Ranchi University Direct PhD: रांची यूनिवर्सिटी में अब ग्रेजुएशन के बाद सीधे PhD, जानें नए नियम और पूरी पात्रता शर्तें
Ranchi University Direct PhD: झारखंड की राजधानी रांची से उच्च शिक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है, जो हजारों छात्रों के भविष्य को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाली है। रांची यूनिवर्सिटी ने पीएचडी में दाखिले को लेकर अपने नियमों में बड़ा फेरबदल किया है, और यह बदलाव करीब डेढ़ दशक बाद हुआ है। नई शिक्षा नीति 2020 और यूजीसी रेगुलेशन 2022 के प्रावधानों के तहत लाए गए इस बदलाव के बाद अब चार वर्षीय ग्रेजुएशन कोर्स करने वाले कई छात्र सीधे पीएचडी के लिए आवेदन कर सकेंगे।
सवाल यह उठता है कि आखिर किन छात्रों को इसका फायदा मिलेगा, और पोस्ट ग्रेजुएशन किए बिना पीएचडी का रास्ता खुलने के पीछे यूनिवर्सिटी की क्या सोच रही है। इसे समझने के लिए नए नियमों की पूरी बारीकियों पर नजर डालनी जरूरी है।
Ranchi University Direct PhD: किन छात्रों को मिलेगा सीधे PhD में दाखिले का मौका
रांची यूनिवर्सिटी के नए नियमों के मुताबिक चार वर्षीय ग्रेजुएशन कोर्स में कम से कम 75 फीसदी अंक हासिल करने वाले उम्मीदवार अब पीएचडी के लिए आवेदन कर सकेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि ऐसे छात्रों के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री अब अनिवार्य नहीं रह गई है। यानी जो छात्र चार साल की ग्रेजुएशन अच्छे अंकों के साथ पूरी करते हैं, वे मास्टर डिग्री का इंतजार किए बिना सीधे रिसर्च की दुनिया में कदम रख सकते हैं। हालांकि जो छात्र दो वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स की परंपरागत राह अपनाना चाहते हैं, उनके लिए भी रास्ता खुला है, बशर्ते उन्होंने पीजी में कम से कम 55 फीसदी अंक हासिल किए हों। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए राहत की बात यह है कि उन्हें न्यूनतम पात्रता अंकों में पांच फीसदी की छूट दी जाएगी। यूनिवर्सिटी के कुलपति सरोज शर्मा ने पीएचडी डिग्री से जुड़े इन न्यूनतम मानकों और प्रक्रियाओं को लेकर बाकायदा अधिसूचना जारी कर दी है।
प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू से तय होगा एडमिशन
अब सिर्फ अंक अच्छे होने से ही दाखिला पक्का नहीं होगा। नए नियमों के तहत पीएचडी में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू, दोनों से गुजरना होगा। मेरिट सूची तैयार करते समय प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू में मिले अंकों का वेटेज क्रमशः 70 और 30 फीसदी रखा गया है। यहां एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि पीएचडी एंट्रेंस टेस्ट में आधे सवाल रिसर्च मेथाडोलॉजी से जुड़े होंगे, जबकि बाकी आधे सवाल संबंधित विषय पर आधारित रहेंगे। मतलब सिर्फ विषय की जानकारी काफी नहीं, रिसर्च की बुनियादी समझ भी उतनी ही जरूरी मानी जाएगी।
देखने पर लगता है कि यूनिवर्सिटी उन छात्रों को खास तवज्जो देना चाहती है, जिन्होंने पहले से नेट या जेआरएफ जैसी कठिन परीक्षाएं पास कर रखी हैं। ऐसे नेट जेआरएफ क्वालिफाइड उम्मीदवारों को प्रवेश परीक्षा से पूरी तरह छूट दे दी गई है, और उनका चयन सीधे इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। यह प्रावधान उन मेधावी छात्रों के लिए राहत भरा है, जो पहले ही राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में अपनी काबिलियत साबित कर चुके हैं।
PhD पूरी करने की समयसीमा को लेकर क्या तय हुआ
पीएचडी में दाखिला मिलने के बाद रिसर्चर को शुरुआत में 12 क्रेडिट का कोर्स वर्क पूरा करना अनिवार्य होगा, तभी वे अपनी रिसर्च प्रक्रिया को आगे बढ़ा पाएंगे। नए नियमों में पीएचडी पूरी करने की समयसीमा को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत न्यूनतम तीन साल में पीएचडी पूरी करनी होगी, जबकि अधिकतम समयसीमा छह साल तय की गई है। अगर कोई रिसर्चर छह साल में भी अपना काम पूरा नहीं कर पाता, तो उसे दो साल के लिए दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने का विकल्प मिलेगा। हालांकि इसके बाद किसी तरह का और विस्तार देने का प्रावधान नियमों में नहीं रखा गया है।
