह सेटअप पर्याप्त माना जा रहा है।

डिजाइन में कोई बड़ा बदलाव नहीं

कंपनी ने स्प्लेंडर प्लस फ्लेक्स फ्यूल के बाहरी स्वरूप में कोई खास बदलाव नहीं किया है। बॉडी शेप, बॉक्सी हेडलैंप और साइड पैनल्स पहले जैसे ही रखे गए हैं। पहचान बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। सिर्फ नई कलर स्कीम और ग्राफिक्स का इस्तेमाल किया गया है। ग्रीन और येलो का कॉम्बिनेशन इसे स्टैंडर्ड मॉडल से अलग पहचान देता है।

उपलब्ध फीचर्स की सूची

फीचर्स के मामले में कंपनी ने ज्यादा बदलाव नहीं किए। हीरो आई3एस यानी आइडल स्टार्ट स्टॉप टेक्नोलॉजी मौजूद है। साइड स्टैंड इंजन कट ऑफ सेंसर और यूएसबी चार्जिंग पोर्ट भी दिए गए हैं। लाइटिंग पूरी तरह हैलोजन है। नियमित स्प्लेंडर प्लस में पूरी तरह एनालॉग कंसोल मिलता है। इस मॉडल में फ्रंट डिस्क ब्रेक का विकल्प नहीं है।

सुरक्षा सुविधाएं और ब्रेकिंग सिस्टम

सुरक्षा के लिहाज से साइड स्टैंड इंजन कट ऑफ सिस्टम काम आता है। स्टैंड लगा होने पर इंजन स्टार्ट नहीं होता। इंटीग्रेटेड ब्रेकिंग सिस्टम भी उपलब्ध है। इसमें 130 मिलीमीटर का ड्रम ब्रेक लगाया गया है। 18 इंच की अलॉय व्हील्स भी दी गई हैं। ये सुविधाएं रोजाना की सवारी को सुरक्षित बनाने में मदद करती हैं।

कीमत और बाजार में उपलब्धता

हीरो स्प्लेंडर प्लस फ्लेक्स फ्यूल की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 78,910 रुपये है। यह कीमत इसे बजट सेगमेंट में रखती है। साथ में एचएफ डीलक्स का फ्लेक्स फ्यूल वेरिएंट भी लॉन्च किया गया है। दोनों मॉडल कम्यूटर ग्राहकों को ध्यान में रखकर लाए गए हैं। इथेनॉल मिश्रण पर चलने की क्षमता इसे पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर विकल्प बनाती है।

Hero Splendor Plus: क्यों खास है यह मॉडल

स्प्लेंडर प्लस लंबे समय से भारतीय सड़कों पर भरोसेमंद नाम रहा है। अब फ्लेक्स फ्यूल तकनीक के साथ यह बाइक नई पीढ़ी की जरूरतों को पूरा करने की कोशिश कर रही है। ई85 मिश्रण पर चलने की क्षमता और स्टैंडर्ड मॉडल से थोड़ी ज्यादा पावर इसे अलग बनाती है। डिजाइन में बदलाव न करके कंपनी ने पुराने यूजर्स को भी आसानी से अपनाने का मौका दिया है।

हीरो स्प्लेंडर प्लस फ्लेक्स फ्यूल कंपनी की पहली फ्लेक्स फ्यूल बाइक है जो रोजाना के सफर के लिए तैयार की गई है। 78,910 रुपये की शुरुआती कीमत और ई85 पर चलने की क्षमता इसे खास बनाती है। इंजन, सुरक्षा सुविधाएं और जानी-पहचानी डिजाइनिंग के साथ यह मॉडल कम्यूटर सेगमेंट में नया विकल्प पेश करता है। एचएफ डीलक्स का फ्लेक्स फ्यूल संस्करण भी साथ में आने से ग्राहकों के पास ज्यादा चॉइस उपलब्ध हो गए हैं। आने वाले समय में इथेनॉल मिश्रण वाली बाइकों की मांग बढ़ने की उम्मीद है और हीरो ने इस दिशा में पहला कदम बढ़ा दिया है।

