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High alert in Pune due to heavy rain, खड़कवासला बांध से बढ़ाया गया पानी का डिस्चार्ज

Pune: महाराष्ट्र के पुणे में लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। प्रशासन ने शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। खड़कवासला बांध से मुठा नदी में पानी का डिस्चार्ज बढ़ा दिया गया है, जिससे नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

बढ़ते जलस्तर के कारण पुणे का प्रसिद्ध भिडे ब्रिज पूरी तरह पानी में डूब गया है। एहतियात के तौर पर पुल पर लोगों और वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।

नदी किनारे स्थित निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ने के बाद प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। विशेष रूप से एकता नगर और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे नदी और पुलों के आसपास जाने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। यदि बारिश का दौर जारी रहता है तो मुठा नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ने की आशंका है।

Mumbai: महाराष्ट्र सरकार ने CJP समर्थित प्रदर्शनों के मामलों को वापस लेने का लिया फैसला

Mumbai | 30 जुलाई 2026: महाराष्ट्र सरकार ने CJP समर्थित हालिया प्रदर्शनों में शामिल छात्रों, युवाओं और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

DGP को जारी हुए औपचारिक निर्देश

राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक DGP को निर्देश जारी किए हैं कि इन मामलों को वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाए।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनीषा म्हैस्कर को मामलों की वापसी की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन युवाओं के नाम इन मामलों में दर्ज हैं, उनके खिलाफ फिलहाल किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।

गृह विभाग जुटाएगा सभी मामलों का विवरण

गृह विभाग अब राज्यभर में CJP समर्थित प्रदर्शनों से जुड़े सभी मामलों का विवरण एकत्र करेगा। इसके बाद अलग से आदेश जारी कर अदालत के जरिए कानूनी प्रक्रिया के तहत इन मामलों को वापस लेने की कार्रवाई होगी।

ध्यान दें: कानूनी प्रावधानों के अनुसार सरकार सीधे केस वापस नहीं ले सकती। इसके लिए पहले पुलिस को चार्जशीट या क्लोजर रिपोर्ट अदालत में देनी होगी। इसके बाद न्यायालय की अनुमति से ही मामले वापस लिए जा सकेंगे।

आदित्य ठाकरे ने मांगी स्पष्टता

इस बीच शिवसेना UBT विधायक आदित्य ठाकरे ने फैसले पर स्पष्टता मांगी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि अधिसूचना जारी होने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रक्रिया कैसे लागू होगी।

उन्होंने DGP को पत्र लिखकर राज्यभर में एक समान SOP जारी करने की मांग की, ताकि सभी मामलों में एक जैसी प्रक्रिया हो और किसी के साथ भेदभाव न हो।

आदित्य ठाकरे ने कहा कि यह SOP उन सभी पर लागू होनी चाहिए जिन्होंने भारत के समर्थन में, सोनम वांगचुक के अनशन और अन्य शांतिपूर्ण आंदोलनों के समर्थन में प्रदर्शन किया था।

राजनीतिक चर्चा तेज

सरकार के इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। एक तरफ इसे प्रदर्शनकारियों को राहत देने वाला कदम माना जा रहा है, वहीं विपक्ष प्रक्रिया की पारदर्शिता और स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग कर रहा है।

Chintpurni में कार चोरी, Bharwain Bazar में तोड़फोड़ | पुलिस जांच जारी

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Bharwain (Una): Updated Sun, 02 Aug 2026, चिंतपूर्णी-भरवाईं क्षेत्र में शनिवार सुबह हुई दो अलग-अलग घटनाओं से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। एक तरफ कार चोरी हुई तो दूसरी तरफ बाजार में खड़ी कार के शीशे तोड़ दिए गए।

सड़क किनारे खड़ी कार हुई चोरी

पहली घटना चिंतपूर्णी-भरवाईं मार्ग पर हुई। जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 5 बजे सड़क किनारे खड़ी एक कार अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। जब वाहन मालिक मौके पर पहुंचा तो कार वहां नहीं थी।

काफी तलाश के बाद भी कार का पता न चलने पर मालिक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।

भरवाईं बाजार में कार के शीशे तोड़े

दूसरी घटना भरवाईं बाजार में सामने आई। यहां सड़क किनारे खड़ी एक अन्य कार पर अज्ञात व्यक्ति ने पत्थर मारकर शीशे क्षतिग्रस्त कर दिए।

इस घटना से वाहन को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

पुलिस जांच में जुटी, CCTV फुटेज खंगाले जा रहे

दोनों घटनाओं की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

डीएसपी अनिल पटियाल ने बताया:

  • पुलिस दोनों मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है। फिलहाल किसी भी मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है, लेकिन उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच जारी है।”
  • पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान हो सके। साथ ही स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
  • डीएसपी ने लोगों से अपील की कि यदि किसी ने संदिग्ध व्यक्ति या वाहन को देखा हो तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

Aaj Ka Rashifal: 2 अगस्त 2026 का राशिफल, जानिए मेष से लेकर कर्क तक की राशियों का हाल

Aaj Ka Rashifal: पंचांग और ज्योतिषीय गणना के अनुसार दो अगस्त 2026 का दिन सभी राशियों के लिए विशेष उतार-चढ़ाव और नए अवसरों से भरा रहने वाला है। इस दिन ग्रहों की चाल में होने वाले बदलाव का सीधा प्रभाव जातकों के जीवन पर देखने को मिलेगा, जिसमें मंगल ग्रह का राशि परिवर्तन भी शामिल है। मंगल के वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करने से लोगों की निर्णय लेने की क्षमता और साहस में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा सावन मास का पवित्र महीना होने के कारण इस दिन भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जा रहा है। कुछ राशि के जातकों के लिए यह दिन प्रगति और धन लाभ के संकेत दे रहा है, तो वहीं कुछ लोगों को सोच-समझकर और धैर्य के साथ फैसले लेने की सलाह दी जाती है।

Aaj Ka Rashifal: मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन रहेगा थोड़ा कमजोर