महिला और दिव्यांग रिसर्चर्स के लिए खास छूट
यहां एक और अहम प्रावधान ऐसा है, जो कई रिसर्चर्स के लिए राहत की खबर साबित हो सकता है। महिला रिसर्चर और 40 फीसदी से ज्यादा दिव्यांगता वाले रिसर्चर को समयसीमा में अतिरिक्त दो साल की छूट दी जाएगी। इसके अलावा नए नियमों में महिला रिसर्चर्स के लिए 240 दिन तक मैटरनिटी या चाइल्ड केयर लीव देने का भी प्रावधान जोड़ा गया है। जानकार बताते हैं कि इस तरह की व्यवस्था से उन महिला शोधार्थियों को खासा फायदा मिलेगा, जो मातृत्व और करियर के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में अक्सर पीछे छूट जाती थीं।
Ranchi University Direct PhD: छात्रों के लिए इसका क्या मतलब है
यह बदलाव सीधे तौर पर उन छात्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो कम उम्र में ही रिसर्च की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं। अब तक ज्यादातर छात्रों को पीएचडी से पहले लंबा रास्ता तय करना पड़ता था, ग्रेजुएशन के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन, फिर कहीं जाकर पीएचडी में दाखिला मिलता था। नए नियम इस पूरे सफर को छोटा कर सकते हैं, बशर्ते छात्र चार वर्षीय ग्रेजुएशन में तय मानक के मुताबिक अंक हासिल करें। यह बदलाव न सिर्फ समय बचाएगा, बल्कि उन छात्रों को भी प्रोत्साहित करेगा जो जल्दी रिसर्च फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
कुल मिलाकर रांची यूनिवर्सिटी का यह फैसला उच्च शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में एक अहम बदलाव माना जा रहा है। चार वर्षीय ग्रेजुएशन के बाद सीधे पीएचडी का रास्ता खुलना, प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू की नई व्यवस्था, और महिला व दिव्यांग रिसर्चर्स के लिए विशेष छूट, ये सभी प्रावधान मिलकर एक ज्यादा समावेशी और सुगम व्यवस्था बनाने की कोशिश करते हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले सत्र में कितने छात्र इस नए रास्ते का फायदा उठाते हैं।
Kal Ka Mausam 23 August: 25 राज्यों में आफत की बारिश, 80 की रफ्तार से चलेगी आंधी, IMD का बड़ा अलर्ट
Kal Ka Mausam 23 August: मानसून इन दिनों देश के अलग-अलग हिस्सों में जमकर कहर बरपा रहा है, और अब मौसम विभाग ने एक और चिंता बढ़ाने वाला अलर्ट जारी कर दिया है। कल यानी 23 अगस्त को देश के 25 राज्यों में मूसलाधार बारिश और तेज आंधी की चेतावनी दी गई है। सबसे ज्यादा फिक्र की बात यह है कि कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़ने का खतरा बना हुआ है।
इतनी तेज आंधी और बारिश का असर सिर्फ आम जनजीवन पर ही नहीं, बल्कि किसानों की खड़ी फसल पर भी सीधा पड़ सकता है। आखिर किन राज्यों में हालात सबसे ज्यादा गंभीर रहने वाले हैं, और किन इलाकों में लोगों को खास सावधानी बरतनी होगी, यह जानना हर किसी के लिए जरूरी है।
Kal Ka Mausam 23 August: किन 25 राज्यों में जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक कल यानी 23 अगस्त को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, त्रिपुरा, मेघालय, सिक्किम और नागालैंड में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा के तेज झोंके चल सकते हैं। कई राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है, जिससे खुले खेतों या पेड़ों के नीचे खड़े रहना खासा जोखिम भरा साबित हो सकता है। जानकार बताते हैं कि इस बार का सिस्टम पिछले कुछ दिनों के मुकाबले कहीं ज्यादा प्रभावी है, इसीलिए एक साथ इतने राज्यों को दायरे में लिया गया है।