Breaking News: वाराणसी एयरपोर्ट पर चली गोली, 2 लोग घायल – इलाके में हड़कंप

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी एयरपोर्ट पर रविवार को फायरिंग की खबर से हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट परिसर में हुई गोलीबारी में 2 लोग घायल हो गए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और CISF की टीम मौके पर पहुंच गई। पूरे एयरपोर्ट को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

क्या है मामला

अभी तक घटना के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस के अनुसार फायरिंग किस वजह से हुई और किसने की, इसकी जांच की जा रही है। एयरपोर्ट के अंदर और बाहर लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

फिलहाल एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यात्रियों की एंट्री और चेकिंग सख्त कर दी गई है।

स्थिति नियंत्रण में

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और यात्रियों को घबराने की जरूरत नहीं है। उड़ानों पर असर न पड़े इसके लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।

घायलों की पहचान और उनकी हालत के बारे में अभी आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी दी जाएगी।

हम Newsmediakirancom पर आपको इस खबर का अपडेट देते रहेंगे।

Scorpio Lifestyler: नई पिकअप ट्रक की शुरुआती कीमत 19.79 लाख से कम, अप्रैल 2027 तक लॉन्च

Scorpio Lifestyler: महिंद्रा ने आखिरकार अपनी लंबे समय से चर्चा में रही पिकअप ट्रक स्कॉर्पियो लाइफस्टाइलर का पर्दाफाश कर दिया है। मुंबई में आयोजित स्वतंत्रता दिवस इवेंट में कंपनी ने स्कॉर्पियो-एन पर आधारित इस मॉडल को पेश किया। नई पिकअप की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 19.79 लाख रुपये से कम रखी गई है। कंपनी इसे अप्रैल 2027 तक भारतीय बाजार में उतारने की योजना बना रही है।

ग्लोबल बाजार में इसे महिंद्रा लाइफस्टाइलर नाम से बेचा जाएगा जबकि भारत में इसका नाम स्कॉर्पियो लाइफस्टाइलर रखा गया है। पहले दिखाए गए ग्लोबल पिक-अप कॉन्सेप्ट की तुलना में यह मॉडल प्रोडक्शन के काफी करीब नजर आता है।

Scorpio Lifestyler: स्कॉर्पियो लाइफस्टाइलर का बाहरी डिजाइन

आगे से देखने पर स्कॉर्पियो लाइफस्टाइलर का लुक काफी मजबूत और दमदार लगता है। इसमें ऊपर की तरफ एल-शेप वाले डीआरएल सिग्नेचर के साथ हाई-सेट एलईडी हेडलैंप दिए गए हैं। इनके बीच चौड़ी हनीकॉम्ब पैटर्न वाली ग्रिल है जिस पर क्रोम का टच दिया गया है। बोनट के अगले हिस्से पर स्कॉर्पियो वर्डमार्क साफ नजर आता है। नीचे मजबूत स्किड प्लेट पर महिंद्रा की बैजिंग लगाई गई है। मेष पैटर्न वाला एयर डैम और वर्टिकल एलईडी फॉग लैंप भी मौजूद हैं।

साइड और रियर प्रोफाइल की खास बातें

साइड प्रोफाइल में डबल-कैब कॉन्फिगरेशन देखने को मिलता है। डुअल-टोन अलॉय व्हील्स, मोटी साइड क्लैडिंग, रूफ रेल्स और कर्व्ड बेल्टलाइन इसकी खासियत हैं। पीछे की तरफ वर्टिकल एलईडी टेल-लैंप लगे हैं जिनमें सी-शेप के डीआरएल सिग्नेचर हैं। इनके बीच बड़े अक्षरों में महिंद्रा लिखा गया है। नीचे का बंपर भी फ्रंट की तरह ही रग्ड डिजाइन के साथ आता है। कुल मिलाकर पूरा लुक ऑफ-रोडिंग और स्टाइल दोनों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