मेष राशि के लोगों के लिए दो अगस्त का दिन कुछ मामलों में कमजोर साबित हो सकता है, इसलिए हर कदम फूंक-फूंक कर रखने की जरूरत है। परिवार के सदस्यों के बीच छोटे-छोटे मुद्दों पर मनमुटाव की स्थिति बन सकती है, जिसे समझदारी और संयम के साथ सुलझाने की आवश्यकता होगी। आर्थिक मामलों में किसी भी अजनबी व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचना चाहिए अन्यथा नुकसान उठाना पड़ सकता है। यदि लंबे समय से कोई प्रॉपर्टी डील अटकी हुई है, तो उसे पूरा करने के प्रयास किए जा सकते हैं, लेकिन इस दौरान माता जी के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा। आज का अधिकांश समय महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को पूरा करने की भागदौड़ में बीत सकता है।

वृषभ राशि वालों को धन के मामले में मिलेगी बड़ी सफलता

वृषभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद अनुकूल और लाभदायक रहने वाला है। किसी पुराने निवेश या उम्मीद के काम में सफलता मिलने से धन लाभ के योग बनेंगे, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। संतान पक्ष से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है जिससे परिवार में उत्साह का माहौल बनेगा और आपसी रिश्ते मजबूत होंगे। हालांकि कानूनी मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने से बचना चाहिए अन्यथा मुश्किलें आ सकती हैं। बिजनेस में सामान्य उठापटक के बावजूद मुनाफा हाथ लगेगा और परिवार में किसी सदस्य के विवाह की चर्चा से माहौल खुशनुमा हो जाएगा।

Aaj Ka Rashifal: मिथुन राशि के लोगों को मिश्रित अनुभवों से गुजरना होगा

मिथुन राशि के जातकों के लिए दो अगस्त का दिन मिले-जुले परिणामों वाला साबित होगा, जहां सतर्कता बरतना बहुत जरूरी है। अपने आसपास के लोगों को पहचानना होगा क्योंकि कुछ छुपे हुए विरोधी या मित्र आपकी राह में रुकावटें पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं। विपरीत परिस्थितियों के दौरान धैर्य का दामन न छोड़ें और किसी पर भी विश्वास करने से पहले अच्छी तरह विचार कर लें। कामकाज के मोर्चे पर एक साथ कई जिम्मेदारियों को संभालने का दबाव बन सकता है। किसी सामाजिक या राजनीतिक आयोजन में शामिल होने का अवसर मिल सकता है जिससे समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

Aaj Ka Rashifal: कर्क राशि के जातकों के जीवन में आएंगी नई संभावनाएं

कर्क राशि के लोगों के लिए यह दिन अप्रत्याशित लाभ और जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला सिद्ध होगा। कठिन परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेने की आपकी क्षमता काफी मजबूत नजर आएगी, जिससे काम समय पर पूरे होंगे। हालांकि कार्यक्षेत्र में किसी भी सहकर्मी से बेवजह के विवाद में उलझने से बचना चाहिए अन्यथा उच्च अधिकारियों की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। व्यापार के क्षेत्र में रुकी हुई योजनाएं दोबारा पटरी पर आएंगी और मुनाफा देंगी। विद्यार्थी वर्ग के जातक अपनी परीक्षाओं की तैयारी पूरी लगन से करेंगे और सकारात्मक परिणाम प्राप्त करेंगे। पारिवारिक जीवन में आपसी तालमेल बनाए रखने से घर की सुख-शांति बरकरार रहेगी।

रविवार, दो अगस्त 2026 का यह दिन ग्रहों की स्थिति और नक्षत्रों के प्रभाव से सभी राशियों के लिए अलग-अलग परिणाम लेकर आ रहा है। जहां एक ओर कुछ राशि के लोगों को आर्थिक मजबूती और सफलता के नए अवसर मिलेंगे, वहीं कुछ जातकों को संभलकर चलने की आवश्यकता होगी। ज्योतिषीय सलाह के अनुसार यदि आप धैर्य, संयम और विवेक के साथ अपने कार्य करेंगे, तो किसी भी चुनौती से पार पाना आसान हो जाएगा। सावन के इस पावन महीने में भगवान शिव की उपासना करना और अपने इष्ट का स्मरण करना सभी प्रकार के संकटों को दूर करने में सहायक सिद्ध होगा।

Sawan Shivratri 2026 Date: जानिए कब है भगवान भोलेनाथ की महापूजा, शुभ तिथि, रुद्राभिषेक की संपूर्ण विधि और सामग्री

Sawan Shivratri 2026 Date: सनातन धर्म में सावन का महीना देवाधिदेव महादेव की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। इस पूरे माह में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व होता है, लेकिन सावन माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली मासिक शिवरात्रि यानी ‘सावन शिवरात्रि’ का स्थान सबसे विशिष्ट माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन शिवरात्रि के दिन व्रत रखने, जलाभिषेक करने और विधि-विधान से रुद्राभिषेक करने से भगवान आशुतोष अपने भक्तों पर असीम कृपा बरसाते हैं।

इस पावन अवसर पर देश भर के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों और शिवालयों में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ता है। वर्ष 2026 में सावन शिवरात्रि की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, रुद्राभिषेक का धार्मिक महत्व, आवश्यक पूजन सामग्री और इसके अनुष्ठान से मिलने वाले दिव्य फलों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्सुकता बनी हुई है।

सावन शिवरात्रि 2026 की तिथि और निशिता काल का शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन सावन शिवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2026 में सावन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 11 अगस्त 2026 को प्रातःकाल 04:53 बजे से प्रारंभ होगी। इस तिथि का समापन 12 अगस्त 2026 को मध्यरात्रि के बाद 01:51 बजे होगा।

चूंकि शास्त्र परंपरा में शिवरात्रि की मुख्य पूजा निशिता काल यानी रात्रि के समय करने का विधान है, इसलिए उदया तिथि और रात्रि व्यापिनी चतुर्दशी तिथि के आधार पर सावन शिवरात्रि का व्रत एवं मुख्य पूजन 11 अगस्त 2026, मंगलवार के दिन ही रखा जाएगा। इस दिन श्रद्धालु दिन भर उपवास रखकर रात्रि के विभिन्न प्रहरों में महादेव का विशेष अभिषेक और पूजन संपन्न करेंगे।