पहाड़ी राज्यों के लिए यह चेतावनी और भी गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि वहां भारी बारिश के साथ लैंडस्लाइड का खतरा भी जुड़ा हुआ है। वहीं पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में वज्रपात का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। समुद्र किनारे रहने वाले मछुआरों को साफ तौर पर सलाह दी गई है कि वे तट से दूर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं, और घने जंगल वाले इलाकों की यात्रा फिलहाल टाल दें।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत का हाल
राजधानी दिल्ली में कल भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है, जहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। दिल्ली का अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर, गोरखपुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी दी गई है, जबकि लखनऊ का तापमान 33 और 28 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।
बिहार में पटना, गया, भोजपुर, दरभंगा, मधुबनी, भागलपुर और किशनगंज सहित कई जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी है, वहीं पटना का तापमान 34 और 28 डिग्री के बीच रहेगा। झारखंड के धनबाद, रांची, जमशेदपुर और हजारीबाग जैसे जिलों में भी 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चलने का अलर्ट दिया गया है, जहां रांची का तापमान 31 और 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
पहाड़ी और सीमावर्ती राज्यों में भी खतरा बरकरार
उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग जैसे इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट है, जहां देहरादून का तापमान 29 और 24 डिग्री के बीच रहेगा। हिमाचल प्रदेश के मंडी, चंबा, कुल्लू और किन्नौर में भी बारिश-तूफान की चेतावनी दी गई है, वहीं मनाली में तापमान 16 और 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़, पुंछ, अनंतनाग और बारामूला में भी 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की आशंका है, और श्रीनगर का तापमान 26 तथा 17 डिग्री के करीब रहेगा।
Kal Ka Mausam 23 August: पूरब और मैदानी राज्यों में भी अलर्ट पर अलर्ट
पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, दार्जिलिंग और अलीपुरद्वार जैसे इलाकों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी है, जहां कोलकाता का तापमान 33 और 28 डिग्री के आसपास बना रहेगा। पंजाब के लुधियाना, अमृतसर, चंडीगढ़ और बठिंडा में भी भारी बारिश-आंधी का अलर्ट है, जहां हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राजस्थान के जयपुर, अलवर, उदयपुर और बाड़मेर सहित कई जिलों में भी इसी तरह का अलर्ट है, वहीं जयपुर में तापमान 35 और 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। मध्य प्रदेश के इंदौर, सागर, खंडवा और छिंदवाड़ा में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने की चेतावनी है, जबकि भोपाल का तापमान 29 और 23 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।
देश के बाकी बड़े शहरों की बात करें तो मुंबई में कल अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 28 डिग्री, चेन्नई में 36 और 27 डिग्री, जबकि शिमला में सिर्फ 26 और 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान रहने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक इसकी बड़ी वजह पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट पर बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी एक और ऐसा ही सिस्टम सक्रिय है, जो पूरे उत्तर और मध्य भारत में मौसम को प्रभावित कर रहा है।