Scorpio Lifestyler: तीन खास एडिशन में आएगी नई पिकअप

महिंद्रा स्कॉर्पियो लाइफस्टाइलर को वैली, रीफ और ट्रेल नाम के तीन अलग-अलग एडिशन में पेश किया जाएगा। वैली एडिशन आर्टेमिस ग्रे रंग में आएगा। रीफ को एक्वारेफ रंग में तैयार किया गया है जबकि ट्रेल एडिशन सहारा बेज रंग में नजर आएगा। हर एडिशन में अलग-अलग डेकल्स और एक्सेसरीज दिए जाएंगे। इन तीनों को पहाड़, समुद्र और रेगिस्तान जैसे अलग-अलग इलाकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

अंदरूनी डिजाइन और उपलब्ध फीचर्स

केबिन के अंदर प्रीमियम लेदरेट सीट्स, नया डैशबोर्ड लेआउट और आकर्षक कलर कॉम्बिनेशन मिलते हैं। डबल-कैबिन सेटअप में दो रो की सीटिंग व्यवस्था है। बीच में बड़ा पोर्ट्रेट-स्टाइल सेंट्रल डिस्प्ले लगाया गया है जिसके दोनों तरफ एसी वेंट्स हैं। वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो, डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक और ऑटोमैटिक हिल होल्ड जैसे फीचर्स उपलब्ध होंगे।

Scorpio Lifestyler: ड्राइविंग एक्सपीरियंस और टेक्नोलॉजी

कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी के अलावा अलग-अलग इलाकों के हिसाब से सेलेक्टेबल टेरेन और ड्राइव मोड भी दिए गए हैं। ड्राइवर के सामने नया तीन-स्पोक स्टीयरिंग व्हील है जिसका डिजाइन चंकी रखा गया है। इसमें जरूरी कंट्रोल्स इंटीग्रेट किए गए हैं। आगे डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले भी मिलता है। कुल मिलाकर इंटीरियर को आधुनिक और यूजर-फ्रेंडली बनाने पर फोकस किया गया है।

संभावित इंजन और गियरबॉक्स विकल्प

स्कॉर्पियो लाइफस्टाइलर में स्कॉर्पियो-एन वाला 2.2 लीटर डीजल इंजन मिल सकता है जो 175 हॉर्सपावर पावर पैदा करता है। इसके अलावा 2.0 लीटर डायरेक्ट-इंजेक्शन टर्बो-पेट्रोल इंजन का विकल्प भी दिया जा सकता है जो 203 हॉर्सपावर तक पावर देता है। गियरबॉक्स में छह-स्पीड मैनुअल के साथ छह-स्पीड टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक का विकल्प मिलने की उम्मीद है। ऑफ-रोडिंग के लिए तैयार किए जा रहे इस मॉडल में फोर-व्हील ड्राइव सिस्टम मिलने की संभावना भी काफी मजबूत है।

Scorpio Lifestyler: बाजार में आने का समय और महत्व

कंपनी ने इस मॉडल को अप्रैल 2027 तक बाजार में लाने का लक्ष्य रखा है। पहले दिखाए गए ग्लोबल पिक-अप कॉन्सेप्ट की तुलना में यह वर्जन प्रोडक्शन के ज्यादा करीब लगता है। महिंद्रा लंबे समय से पिकअप सेगमेंट में अपनी उपस्थिति मजबूत करना चाहती है। स्कॉर्पियो लाइफस्टाइलर इसी दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। तीन थीम-बेस्ड एडिशन और स्कॉर्पियो-एन के प्लेटफॉर्म पर आधारित होने से यह मॉडल ग्राहकों को आकर्षित कर सकता है।

नई स्कॉर्पियो लाइफस्टाइलर महिंद्रा के पिकअप प्लान को नई दिशा देने वाली है। कीमत 19.79 लाख रुपये से कम रखने और तीन अलग-अलग थीम वाले एडिशन लाने का फैसला कंपनी की रणनीति को साफ दिखाता है।

डिजाइन, फीचर्स और संभावित पावरट्रेन विकल्पों को देखते हुए यह मॉडल भारतीय बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया हासिल कर सकता है। अप्रैल 2027 में लॉन्च होने के बाद इसकी असली परीक्षा सड़कों पर होगी। फिलहाल कंपनी ने इवेंट में जो मॉडल दिखाया है वह प्रोडक्शन के काफी करीब नजर आ रहा है।