रुद्राभिषेक का धार्मिक महत्व और पौराणिक मान्यताएं

भगवान शिव को प्रसन्न करने के सभी अनुष्ठानों और उपायों में रुद्राभिषेक को सबसे अधिक प्रभावशाली और फलदायी माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, रुद्राभिषेक का अर्थ है रुद्र यानी भगवान शिव का मंत्रोच्चार के साथ पवित्र द्रव्यों से अभिषेक करना। शिवपुराण में वर्णित कथाओं के अनुसार, सावन शिवरात्रि पर किया गया रुद्राभिषेक साधक के जीवन से जन्म-जन्मांतर के पापों, कष्टों और नकारात्मक ऊर्जा का नाश कर देता है।

इस दिन भक्तिभाव से अभिषेक करने पर कुंडली में मौजूद भयंकर से भयंकर ग्रह दोष शांत हो जाते हैं। जो भक्त मानसिक तनाव, रोगों, आर्थिक तंगी या पारिवारिक कलह से जूझ रहे हैं, उन्हें सावन शिवरात्रि के अवसर पर भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक अवश्य करना चाहिए। इससे जीवन में स्थिरता, शांति और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

रुद्राभिषेक एवं पूजन के लिए आवश्यक सामग्री की पूरी सूची

भगवान शिव अत्यंत भोले स्वभाव के हैं और वे केवल जल तथा बेलपत्र अर्पण करने से भी प्रसन्न हो जाते हैं। हालांकि, शास्त्रीय विधि से रुद्राभिषेक संपन्न करने के लिए कुछ विशेष सामग्रियों का संग्रह पहले से ही कर लेना चाहिए ताकि पूजा में कोई विघ्न न आए:

  • गंगाजल अथवा शुद्ध स्वच्छ जल
  • कच्चा गाय का दूध
  • ताजा दही, शुद्ध देसी घी, शहद और शक्कर (पंचामृत निर्माण हेतु)
  • तीन पत्तियों वाले अखंडित बेलपत्र
  • धतूरा, आक (मदार) के फूल और पत्तियां
  • भांग की पत्तियां या चूर्ण (परंपरानुसार)
  • शुद्ध सफेद चंदन और भस्म
  • अक्षत (बिना टूटे हुए साबुत चावल)
  • सफेद रंग के सुगंधित पुष्प
  • मौसमी फल, मिष्ठान्न और नैवेद्य
  • धूप, कपूर, देसी घी का दीपक और रुई की बत्तियां
  • मौली (कलावा), जनेऊ और आचमनी पात्र

सावन शिवरात्रि पर पूजन और रुद्राभिषेक की सरल विधि

सावन शिवरात्रि के दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान शिव के समक्ष हाथ जोड़कर व्रत और पूजन का संकल्प लें। मंदिर या घर के पूजा स्थल पर उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें। सबसे पहले तांबे के लोटे में शुद्ध जल और गंगाजल मिलाकर शिवलिंग पर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का निरंतर उच्चारण करते हुए जलाभिषेक करें।

इसके पश्चात क्रमबद्ध तरीके से गाय का दूध, दही, घी, शहद और शक्कर मिलाकर बनाए गए पंचामृत से महादेव का अभिषेक करें। पंचामृत स्नान के बाद शिवलिंग को पुनः शुद्ध जल से अच्छी तरह से स्नान कराएं। अभिषेक पूर्ण होने के उपरांत शिवलिंग पर सफेद चंदन से त्रिपुंड बनाएं और भस्म लगाएं। तत्पश्चात अक्षत, मौली, जनेऊ, सफेद पुष्प, बेलपत्र, धतूरा, आक का फूल और भांग अर्पित करें।

भोग के रूप में मौसमी फल और मिष्ठान्न समर्पित करें। पूजा के दौरान निरंतर महामृत्युंजय मंत्र या ‘ॐ नमः शिवाय’ का मानसिक या स्पष्ट जाप करते रहें। संध्या एवं रात्रि काल में दीपक प्रज्वलित कर शिव चालीसा, शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें और अंत में कपूर से आरती उतारें। रात्रि के चार प्रहर में पूजा करने वाले साधकों को प्रत्येक प्रहर में अलग-अलग द्रव्यों से अभिषेक करने का विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

सावन शिवरात्रि व्रत और पूजा से मिलने वाले शुभ फल

सावन शिवरात्रि का पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह आत्मिक शुद्धि और मानसिक शांति प्राप्त करने का एक अत्यंत पावन जरिया है। शास्त्रों में मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से श्रद्धालुओं को अनगिनत आध्यात्मिक व भौतिक लाभ प्राप्त होते हैं।

अविवाहित कन्याओं या युवकों द्वारा इस दिन व्रत रखने और माता पार्वती व भगवान शिव की संयुक्त पूजा करने से उन्हें मनोवांछित और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। विवाहित जातकों के दांपत्य जीवन में लंबे समय से चला आ रहा तनाव दूर होता है और आपसी प्रेम व सामंजस्य बढ़ता है। संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपतियों के लिए सावन शिवरात्रि का रुद्राभिषेक विशेष फलदायी माना गया है।

इसके अतिरिक्त, व्यापारिक मंदी, करियर में आ रही रुकावटों और ऋण के बोझ से मुक्ति पाने के लिए भी इस दिन किया गया पूजन अचूक सिद्ध होता है। गंभीर बीमारियों से ग्रस्त रोगियों को इस दिन महामृत्युंजय मंत्र के जाप और जलाभिषेक से आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है।

सावन शिवरात्रि भगवान शिव की कृपा पाने का अत्यंत अलौकिक और दुर्लभ अवसर है। 11 अगस्त 2026 को पड़ने वाली इस पावन शिवरात्रि पर श्रद्धा, निष्ठा और पवित्र मन से की गई पूजा कभी भी निष्फल नहीं जाती। भक्त अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार भोलेनाथ को केवल एक लोटा जल और बेलपत्र अर्पित करके भी उनकी अपार अनुकंपा प्राप्त कर सकते हैं। इस पावन दिन पर शिव भक्ति में लीन होकर अपने अंतःकरण को शुद्ध करें और पूरे परिवार के कल्याण, आरोग्य तथा समृद्धि के लिए भगवान आशुतोष से प्रार्थना करें।