कुल मिलाकर 23 अगस्त का दिन देश के बड़े हिस्से के लिए सतर्कता भरा रहने वाला है। जिन राज्यों में तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट है, वहां घर से बाहर निकलने से पहले मौसम विभाग की चेतावनी जरूर ध्यान में रखें और साथ में छाता रखना न भूलें। किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, वहीं पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को लैंडस्लाइड के खतरे से सावधान रहना होगा। मौसम को लेकर आगे की अपडेट के लिए बना रहें जुड़े।
जलजमाव और गंदगी पर एनसीपी ने जमशेदपुर नोटिफाइड को सौंपा ज्ञापन
Jamshedpur, 22 अगस्त 2026: लगातार बारिश के कारण जमशेदपुर के निचले इलाकों सहित कई क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति को लेकर एनसीपी जमशेदपुर महानगर ने चिंता जताई है। शनिवार को पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से एनसीपी नेताओं ने कहा कि बारिश के कारण कई इलाकों में पानी जमा हो गया है और कुछ घरों के लगभग जलमग्न होने की स्थिति बन गई है। विभिन्न क्षेत्रों में कचरे का अंबार भी बिखरा हुआ है, जिससे आने वाले दिनों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने सवाल उठाया कि प्रशासन और संबंधित विभाग अक्सर समस्या गंभीर होने के बाद ही सक्रिय क्यों होते हैं। पार्टी ने कहा कि यदि समय रहते उचित और ठोस कदम उठाए जाएं तो समस्या के गहराने से पहले ही उस पर प्रभावी ढंग से काबू पाया जा सकता है।
एनसीपी ने मांग की कि बरसात के मौसम को देखते हुए अभी से क्षेत्र में नालियों की नियमित सफाई कराई जाए, कचरे का समय पर उठाव सुनिश्चित किया जाए और आवश्यक स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाए। इससे जलजमाव, गंदगी और बीमारियों के खतरे से आम लोगों को राहत मिल सकेगी।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में जितेंद्र मिश्रा, तेजपाल सिंह टोनी, शैलेंद्र झा, सौरव ओझा, ललित ढिंगरा और सुनील तिवारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
यह जानकारी एनसीपी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. पवन पांडेय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई।
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ओडिशा सरकार को मृतक हरभजन सिंह के परिजनों की जमशेदपुर में तलाश, मुआवजा दिलाने का प्रयास
जमशेदपुर: ओडिशा के संबलपुर निवासी सरदार हरभजन सिंह का वर्ष 2023 में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद से परिजनों या निकट संबंधियों का पता नहीं चल पाने के कारण सरकार की निर्धारित मुआवजा राशि अब तक वास्तविक हकदारों तक नहीं पहुंच सकी है। अब संबलपुर जिला प्रशासन मृतक के परिवार की तलाश में जुटा है और इसके लिए जमशेदपुर में भी संपर्क किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, सरदार हरभजन सिंह पहले जमशेदपुर में रहते थे। बताया गया है कि उनकी पुत्री की शादी वर्ष 2016 में जमशेदपुर में हुई थी। इसी वजह से प्रशासन को आशंका है कि उनके परिजन या अन्य करीबी रिश्तेदार जमशेदपुर अथवा आसपास के क्षेत्रों में रह रहे हो सकते हैं।
संबलपुर जिला प्रशासन का उद्देश्य मृतक के वास्तविक परिजनों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार मिलने वाली मुआवजा राशि उपलब्ध कराना है। इसके लिए स्थानीय लोगों और समाज के सदस्यों से भी सहयोग की अपील की गई है, ताकि हरभजन सिंह के परिवार तक पहुंचा जा सके और वर्षों से लंबित मुआवजे की प्रक्रिया पूरी हो सके।

जानकारी हो तो यहां करें संपर्क
यदि किसी के पास सरदार हरभजन सिंह या उनके परिवार से संबंधित कोई जानकारी है, तो वह सरदार इन्दर सिंह इन्दर के मोबाइल नंबर 6299003622 पर संपर्क कर जानकारी साझा कर सकता है।
इन्दर सिंह इन्दर ने समाज के लोगों से इस सूचना को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की विशेष अपील की है, ताकि हरभजन सिंह के वास्तविक परिजनों का जल्द पता लगाया जा सके और उन्हें ओडिशा सरकार की ओर से निर्धारित मुआवजा राशि का वैधानिक अधिकार मिल सके।