IOCL Vacancy 2026: इंडियन ऑयल में एक्जीक्यूटिव के 470 पदों पर निकली भर्ती, डिप्लोमा और ग्रेजुएट कर सकते हैं आवेदन

IOCL Vacancy 2026: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी IOCL ने एक्जीक्यूटिव के कुल 470 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और इसके लिए आवेदन की अंतिम तारीख 3 सितंबर 2026 तय की गई है। इस भर्ती में बीई, बीटेक, एमबीए, एलएलबी और डिप्लोमा जैसी अलग-अलग योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी सीबीटी के माध्यम से पूरी की जाएगी। सरकारी नौकरी की तलाश में जुटे युवाओं के लिए यह भर्ती एक बड़ा अवसर मानी जा रही है, क्योंकि इसमें इंजीनियरिंग के साथ-साथ मार्केटिंग, लॉ और क्वालिटी कंट्रोल जैसे क्षेत्रों में भी पद उपलब्ध हैं।

IOCL Vacancy 2026: ग्रेड A में सबसे ज्यादा पद

इस भर्ती में सबसे अधिक पद ग्रेड A श्रेणी के अंतर्गत रखे गए हैं, जिनकी कुल संख्या 411 है। इनमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए 118 पद निर्धारित हैं, जो सबसे बड़ी संख्या है। इसके अलावा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 75, सिविल इंजीनियरिंग में 62 और मार्केटिंग विषय में 41 पद रखे गए हैं। इंस्ट्रूमेंटेशन के लिए 35, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन के लिए 32 तथा कंप्यूटर साइंस या आईटी के लिए 22 पद तय किए गए हैं। वहीं केमिकल इंजीनियरिंग में 16 और लॉ यानी कानून विषय में 10 पदों पर भर्ती की जानी है।

ग्रेड A0 और E0 पदों की जानकारी

ग्रेड A0 श्रेणी के अंतर्गत केवल क्वालिटी कंट्रोल यानी केमिस्ट्री विषय में 9 पद रखे गए हैं। वहीं ग्रेड E0 श्रेणी में डिप्लोमा स्तर के कुल 50 पद निर्धारित किए गए हैं। इनमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए 21, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के लिए 14 और सेफ्टी यानी सुरक्षा विषय के लिए 15 पद उपलब्ध हैं। इस तरह तीनों ग्रेड को मिलाकर कुल 470 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चलाई जा रही है।

किन उम्मीदवारों को मिलेगा मौका

ग्रेजुएट इंजीनियर यानी कैटेगरी A के पदों के लिए संबंधित इंजीनियरिंग विषय में बीई या बीटेक डिग्री होना अनिवार्य है। सामान्य, ईडब्ल्यूएस और ओबीसी-एनसीएल वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 65 प्रतिशत अंक जरूरी हैं, जबकि एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी वर्ग के लिए यह सीमा 55 प्रतिशत रखी गई है। ऑफिसर मार्केटिंग पद के लिए मार्केटिंग मैनेजमेंट में एमबीए या पीजीडीबीए डिग्री मांगी गई है, जिसमें सामान्य वर्ग के लिए 60 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 55 प्रतिशत अंक की शर्त रखी गई है। लॉ ऑफिसर पद के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त एलएलबी डिग्री जरूरी है।

असिस्टेंट क्वालिटी कंट्रोल ऑफिसर पद के लिए केमिस्ट्री या संबंधित विषय में पोस्टग्रेजुएट डिग्री अनिवार्य की गई है। वहीं डिप्लोमा इंजीनियर यानी ग्रेड E0 पदों के लिए इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल या सेफ्टी इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा होना चाहिए, जिसमें सामान्य वर्ग के लिए 65 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 55 प्रतिशत अंक की योग्यता रखी गई है।

आयु सीमा को लेकर क्या हैं नियम

इस भर्ती में आयु सीमा की गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी। ग्रेजुएट इंजीनियर यानी ग्रेड A और डिप्लोमा इंजीनियर यानी ग्रेड E0 पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 26 वर्ष तय की गई है। मार्केटिंग ऑफिसर पद के लिए यह सीमा 28 वर्ष रखी गई है, जबकि लॉ ऑफिसर और असिस्टेंट क्वालिटी कंट्रोल ऑफिसर पदों के लिए अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा।