Kedarnath Trek Essentials: बाबा केदार के दर्शन से पहले अपने पिट्ठू बैग में जरूर पैक करें ये 5 बेहद जरूरी चीजें, सुरक्षित और सुखद रहेगी ट्रेकिंग

Kedarnath Trek Essentials: पवित्र सावन के महीने में बाबा केदारनाथ के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। देश-विदेश से लाखों की संख्या में भक्त बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम पहुंचते हैं। समुद्र तल से लगभग 3,583 मीटर की ऊंचाई पर बसे केदारनाथ मंदिर तक पहुँचने के लिए गौरीकुंड से करीब 16 से 18 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई पैदल तय करनी पड़ती है। सावन के महीने में हिमालयी क्षेत्रों का मौसम अत्यंत संवेदनशील और परिवर्तनशील रहता है। पल भर में तेज धूप के बाद मूसलाधार बारिश और ठंड का अहसास होना यहाँ आम बात है। ऐसी स्थिति में यदि आपकी तैयारी में थोड़ी सी भी कमी रह जाए, तो भक्ति का यह सुहाना सफर किसी बड़ी मुसीबत में बदल सकता है।

एक अनुभवी यात्री और समझदार श्रद्धालु वही है जो यात्रा पर निकलने से पहले अपनी तैयारियों को दुरुस्त रखे। यदि आप भी इस पावन सावन में बाबा केदार के दर पर माथा टेकने की योजना बना रहे हैं, तो अपने ट्रेकिंग बैग में कुछ अत्यंत आवश्यक सामान को शामिल करना बिल्कुल न भूलें।

Kedarnath Trek Essentials: वाटरप्रूफ रेनकोट या उच्च गुणवत्ता का पोंचो

हिमालयी क्षेत्रों में सावन के दौरान बारिश का कोई निश्चित समय नहीं होता है। गौरीकुंड से केदारनाथ के पैदल मार्ग पर अक्सर अचानक बादल घिर आते हैं और तेज बारिश शुरू हो जाती है। ऐसे मौसम में सामान्य छाता या पन्नी की बरसाती काम नहीं आती क्योंकि पहाड़ी हवाओं के कारण छाता संभालना कठिन हो जाता है। इसलिए अपनी यात्रा बैग में हमेशा एक हल्की, मजबूत और वाटरप्रूफ रेनकोट या अच्छी गुणवत्ता वाला पोंचो जरूर रखें।

पोंचो की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि यह आपके साथ-साथ आपके पिट्ठू बैग को भी बारिश से पूरी तरह ढक लेता है। इससे आपके बैकपैक में रखा सूखा कपड़ा, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान भीगने से बच जाते हैं। भीगे कपड़ों में चढ़ाई करने से शरीर का तापमान तेजी से गिर सकता है, जो हाइपोथर्मिया जैसी गंभीर स्थिति को जन्म दे सकता है।

मजबूत ग्रिप वाले ट्रेकिंग जूते और अतिरिक्त मोजे

केदारनाथ की चढ़ाई पत्थरों वाले, उबड़-खाबड़ और ढलान भरे रास्तों से होकर गुजरती है। सावन की बारिश के कारण इन रास्तों पर फिसलन, कीचड़ और बहता पानी आम बात हो जाती है। ऐसे में सामान्य स्नीकर्स, चप्पल या सपाट सोल वाले जूते पहनकर चलना दुर्घटना को बुलावा देने जैसा है। यात्रा के लिए हमेशा एंकल सपोर्ट और मजबूत रबर ग्रिप वाले वॉटर-रेजिस्टेंट ट्रेकिंग जूतों का ही चुनाव करें। अच्छे जूते आपके टखनों को मुड़ने से बचाते हैं और फिसलन भरे पत्थरों पर भी बेहतरीन पकड़ प्रदान करते हैं।

इसके साथ ही अपने पास कम से कम तीन से चार जोड़ी सूती या ऊनी मोजे जरूर रखें। यदि ट्रेक के दौरान बारिश या पसीने से मोजे गीले हो जाएं, तो उन्हें तुरंत बदलकर सूखे मोजे पहनें, अन्यथा पैरों में छाले और संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है।

ऊर्जा प्रदान करने वाले स्नैक्स और दोबारा इस्तेमाल योग्य पानी की बोतल

गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक की खड़ी चढ़ाई में शरीर की बहुत अधिक ऊर्जा खर्च होती है। ऑक्सीजन का स्तर कम होने और शारीरिक श्रम के कारण बार-बार थकान और डिहाइड्रेशन होना स्वाभाविक है। इस स्थिति से निपटने के लिए अपने साथ एक या दो लीटर की मजबूत और दोबारा इस्तेमाल योग्य (Reusable) पानी की बोतल हमेशा रखें। पहाड़ी रास्तों पर शुद्ध पेय जल के स्रोत उपलब्ध रहते हैं, जहाँ आप अपनी बोतल भर सकते हैं। समय-समय पर पानी या इलेक्ट्रोलाइट्स पीते रहने से मांसपेशियों में ऐंठन नहीं होती।

इसके अलावा अपने बैग में वजन में हल्के लेकिन तुरंत ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थ जैसे ड्राई फ्रूट्स (काजू, बादाम, किशमिश), खजूर, एनर्जी बार, गुड़, भुना चना और ग्लूकोज पैकेट जरूर रखें। थोड़ी-थोड़ी दूरी पर इनका सेवन करने से शरीर में ग्लूकोज का स्तर बना रहता है और थकावट महसूस नहीं होती।

गर्म कपड़े, थर्मल वियर और विंडप्रूफ जैकेट

हालांकि सावन का महीना मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और उमस का समय होता है, लेकिन केदारनाथ धाम का मौसम इसके बिल्कुल विपरीत होता है। धाम का तापमान रात के समय अक्सर शून्य के करीब या सिंगल डिजिट में पहुंच जाता है। सावन में बारिश होने पर दिन के समय भी तेज ठंडी हवाएं चलने लगती हैं। इसलिए यह सोचकर केवल हल्के सूती कपड़े ले जाने की गलती बिल्कुल न करें। अपने साथ कम से कम दो जोड़ी अच्छी क्वालिटी के थर्मल वियर, एक विंडप्रूफ व वाटरप्रूफ जैकेट, ऊनी टोपी, दस्ताने और मफलर अवश्य रखें।