Haryana TET Result 2026: हरियाणा टेट रिजल्ट जारी, सिर्फ 16.57% अभ्यर्थी ही कर पाए पास, चेक करें अपना स्कोर
Haryana TET Result 2026: हरियाणा में शिक्षक बनने का सपना संजोए बैठे लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड यानी HBSE भिवानी ने हरियाणा टेट यानी हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था, वे अब अपना स्कोर कार्ड ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। लेकिन रिजल्ट के आंकड़े देखकर एक बात साफ हो जाती है, इस बार परीक्षा पास करना आसान नहीं रहा।
कुल 1,92,220 अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी थी, लेकिन सफल होने वालों की तादाद उतनी बड़ी नहीं रही जितनी उम्मीद की जा रही थी। आखिर इस बार पास प्रतिशत इतना कम क्यों रहा, और जिन उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अभी बाकी है, उनका क्या होगा, यह जानना हर अभ्यर्थी के लिए जरूरी है।
Haryana TET Result 2026: कितने अभ्यर्थी हुए पास, जानें पूरा आंकड़ा
बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों पर गौर करें तो हरियाणा टेट 2025 में शामिल 1,92,220 अभ्यर्थियों में से सिर्फ 31,847 उम्मीदवार ही परीक्षा में सफल हो पाए। यानी कुल पास प्रतिशत महज 16.57 फीसदी रहा। इसका सीधा मतलब है कि हर सौ में से करीब 83 अभ्यर्थी इस बार परीक्षा में सफल नहीं हो सके। देखने पर लगता है कि इस बार का पेपर या फिर कट-ऑफ का स्तर, दोनों में से किसी वजह से बड़ी संख्या में उम्मीदवार पीछे रह गए, हालांकि बोर्ड की ओर से इसकी अलग से कोई वजह नहीं बताई गई है।
तीनों लेवल में कितने उम्मीदवार बैठे परीक्षा में
हरियाणा टेट परीक्षा तीन अलग-अलग स्तरों पर आयोजित होती है, और तीनों में उम्मीदवारों की भागीदारी काफी अलग-अलग रही। पीआरटी यानी लेवल 1 के लिए 31,402 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। वहीं टीजीटी यानी लेवल 2 के लिए सबसे ज्यादा 99,896 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। पीजीटी यानी लेवल 3 में 60,922 अभ्यर्थी शामिल हुए। तीनों स्तरों को मिलाकर कुल परीक्षार्थियों की संख्या 1,92,220 तक पहुंच गई, जो इस परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों की भारी दिलचस्पी दिखाती है। जानकार बताते हैं कि टीजीटी लेवल में सबसे ज्यादा भीड़ होने की वजह यही है कि इस श्रेणी में शिक्षक पदों की संख्या भी अपेक्षाकृत अधिक रहती है, जिससे उम्मीदवार इस लेवल को प्राथमिकता देते हैं।
बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को लेकर एक जरूरी अपडेट
यहां एक ऐसा पहलू भी है, जिस पर सफल उम्मीदवारों को खास ध्यान देने की जरूरत है। बोर्ड के मुताबिक कुल सफल उम्मीदवारों में से 30,883 अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पहले ही पूरा हो चुका है। लेकिन इसी बीच एक हैरान करने वाला आंकड़ा भी सामने आया है, 964 उम्मीदवार अब तक इस प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हो पाए हैं। मामला कुछ इस तरह से है कि इन उम्मीदवारों के लिए फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि बोर्ड ने साफ किया है कि जो सफल अभ्यर्थी किसी वजह से बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं करा पाए, उन्हें प्रक्रिया पूरी करने का एक और मौका दिया जाएगा। इसके लिए भिवानी स्थित बोर्ड मुख्यालय में अलग से वेरिफिकेशन कराया जाएगा, और इसका शेड्यूल बोर्ड की तरफ से जल्द जारी किया जा सकता है।
रिजल्ट चेक और डाउनलोड करने का तरीका