परीक्षा केंद्र और चयन प्रक्रिया

इस भर्ती परीक्षा का आयोजन देशभर के 83 शहरों में किया जाएगा, जिससे अलग-अलग राज्यों के उम्मीदवारों को अपने नजदीकी केंद्र पर परीक्षा देने की सुविधा मिलेगी। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को अपनी पसंद के तीन परीक्षा केंद्र चुनने होंगे। एक बार केंद्र का चयन हो जाने के बाद उसमें किसी भी तरह का बदलाव संभव नहीं होगा। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर और गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहर भी परीक्षा केंद्रों की सूची में शामिल हैं। चयन प्रक्रिया पूरी तरह कंप्यूटर आधारित परीक्षा पर निर्भर रहेगी, जिसके आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाएगी।

IOCL Vacancy 2026: कितना मिलेगा वेतन

वेतन के मामले में यह भर्ती काफी आकर्षक मानी जा रही है। ग्रेड A पद पर चयनित उम्मीदवारों को शुरुआती मूल वेतन 50,000 रुपये प्रतिमाह मिलेगा, जिसका वेतनमान 50,000 से 1,60,000 रुपये के बीच है और अनुमानित वार्षिक सीटीसी करीब 18.4 लाख रुपये बैठता है। ग्रेड A0 पद के लिए शुरुआती वेतन 40,000 रुपये और वार्षिक सीटीसी लगभग 14.8 लाख रुपये अनुमानित है। वहीं ग्रेड E0 डिप्लोमा पदों पर शुरुआती वेतन 30,000 रुपये प्रतिमाह रखा गया है, जिसका वार्षिक सीटीसी करीब 11.1 लाख रुपये होने का अनुमान है।

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की यह भर्ती इंजीनियरिंग, मार्केटिंग, लॉ और क्वालिटी कंट्रोल जैसे विविध क्षेत्रों के उम्मीदवारों के लिए बेहतर करियर अवसर लेकर आई है। आकर्षक वेतनमान और सम्मानजनक पद इसे सरकारी नौकरी चाहने वालों के लिए खास बनाते हैं। इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे तय योग्यता और आयु सीमा को ध्यान में रखते हुए 3 सितंबर 2026 की अंतिम तारीख से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। सही जानकारी और दस्तावेजों के साथ समय पर आवेदन करना इस भर्ती में सफलता की पहली और जरूरी महत्वपूर्ण शर्त मानी जा सकती है।

Daulat Ki Chaat Recipe: पुरानी दिल्ली की प्रसिद्ध दौलत की चाट अब घर पर बनाएं, जानिए मुंह में घुल जाने वाली इस रेसिपी की आसान विधि

Daulat Ki Chaat Recipe: पुरानी दिल्ली की तंग गलियों में सर्दियों की रातों में तैयार होने वाली ‘दौलत की चाट’ केवल एक मिठाई नहीं, बल्कि चांदनी चौक की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक अहम हिस्सा है। अपनी हल्की, अत्यधिक झागदार और मुंह में जाते ही मक्खन की तरह घुल जाने वाली बनावट के लिए यह डिश पूरे देश में मशहूर है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे ‘मलाई माखन’, ‘निमिश’ या ‘मलाइयों’ के नाम से भी जाना जाता है। पारंपरिक रूप से इसे तैयार करने की प्रक्रिया बेहद जटिल और समय लेने वाली होती है, जहां गाढ़े दूध को रातभर खुले आसमान के नीचे ओस की बूंदों में रखा जाता है। यही ओस और प्राकृतिक ठंडक इस मिठाई को इसका खास और अद्वितीय झागदार रूप प्रदान करती है। बाजार में यह मिठाई काफी महंगी मिलती है, लेकिन थोड़ी सी सावधानी और सही सामग्री की मदद से अब इस लाजवाब मिठाई का स्वाद अपने घर में भी आसानी से तैयार किया जा सकता है।
दौलत की चाट का इतिहास सदियों पुराना माना जाता है और इसे नवाबों के दौर की एक शाही सौगात के रूप में देखा जाता है। इस पारंपरिक व्यंजन को बनाने की कला पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होती आई है। आज के आधुनिक युग में जब लोगों के पास पुरानी पद्धतियों का पालन करने का समय नहीं है, तब आधुनिक किचन गैजेट्स की मदद से इसे बनाना काफी सरल हो गया है। इलेक्ट्रिक बीटर और रेफ्रिजरेटर का सही इस्तेमाल करके आप अपने घर की रसोई में ही चांदनी चौक जैसा प्रामाणिक स्वाद और मखमली टेक्सचर प्राप्त कर सकते हैं।