यदि आप रात में केदारनाथ धाम में रुकने की योजना बना रहे हैं, तो ठंड से बचाव के लिए यह गर्म कपड़े आपके लिए सुरक्षा कवच का काम करेंगे।

आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा किट, टॉर्च और पावर बैंक

पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में मेडिकल सुविधाएं हर मोड़ पर उपलब्ध नहीं होती हैं। इसलिए अपनी व्यक्तिगत मेडिकल किट तैयार करना बेहद जरूरी है। यदि आप किसी पुरानी बीमारी की नियमित दवा ले रहे हैं, तो उसकी पर्याप्त खुराक साथ रखें। इसके अलावा प्राथमिक उपचार के लिए दर्द निवारक गोलियां, बुखार और उल्टी की दवा, बैंडेज, पेन रिलीवर स्प्रे, क्रेप बैंडेज, एंटीसेप्टिक क्रीम, ओआरएस के पैकेट और विक्स जैसी आवश्यक दवाएं जरूर रखें।

ऊंचाई पर सांस फूलने या सिरदर्द की समस्या से बचने के लिए कपूर की गोली को रुमाल में बांधकर सूंघना भी फायदेमंद होता है। इसके साथ ही एक पावरफुल LED टॉर्च या हेडलैंप और कम से कम 20,000 mAh का पावर बैंक अपने पास रखें, क्योंकि केदारनाथ मार्ग और धाम में बिजली की आपूर्ति मौसम के कारण बाधित हो सकती है।

बाबा केदारनाथ की यात्रा केवल एक शारीरिक सफर नहीं बल्कि एक आत्मिक और आध्यात्मिक अनुभव है। सावन के पावन अवसर पर केदारनाथ धाम के दर्शन करना हर शिव भक्त का सपना होता है, लेकिन इस सपने को सुरक्षित रूप से पूरा करने के लिए अनुशासन और पूर्व तैयारी अनिवार्य है। प्रशासनिक नियमों का पालन करना, मौसम के पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखना और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों को मानना आपकी यात्रा को सुगम बनाता है।

केदारनाथ के पैदल मार्ग पर कभी भी जल्दबाजी न करें, अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे कदम बढ़ाएं और प्रकृति की सुंदरता का आनंद लेते हुए ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ आगे बढ़ें। उपर्युक्त बताई गई सभी आवश्यक सामग्री को अपने पिट्ठू बैग में व्यवस्थित करके और शारीरिक व मानसिक रूप से तैयार होकर यदि आप यात्रा शुरू करेंगे, तो सावन की यह केदारनाथ यात्रा आपके जीवन का सबसे सुरक्षित, सुखद और स्मरणीय अध्याय बन जाएगी।

IGNOU Admission Last Date: इग्नू ने जुलाई सत्र के लिए बढ़ाई आवेदन की अंतिम तिथि, अब 16 अगस्त तक कर सकेंगे अप्लाई

IGNOU Admission Last Date: इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (IGNOU) में जुलाई 2026 सत्र के तहत दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों और नौकरीपेशा पेशेवरों के लिए एक राहत भरी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जुलाई 2026 शैक्षणिक चक्र के लिए फ्रेश एडमिशन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। जो अभ्यर्थी किसी कारणवश अब तक अपना आवेदन पूरा नहीं कर पाए थे, वे अब 16 अगस्त 2026 तक समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। यह विस्तार ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) और ऑनलाइन माध्यम से संचालित होने वाले सभी स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के लिए लागू किया गया है।

IGNOU Admission Last Date: प्रवेश प्रक्रिया और उपलब्ध पाठ्यक्रमों का विवरण

इग्नू अपने 21 शैक्षणिक स्कूलों के विस्तृत नेटवर्क के जरिए 100 से भी अधिक उच्च स्तरीय और रोजगारपरक कार्यक्रमों में प्रवेश की सुविधा प्रदान करता है। अभ्यर्थी स्नातक स्तर पर बीए, बीकॉम, बीएससी, बीबीए और बीसीए जैसे पारंपरिक व व्यावसायिक कोर्सेज में नामांकन करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त परास्नातक स्तर पर एमए, एमकॉम, एमबीए और एमसीए जैसे स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रमों के विकल्प भी मौजूद हैं। जो छात्र कम अवधि में कौशल विकास से जुड़े पाठ्यक्रम करना चाहते हैं, उनके लिए इग्नू कई जॉब-ओरिएंटेड सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्सेज भी पेश करता है।

आवेदन फॉर्म भरते समय आवश्यक महत्वपूर्ण दस्तावेज

इग्नू समर्थ पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले उम्मीदवारों को अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन की हुई कॉपियां तैयार रखनी चाहिए। फोटोग्राफ और हस्ताक्षर की स्कैन फाइल 100 केबी से कम आकार की होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण के रूप में 10वीं, 12वीं या स्नातक की मार्कशीट और सर्टिफिकेट (200 केबी से कम) अपलोड करना अनिवार्य है। इसके अलावा आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए जाति या श्रेणी प्रमाण पत्र और पहचान के सत्यापन हेतु छात्र पहचान पत्र, APAAR ID का विवरण भी साथ रखना आवश्यक है।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की चरणबद्ध प्रक्रिया

इग्नू के जुलाई 2026 सत्र में आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक समर्थ एडमिशन पोर्टल पर जाना होगा। होमपेज पर उपलब्ध न्यू रजिस्ट्रेशन विकल्प पर क्लिक करके नाम, चालू ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करके पंजीकरण करना होता है। इसके बाद प्राप्त यूजरनेम और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करके अपना इच्छित कोर्स चुनना होगा और मांगी गई सभी शैक्षणिक जानकारियां दर्ज करनी होंगी। अंत में स्कैन किए गए दस्तावेज अपलोड करने के बाद डिजिटल माध्यमों से निर्धारित शुल्क का भुगतान करके फॉर्म जमा किया जा सकता है।