जो अभ्यर्थी अपना रिजल्ट अभी तक नहीं देख पाए हैं, उनके लिए प्रक्रिया काफी सीधी है। सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट htet.eapplynow.com पर जाना होगा। वेबसाइट खुलने के बाद होम पेज पर दिख रहे HTET रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करना है। इसके बाद खुलने वाले पेज पर रोल नंबर और पासवर्ड जैसी मांगी गई जानकारी दर्ज करनी होगी। यह जानकारी सबमिट करते ही स्क्रीन पर रिजल्ट दिखाई देने लगेगा, जहां उम्मीदवार अपने प्राप्तांक और क्वालीफाइंग स्टेटस देख सकते हैं। रिजल्ट देखने के बाद स्कोर कार्ड डाउनलोड करना और उसका प्रिंटआउट निकालकर संभालकर रखना भी जरूरी सलाह दी गई है, क्योंकि आगे की प्रक्रियाओं में इसकी जरूरत पड़ती रहेगी।
Haryana TET Result 2026: स्कोर कार्ड में मिलेगी यह पूरी जानकारी
HTET स्कोर कार्ड सिर्फ पास या फेल का स्टेटस नहीं दिखाता, बल्कि इसमें उम्मीदवार से जुड़ी कई अहम जानकारियां भी दर्ज होती हैं। इसमें उम्मीदवार का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्मतिथि, जेंडर, पिता का नाम और कैटेगरी जैसी बुनियादी जानकारी शामिल रहती है। इसके साथ ही क्वालीफाइंग मार्क्स, कुल प्राप्त अंक और विषयवार अंक भी स्कोर कार्ड में साफ-साफ दर्शाए जाते हैं। बोर्ड की सलाह है कि रिजल्ट डाउनलोड करने के तुरंत बाद उम्मीदवार इन सभी विवरणों को ध्यान से जांच लें, ताकि किसी भी तरह की गलती या विसंगति की स्थिति में समय रहते बोर्ड से संपर्क किया जा सके।
हरियाणा टेट 2025 का यह रिजल्ट राज्य के उन लाखों युवाओं के लिए बेहद अहम है, जो सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं। सिर्फ 16.57 फीसदी पास प्रतिशत यह भी दिखाता है कि आने वाले समय में प्रतियोगिता और भी कड़ी होने वाली है। जिन अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अभी बाकी है, उन्हें बोर्ड की अगली सूचना का इंतजार करना होगा। फिलहाल सफल उम्मीदवारों को सलाह है कि वे अपना स्कोर कार्ड डाउनलोड कर लें और आगे की प्रक्रिया के लिए तैयार रहें। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के शेड्यूल को लेकर अपडेट अभी आनी बाकी है, ऐसे में अभ्यर्थियों को बोर्ड की वेबसाइट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: घर पर सोलर पैनल लगवाओ, 78 हजार रुपये सरकार देगी
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: 1 किलोवाट पर 30 हजार और 2 किलोवाट पर 60 हजार की छूट
3 किलोवाट या उससे अधिक पर अधिकतम 78 हजार सब्सिडी
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: केवल घरेलू और आवासीय उपभोक्ताओं के लिए है योजना
पंजीकृत वेंडर से इंस्टॉलेशन कराना अनिवार्य
नेशनल पोर्टल के जरिए कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: बिजली बिल में होगी भारी बचत और अतिरिक्त कमाई
Delhi Crime News: पति की मौत पर पत्नी बोली- ‘सब ड्रामा है’, सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पीट-पीटकर हत्या से सनसनी
Delhi Crime News: पश्चिमी दिल्ली के निहाल विहार इलाके से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे मोहल्ले को हिलाकर रख दिया है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय गुप्ता की उनके ही घर में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, और इस पूरे मामले में उनकी पत्नी रेखा पर परिवार वालों ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विनय की मौत की खबर मिलने पर रेखा की प्रतिक्रिया कुछ ऐसी थी, जिसने सबको अंदर तक झकझोर दिया।
लक्ष्मी पार्क इलाके में हुई इस वारदात के पीछे आखिर क्या वजह थी, और घर के अंदर उस दिन ठीक-ठीक क्या हुआ, यह जानने के लिए पूरी घटना को सिलसिलेवार समझना जरूरी है।
Delhi Crime News: घर के अंदर कैसे बदला माहौल
स्वजन के मुताबिक शुक्रवार सुबह विनय और रेखा के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद रेखा ने अपने पिता ज्ञान चंद, भाइयों राजकुमार और सोनू, एक भाई की पत्नी और दो अन्य लोगों को घर पर बुला लिया। उस वक्त घर में सिर्फ विनय और उनकी मां मौजूद थीं। परिवार का कहना है कि रेखा के पिता और भाई कार से घर पहुंचे और बिना किसी से कोई बातचीत किए सीधे पहली मंजिल पर स्थित विनय के कमरे की तरफ चले गए। विनय की मां उस समय ग्राउंड फ्लोर पर थीं, इसलिए उन्हें शुरुआत में कुछ अंदाजा नहीं हुआ।