Daulat Ki Chaat Recipe: दौलत की चाट बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

घर पर प्रामाणिक स्वाद वाली दौलत की चाट तैयार करने के लिए सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होता है। सबसे मुख्य सामग्री के रूप में आधा लीटर फुल-फैटी यानी गाढ़ा दूध और दो सौ मिलीलीटर ताजी मलाई या फ्रेश क्रीम की आवश्यकता होती है। दूध में वसा की अच्छी मात्रा होना बहुत जरूरी है, क्योंकि यही झाग को लंबे समय तक टिकाए रखने में मदद करता है।
मिठास और महक के लिए तीन बड़े चम्मच पिसी हुई चीनी, एक छोटा चम्मच इलायची पाउडर और चार से पांच पंखुड़ियां केसर की जरूरत होती है। गार्निशिंग और शाही लुक देने के लिए दो चम्मच बारीक कटे बादाम, दो चम्मच बारीक कटे पिस्ता, थोड़ी सी सूखी गुलाब की पंखुड़ियां और ऐच्छिक रूप से चांदी का वर्क इस्तेमाल किया जा सकता है। सही सामग्री का यह संयोजन मिठाई को बिल्कुल बाजार जैसा रूप और स्वाद देता है।

बेस मिक्सचर तैयार करने की शुरुआती विधि

इस शाही मिठाई को बनाने की शुरुआत दूध को पकाने से होती है। सबसे पहले एक भारी तले वाले पैन या कड़ाही में आधा लीटर फुल-फैटी दूध डालें और उसे धीमी आंच पर उबलने के लिए रख दें। कड़ाही को बीच-बीच में चलाते रहें ताकि दूध पेंदे में न चिपके। जब दूध उबलते-उबलते अपनी शुरुआती मात्रा का लगभग आधा रह जाए, तो गैस बंद कर दें और दूध को पूरी तरह से ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
जब उबला हुआ दूध कमरे के तापमान पर आ जाए, तब उसमें दो सौ मिलीलीटर फ्रेश क्रीम मिलाएं। इसके बाद इसमें पिसी हुई चीनी, इलायची पाउडर और थोड़ा सा गुनगुने दूध में भिगोया हुआ केसर वाला दूध शामिल करें। इन सभी चीजों को एक बड़े बर्तन में डालकर हल्के हाथों से मिला लें ताकि सारे स्वाद आपस में एकसार हो जाएं।

Daulat Ki Chaat Recipe: ठंडा करने और झाग बनाने की पारंपरिक व आधुनिक तकनीक

मिश्रण तैयार होने के बाद इसे सही तापमान देना सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। तैयार मिश्रण वाले बर्तन को ढककर कम से कम आठ घंटे के लिए फ्रिज में रख दें। यदि मौसम काफी ठंडा हो, तो इसे रातभर किसी सुरक्षित ठंडी जगह पर भी रखा जा सकता है। मिश्रण का अत्यधिक ठंडा होना ही उसमें मजबूत और टिकाऊ झाग बनाने की कुंजी है।
आठ घंटे बाद जब मिश्रण एकदम ठंडा हो जाए, तो उसे फ्रिज से बाहर निकालें। अब एक इलेक्ट्रिक बीटर या पारंपरिक मथानी की मदद से मिश्रण को लगातार फेंटना शुरू करें। यदि आप इलेक्ट्रिक बीटर का उपयोग कर रहे हैं, तो इसे मध्यम गति पर लगभग आठ से दस मिनट तक फेंटें। धीरे-धीरे मिश्रण के ऊपर एक बहुत ही हल्का, सफेद और बादलों जैसा झाग तैरने लगेगा। जब झाग गाढ़ा और स्थिर हो जाए, तो फेंटना बंद कर दें।