दूरस्थ शिक्षा और ऑनलाइन लर्निंग के माध्यम से उच्च शिक्षा प्राप्त करने की चाह रखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह एक शानदार अवसर है। अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों और सर्वर व्यस्तता से बचने के लिए विश्वविद्यालय ने सभी अभ्यर्थियों को 16 अगस्त की समय सीमा से पहले ही अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी है। सही दस्तावेजों के साथ समय पर फॉर्म भरकर अभ्यर्थी इग्नू के जुलाई 2026 सत्र में अपनी सीट सुरक्षित कर सकते हैं।

Dwidwadash Yog 2026: 2 अगस्त से मिथुन राशि में मंगल का गोचर, इन 3 राशियों के प्रेम और पारिवारिक जीवन पर मंडराया संकट

Dwidwadash Yog 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल और उनके बीच बनने वाले योग मानव जीवन, रिश्तों और संपूर्ण सृष्टि पर गहरा प्रभाव डालते हैं। इसी क्रम में 2 अगस्त 2026 को एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील ज्योतिषीय घटना घटने जा रही है। लाल ग्रह के नाम से विख्यात मंगल देव 2 अगस्त की रात को अपनी वर्तमान राशि वृषभ से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं ग्रहों के राजा सूर्य देव पहले से ही कर्क राशि में विराजमान हैं। ग्रहों की इस विशेष स्थिति के कारण सूर्य और मंगल के बीच ‘द्विद्वादश योग’ का निर्माण हो रहा है।

ज्योतिष शास्त्र में द्विद्वादश योग को अत्यंत अशुभ और संघर्षकारी योग माना जाता है। जब दो क्रूर या उग्र स्वभाव वाले ग्रह एक-दूसरे से दूसरे और बारहवें भाव में स्थित होते हैं, तब इस योग का निर्माण होता है। सूर्य और मंगल दोनों ही अग्नि तत्व और उग्र प्रकृति के ग्रह हैं।

ऐसे में इन दोनों के बीच बनने वाला यह द्विद्वादश योग कुछ राशियों के लिए मानसिक तनाव, आपसी मतभेद, वाणी में कड़वाहट और रिश्तों में अलगाव का कारण बन सकता है। विशेष रूप से 3 राशियों के जातकों को अपने वैवाहिक, पारिवारिक और प्रेम जीवन में अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

Dwidwadash Yog 2026: द्विद्वादश योग का ज्योतिषीय गणित और इसका अशुभ प्रभाव

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से द्विद्वादश योग को ‘२-१२’ का संबंध कहा जाता है। इसका अर्थ यह होता है कि एक ग्रह दूसरे ग्रह से दूसरे भाव में और पहला ग्रह दूसरे ग्रह से बारहवें भाव में होता है। दूसरा भाव वाणी, धन और परिवार का माना जाता है, जबकि बारहवां भाव व्यय, हानि और दूरी का प्रतीक होता है। जब सूर्य और मंगल जैसे तेजस्वी और अहंकारी ग्रह इस स्थिति में आते हैं, तो यह सीधे तौर पर व्यक्ति के स्वभाव, बातचीत के तरीके और पारिवारिक सामंजस्य को प्रभावित करता है।

इस योग के प्रभाव से जातकों में अचानक गुस्सा, बेवजह का अहंकार, अपनी बात को जबरन थोपने की प्रवृत्ति और संयम की कमी देखने को मिलती है। यदि इस दौरान वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण न रखा जाए तो छोटे-छोटे विवाद बड़े झगड़ों का रूप ले सकते हैं और बात अलगाव तक पहुंच सकती है।

कर्क राशि: वाणी पर रखें संयम, रिश्ते बचाने के लिए क्रोध पर पाएं काबू

कर्क राशि के जातकों के लिए यह द्विद्वादश योग विशेष रूप से संवेदनशील रहने वाला है। इस गोचर के दौरान सूर्य आपकी राशि से दूसरे भाव यानी वाणी और कुटुंब के भाव में स्थित रहेंगे, जबकि मंगल आपके बारहवें भाव में गोचर करेंगे। दूसरे भाव में सूर्य की उपस्थिति आपकी भाषा में कड़वाहट या कठोरता ला सकती है, वहीं बारहवें भाव में मंगल का होना गुप्त तनाव और अचानक गुस्से को बढ़ा सकता है।

इस दौरान जीवनसाथी या लव पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर तीखी बहस हो सकती है। भावनाओं में बहकर या गुस्से में आकर कही गई एक छोटी सी बात भी रिश्ते में गहरी दरार पैदा कर सकती है। पारिवारिक बैठकों या बातचीत के दौरान संयम बनाए रखना बेहद जरूरी होगा। सामाजिक स्तर पर भी बिना सोचे-समझे दी गई प्रतिक्रिया आपकी छवि को नुकसान पहुंचा सकती है।

उपाय: कर्क राशि के जातकों को द्विद्वादश योग के नकारात्मक प्रभावों को शांत करने के लिए नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए और शिवलिंग पर ताजे बेलपत्र अर्पित करने चाहिए।

मकर राशि: अहम के टकराव से बचें, वैवाहिक जीवन में आ सकती है दरार

मकर राशि वाले जातकों के लिए यह ज्योतिषीय स्थिति काफी सतर्क रहने की ओर इशारा कर रही है। द्विद्वादश योग के समय सूर्य आपके सप्तम भाव यानी वैवाहिक जीवन और साझेदारी के भाव में गोचर करेंगे, जबकि मंगल छठे भाव में स्थित होंगे। सातवां और छठा भाव दोनों ही क्रूर ग्रहों के प्रभाव में होने के कारण प्रेम और वैवाहिक संबंधों में तनाव बढ़ सकता है।

सप्तम भाव में सूर्य की उपस्थिति के कारण आपके और आपके जीवनसाथी के बीच अहम (Ego) का टकराव खुलकर सामने आ सकता है। आप अपने पार्टनर पर अपनी इच्छाएं और निर्णय थोपने का प्रयास कर सकते हैं, जिससे सामने वाले के मन में असंतोष पनपेगा। आपका जिद्दी रवैया और समझौता न करने की नीति रिश्तों में अलगाव की नौबत ला सकती है। पारिवारिक माहौल को शांत रखने के लिए आपको अपने व्यवहार में नम्रता और लचीलापन लाना होगा।