चीखने की आवाज सुनकर दौड़ीं मां, फिर जो हुआ
कुछ ही देर बाद विनय की मां को ऊपर के कमरे से चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनाई दीं। उन्हें लगा कि विनय को पीटा जा रहा है, और तभी उन्हें मदद के लिए पुकारने की आवाज भी सुनाई दी। जैसे ही वह ऊपर पहुंचीं, वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। स्वजन के अनुसार कमरे में सभी लोग विनय को घेरे हुए थे और उसके साथ मारपीट कर रहे थे। आरोप है कि रेखा वहीं पास खड़ी थी, लेकिन उसे रोकने के बजाय कथित तौर पर हमलावरों को उकसा रही थी। विनय ने अपनी मां को देखते ही कमरे से बाहर निकलने की कोशिश की, मगर आरोप है कि लोगों ने उसे तुरंत पकड़ लिया।
मां को कमरे से बाहर करने का आरोप
यहीं से यह पूरा मामला और भी दर्दनाक मोड़ लेता है। स्वजन का कहना है कि जब विनय की मां अपने बेटे को बचाने की कोशिश कर रही थीं, तो रेखा ने उनका हाथ पकड़कर जबरन उन्हें कमरे से बाहर धकेल दिया। वह बार-बार लोगों से अपने बेटे को छोड़ने की गुहार लगाती रहीं, लेकिन आरोप है कि किसी ने उनकी एक न सुनी। मजबूर होकर उन्होंने पड़ोसियों को जोर-जोर से आवाज लगानी शुरू कर दी। जैसे ही पड़ोसियों के आने की आहट हुई, आरोपित वहां से भागने लगे। स्वजन के मुताबिक पकड़े जाने के डर में वे इतनी जल्दी में थे कि जिस कार से वे वहां पहुंचे थे, उसे भी मौके पर छोड़कर चले गए।
Delhi Crime News: पत्नी की प्रतिक्रिया ने बढ़ाई हैरानी
विनय की मौत की खबर जब रेखा तक पहुंचाई गई, तो उनकी प्रतिक्रिया ने सबको चौंका दिया। स्वजन के मुताबिक रेखा ने कहा, “सब ड्रामे कर रहे हैं, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। मुझे डराने के लिए झूठ बोला जा रहा है।” पति की मौत जैसी घटना पर इस तरह की संवेदनहीन प्रतिक्रिया ने परिवार के आरोपों को और मजबूत कर दिया है। जानकार बताते हैं कि पुलिस अब इसी बिंदु पर भी गौर कर रही है कि आखिर पत्नी की यह प्रतिक्रिया महज सदमे की वजह से थी, या इसके पीछे कुछ और वजह छिपी है।
विनय नोएडा स्थित एडोबी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करते थे और अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। करीब साढ़े तीन साल पहले उनकी शादी रेखा से हुई थी, और दोनों के करीब साढ़े चार महीने के जुड़वां बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी। एक भरे-पूरे परिवार में अचानक आई इस त्रासदी ने दोनों तरफ के रिश्तेदारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
Delhi Crime News: पुलिस जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस के मुताबिक फिलहाल विनय की मौत की सही वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका है, और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी। पुलिस सभी आरोपितों से पूछताछ कर रही है, ताकि घटना की पूरी कड़ी को जोड़ा जा सके। यह मामला अभी जांच के दायरे में है, इसलिए सभी आरोप फिलहाल स्वजन की तरफ से लगाए गए बयानों पर आधारित हैं। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी।
यह मामला सिर्फ एक परिवार की व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि घरेलू विवाद के इतने भयानक रूप में तब्दील होने की चेतावनी भी है। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर, जो अपने माता-पिता का इकलौता सहारा था और दो नन्हे बच्चों का पिता था, आज इस दुनिया में नहीं रहा। परिवार की तरफ से लगाए गए आरोप गंभीर हैं, लेकिन असली सच्चाई पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। मामले की आगे की जानकारी अभी आनी बाकी है, और अब सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