Daulat Ki Chaat Recipe: परोसने की कला और गार्निशिंग के जरूरी टिप्स

दौलत की चाट को परोसने की शैली भी उतनी ही खास होती है जितना कि इसका स्वाद। तैयार हुए हल्के और मखमली झाग को बहुत ही सावधानी से एक बड़े चम्मच की मदद से सर्विंग कटोरी या मिट्टी के कुल्हड़ में निकालें। ध्यान रहे कि झाग को दबाना नहीं है, बल्कि उसे कटोरी में हल्का ही रहने देना है।
परोसने के ठीक पहले इसके ऊपर कटे हुए बादाम, पिस्ता और केसर के धागे छिड़कें। यदि उपलब्ध हो, तो ऊपर से चांदी का वर्क और सूखी गुलाब की पंखुड़ियां लगाएं। ड्राई फ्रूट्स को हमेशा सर्व करते समय ही ऊपर से डालना चाहिए, ताकि उनका कुरकुरापन बना रहे और वे झाग के वजन से नीचे न बैठें। इसके बाद इस ठंडी-ठंडी शाही चाट का तुरंत आनंद उठाएं।

स्वाद में निखार लाने के लिए कुछ विशेष सुझाव

दौलत की चाट को परफेक्ट बनाने के लिए कुछ छोटी-छोटी लेकिन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। हमेशा ध्यान रखें कि इस डिश के लिए कभी भी टोंड या कम वसा वाले दूध का इस्तेमाल न करें, क्योंकि उससे सही झाग नहीं बन पाता। मलाई और दूध दोनों ही ठंडे होने चाहिए, तभी बीटिंग के दौरान हवा के बुलबुले उसमें रुक पाते हैं।
इसके अलावा, यदि आपके पास इलेक्ट्रिक बीटर नहीं है, तो आप पारंपरिक हाथ वाली मथानी का उपयोग भी कर सकते हैं, हालांकि इसमें थोड़ा अधिक समय और मेहनत लग सकती है। इस मिठाई को बनने के बाद बहुत देर तक बाहर न रखें, क्योंकि तापमान बढ़ते ही इसका झाग पिघलकर दोबारा तरल बन सकता है। इसलिए इसे हमेशा फ्रिज में रखें और ठंडा-ठंडा ही परोसें।
पुरानी दिल्ली की विश्व प्रसिद्ध दौलत की चाट भारतीय मिष्ठान कला का एक बेहतरीन उदाहरण है। दूध और क्रीम के सही मिश्रण को सही तकनीक से फेंटकर बनाई जाने वाली यह मिठाई न केवल स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि इसका हर एक चम्मच मुंह में जाते ही एक अनोखा एहसास देता है। हालांकि इसे घर पर बनाना थोड़ा धैर्य का काम है, लेकिन जब आप इसके मखमली स्वाद का अनुभव करते हैं, तो आपकी पूरी मेहनत सफल हो जाती है। इस आसान रेसिपी का पालन करके आप बिना चांदनी चौक गए, अपनी रसोई में ही इस शाही और पारंपरिक व्यंजन का आनंद ले सकते हैं और अपने मेहमानों को भी एक खास सरप्राइज दे सकते हैं।

Breaking News: रामपुरहाट TMC कार्यालय में लटका मिला पूर्व डिप्टी स्पीकर का शव

कोलकाता/रामपुरहाट: पश्चिम बंगाल की राजनीति से रविवार सुबह एक दुखद खबर सामने आई। पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और रामपुरहाट से पांच बार विधायक रहे तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता आशीष बनर्जी बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित पार्टी कार्यालय में मृत पाए गए।

पुलिस के अनुसार, उनका शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में पार्टी कार्यालय के बाहर पहुंच गए।

तृणमूल कांग्रेस कार्यालय में मिला शव

बीरभूम पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह रामपुरहाट स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय में आशीष बनर्जी का शव फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