उपाय: मकर राशि के जातकों को अपने मानसिक तनाव को कम करने के लिए प्रतिदिन सुबह ध्यान (Meditation) करना चाहिए और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करना चाहिए।

मीन राशि: गलतफहमियों से बचें, प्रॉपर्टी विवाद में बरतें सावधानी

मीन राशि के जातकों के लिए द्विद्वादश योग प्रेम और पारिवारिक सुख दोनों पर असर डाल सकता है। वर्तमान में सूर्य आपके पांचवें भाव यानी प्रेम और संतान के भाव में विराजमान हैं, जबकि मंगल 2 अगस्त को आपके चौथे भाव यानी सुख, माता और अचल संपत्ति के भाव में प्रवेश करेंगे। सूर्य-मंगल की इस परस्पर स्थिति के कारण आपके लव लाइफ में अनावश्यक गलतफहमियां जन्म ले सकती हैं।

यदि इन गलतफहमियों को समय रहते बातचीत के जरिए नहीं सुलझाया गया तो प्रेम संबंध समाप्त होने की कगार पर पहुंच सकते हैं। इसके अलावा चौथे भाव में मंगल का प्रभाव पारिवारिक जीवन में उथल-पुथल मचा सकता है। विशेष रूप से पैतृक संपत्ति या जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में परिवार के सदस्यों के साथ विवाद गहरा सकता है। इस अवधि में जितना हो सके कम बोलें और दूसरों की बात को सुनने और समझने का प्रयास करें।

उपाय: मीन राशि के जातकों को इस योग के दुष्परिणामों से बचने के लिए रविवार और मंगलवार के दिन जरूरतमंदों को गुड़ या गेहूं का दान करना चाहिए।

ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए अपनाएं ये सामान्य ज्योतिषीय उपाय

वैदिक ज्योतिष में जहां ग्रहों के गोचर से उत्पन्न समस्याओं का वर्णन है, वहीं उनके निवारण के भी सरल और प्रभावी मार्ग बताए गए हैं। यदि आपकी राशि भी इस द्विद्वादश योग से प्रभावित हो रही है, तो आप कुछ सामान्य धार्मिक और ज्योतिषीय उपाय अपनाकर इसके नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं।

सूर्य और मंगल दोनों ही उग्र ग्रह हैं, इसलिए इन्हें शांत करने के लिए भगवान शिव और हनुमान जी की साधना सबसे उत्तम मानी जाती है। प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन शांत रहता है और गुस्से पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है। इसके साथ ही सुबह सूर्य देव को तांबे के लोटे में जल भरकर अर्घ्य देने से वाणी का दोष समाप्त होता है। घर के बुजुर्गों का सम्मान करना और मंगलवार के दिन लाल वस्तुएं जैसे मसूर की दाल या लाल कपड़े का दान करना भी अत्यंत शुभ फलदायी सिद्ध होता है।

सूर्य और मंगल का यह द्विद्वादश योग निसंदेह कर्क, मकर और मीन राशि के जातकों के लिए एक कठिन परीक्षा का समय लेकर आ रहा है। रिश्तों में आए इस उतार-चढ़ाव वाले दौर को केवल धैर्य, समझदारी और वाणी पर नियंत्रण रखकर ही पार किया जा सकता है।

ज्योतिषीय गणनाएं हमें सतर्क करने के लिए होती हैं, ताकि हम आने वाली चुनौतियों का सामना पूरी तैयारी और संयम के साथ कर सकें। यदि इन तीन राशियों के जातक अपने व्यवहार में थोड़ा सा बदलाव लाएं और बताए गए उपायों का श्रद्धापूर्वक पालन करें, तो वे अपने पारिवारिक और प्रेम जीवन में आने वाले इस संकट को टाल सकते हैं और अपने संबंधों को टूटने से बचा सकते हैं।

India Tour of Sri Lanka: कोलंबो में अभ्यास मैच के शेड्यूल में बदलाव, जसप्रीत बुमराह की वापसी से मजबूत हुई टीम इंडिया

India Tour of Sri Lanka: भारतीय क्रिकेट टीम के आगामी श्रीलंका दौरे को लेकर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। दो मैचों की बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज से पहले आयोजित होने वाले इकलौते वॉर्म-अप मुकाबले के शेड्यूल में संशोधन किया गया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह अभ्यास मैच चार दिनों का होना था, जिसे अब घटाकर तीन दिन कर दिया गया है। कोलंबो के ऐतिहासिक एनसीसी ग्राउंड पर 7 अगस्त से शुरू होने वाला यह मुकाबला अब 9 अगस्त तक खेला जाएगा।

भारतीय दल 4 अगस्त को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के लिए रवाना होगा। इस अभ्यास मैच का सीधा प्रसारण फैंस के लिए उपलब्ध रहेगा, जो श्रृंखला की तैयारियों का जायजा लेने का एक बेहतरीन मौका होगा।

India Tour of Sri Lanka: वॉर्म-अप मैच के संशोधित शेड्यूल और तैयारियों का लेखा-जोखा

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और टीम प्रबंधन को इस समय सारणी में किए गए बदलाव की आधिकारिक सूचना दे दी गई है। हालांकि मैच की अवधि में कटौती करने का कोई विशिष्ट या तकनीकी कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। कोलंबो में तीन दिवसीय अभ्यास मैच की समाप्ति के बाद भारतीय टीम गॉल शहर के लिए प्रस्थान करेगी।

गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में 15 अगस्त से पहला टेस्ट मैच खेला जाएगा, जबकि श्रृंखला का दूसरा और अंतिम टेस्ट मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो के प्रसिद्ध एसएससी स्टेडियम में आयोजित होगा। श्रीलंका की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए यह वॉर्म-अप मुकाबला खिलाड़ियों को ढलने का पूरा अवसर प्रदान करेगा।

स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन की फिटनेस रिपोर्ट

टेस्ट श्रृंखला की शुरुआत से ठीक पहले भारतीय खेमे से राहत भरी और सकारात्मक खबरें आई हैं। घुटने की गंभीर चोट से परेशान रहे दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अब पूरी तरह से उबर चुके हैं। बुमराह ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपना फिटनेस टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर लिया है और वह रेड बॉल क्रिकेट में फिर से कहर बरपाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