ममता सरकार में रहे डिप्टी स्पीकर

आशीष बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा के डिप्टी स्पीकर रह चुके थे। अपने लंबे राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने तृणमूल कांग्रेस में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में वह एक प्रभावशाली नेता के रूप में पहचाने जाते थे।

उन्होंने सरकार में शिक्षा और कृषि जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली थी। ममता बनर्जी के पहली बार सत्ता में आने के बाद उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई थीं। रामपुरहाट से पांच बार चुने गए विधायक

आशीष बनर्जी का रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से गहरा राजनीतिक जुड़ाव रहा। वह इस सीट से पांच बार विधायक चुने गए और लंबे समय तक क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे। हालांकि, इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार ध्रुबा साहा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

हालिया चुनावी हार के बावजूद वह तृणमूल कांग्रेस की राजनीति में एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता माने जाते थे।

हत्तलापारा इलाके में रहता है परिवार

आशीष बनर्जी का परिवार रामपुरहाट के हत्तलापारा इलाके में रहता है। उनके निधन की खबर फैलते ही समर्थकों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग पार्टी कार्यालय के बाहर जमा हो गए।

पूर्व डिप्टी स्पीकर के अचानक निधन ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी शोक की स्थिति पैदा कर दी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

Cloudburst नाला बना मौत की धारा: दूल्हे को पीठ पर लादकर सुरेश ने पार कराया उफान

चंबा/भरमौर: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में देर रात बादल फटने से हालात भयावह हो गए। बडग्राम क्षेत्र में पलानी नाला अचानक उफान पर आ गया और देखते ही देखते तेज बहाव ने नाले को मौत की धारा में बदल दिया। इस दौरान एक बारात और स्थानीय ग्रामीण नाले के दोनों ओर फंस गए। उफनते पानी और रात के अंधेरे के बीच लोगों के लिए नाला पार करना बेहद खतरनाक हो गया।

सुरेश कुमार ने दिखाई अदम्य हिम्मत

मुश्किल की इस घड़ी में मलकौता निवासी सुरेश कुमार ने साहस और इंसानियत की अनोखी मिसाल पेश की। जान की परवाह किए बिना सुरेश कुमार ने दूल्हे को अपनी पीठ पर उठाया और तेज बहाव वाले नाले को पार कराकर सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया। उफनते पानी के बीच उनका यह कदम बेहद जोखिम भरा था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने सुरेश कुमार के साहस की जमकर सराहना की। उनका यह प्रयास दूल्हे और उसके साथ मौजूद लोगों के लिए राहत लेकर आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी का बहाव इतना तेज था कि नाले के बीच एक-एक कदम बढ़ाना भी जान जोखिम में डालने जैसा था।

कैमरे में कैद हुईं भयावह तस्वीरें

रात के अंधेरे में हुई इस पूरी घटना की मार्मिक और भयावह झलकियां मंजु क्षत्रिय ने अपने कैमरे में कैद की हैं। सामने आए दृश्य पलानी नाले के विकराल रूप और उस समय पैदा हुए खतरे को साफ बयां कर रहे हैं। वीडियो और तस्वीरों में लोग तेज बहाव के बीच एक-दूसरे की मदद करते दिखाई दे रहे हैं।

फिर उजागर हुई पुल निर्माण की पुरानी मांग

इस घटना ने बडग्राम पंचायत के लोगों की वर्षों पुरानी समस्या को एक बार फिर सामने ला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पलानी नाले पर स्थायी पुल न होने के कारण बरसात के मौसम में आवाजाही बेहद जोखिम भरी हो जाती है। बारिश और अचानक आने वाले तेज बहाव के दौरान लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नाला पार करना पड़ता है।

ग्रामीण लंबे समय से यहां स्थायी पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बादल फटने और भारी बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। पुल बनने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भी सुरक्षित आवाजाही की सुविधा मिल सकेगी।

फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा के दौरान बुनियादी ढांचे की अहमियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरेश कुमार की बहादुरी ने जहां एक संभावित बड़े हादसे को टालने में मदद की, वहीं पलानी नाले पर स्थायी पुल निर्माण की मांग को भी नई मजबूती मिली है।