वहीं दूसरी ओर युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन की स्थिति में भी तेजी से सुधार हो रहा है। पैर के अंगूठे में चोट के कारण सुदर्शन की उपलब्धता पर संशय बना हुआ था, लेकिन बेंगलुरु में अपना पुनर्वसन कार्यक्रम पूरा करने के बाद उन्होंने नेट अभ्यास में दोबारा बल्लेबाजी शुरू कर दी है।

श्रीलंका दौरे के लिए घोषित भारतीय टेस्ट टीम का संतुलन

चयन समिति ने इस महत्वपूर्ण दौरे के लिए एक संतुलित और युवा जोश से भरी टीम की घोषणा की है। प्रतिभावान बल्लेबाज शुभमन गिल को टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि अनुभवी केएल राहुल उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। विकेटकीपिंग के विकल्प के रूप में ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल दोनों को टीम में जगह मिली है। स्पिन विभाग की जिम्मेदारी अनुभवी रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव के साथ युवा मानव सुथार के कंधों पर होगी।

तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई जसप्रीत बुमराह करेंगे, जिनका साथ मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ निभाएंगे। देवदत्त पडिक्कल और सारांश जैन जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी से बल्लेबाजी और गेंदबाजी में गहराई आई है।

भारतीय टीम के लिए श्रीलंका की घूमती पिचों पर दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला जीतना बेहद महत्वपूर्ण है। नए कप्तान के नेतृत्व में उतरी यह युवा टीम कोलंबो के तीन दिवसीय अभ्यास मुकाबले का पूरा फायदा उठाकर अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देना चाहेगी। जसप्रीत बुमराह की वापसी और प्रमुख खिलाड़ियों की रिकवरी ने टीम प्रबंधन के विश्वास को काफी बढ़ा दिया है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि गॉल और कोलंबो की परिस्थितियों में भारतीय खिलाड़ी श्रीलंका की कड़ी चुनौती का सामना किस प्रकार करते हैं और श्रृंखला में क्या परिणाम निकलकर सामने आते हैं।

Weather Update: 2 अगस्त, मानसून का प्रचंड रूप, देश के 13 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का रेड अलर्ट जारी

Weather Update: देशभर में मानसून ने अब अपना सबसे आक्रामक और विकराल रूप धारण कर लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा चेतावनियों के अनुसार, मानसूनी ट्रफ का पश्चिमी हिस्सा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसक गया है, जबकि पूर्वी हिस्सा उत्तर की तरफ सक्रिय है। इस भौगोलिक स्थिति के कारण उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में बादलों का तांडव शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने आगामी 2 अगस्त को देश के 13 प्रमुख राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन के प्रभावित होने की पूरी आशंका जताई गई है।

Weather Update: पूर्वोत्तर से लेकर उत्तर भारत तक मंडराया खतरा

असम, सिक्किम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पहले ही निचले इलाकों में बाढ़जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। नदियां उफान पर हैं और ग्रामीण इलाकों में संपर्क मार्ग बाधित होने लगे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि केवल पूर्वोत्तर ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पर्वतीय राज्यों तक मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक काफी आक्रामक रहने वाला है। तटीय क्षेत्रों और दक्षिणी प्रायद्वीप में भी समुद्र की स्थिति अशांत है, जिसके चलते मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के गहरे पानी में न उतरने की सख्त हिदायत दी गई है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी बारिश का दौर

उत्तर प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। IMD के मुताबिक, 2 से 7 अगस्त के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में बादलों की आवाजाही के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इस फेरबदोश में लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, बस्ती, संत कबीर नगर, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर और जौनपुर शामिल हैं। इसके साथ ही 3 से 7 अगस्त के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा में भी भारी मानसूनी बौछारें पड़ने का अनुमान है।

बिहार के कई जिलों में भी मौसम ने करवट ली है। पटना, गया, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, अरवल, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, किशनगंज और अररिया जैसे क्षेत्रों में 2 से 6 अगस्त के बीच मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं फसलों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

पर्वतीय राज्यों में आफत: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का हाल

पहाड़ों पर मानसूनी बारिश किसी बड़ी आफत से कम साबित नहीं हो रही है। हिमाचल प्रदेश में शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, सोलन, सिरमौर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 2 से 7 अगस्त तक व्यापक वर्षा की संभावना है। लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा बढ़ गया है।

उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत में भी गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। उधर, जम्मू-कश्मीर में पिछले कई दिनों से जारी बारिश ने पहले ही आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रखा है। शोपियां जिले के पेहलीपोरा गांव में हाल ही में बादल फटने की घटना सामने आई है, जिससे स्थानीय स्तर पर अफरातफरी मच गई। 4 अगस्त तक यहां रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं, जिसे देखते हुए संवेदनशील इलाकों में प्रशासनिक अमले को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया है।

Weather Update: राजधानी दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों का तापमान

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर क्षेत्रों में 2 से 5 अगस्त के बीच मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की उम्मीद है। हालांकि भीषण धूप से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन उमस और बादलों की लुकाछिपी बनी रहेगी। मौसम विभाग ने 2 अगस्त को दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने तथा हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है। 3 अगस्त को भी आसमान बादलों से घिरा रहेगा, जबकि 4 और 5 अगस्त को हल्की वर्षा का दौर फिर से जोर पकड़ सकता है।

देश के अन्य प्रमुख महानगरों और शहरों की बात करें तो 2 अगस्त को मौसम का तापमान इस प्रकार रहने का अनुमान है:

  •  मुंबई: अधिकतम 30°C, न्यूनतम 26°C
  •  चेन्नई: अधिकतम 38°C, न्यूनतम 28°C
  •  कोलकाता: अधिकतम 33°C, न्यूनतम 28°C
  •  लखनऊ: अधिकतम 34°C, न्यूनतम 27°C
  •  पटना: अधिकतम 34°C, न्यूनतम 28°C
  •  रांची: अधिकतम 31°C, न्यूनतम 23°C
  •  भोपाल: अधिकतम 30°C, न्यूनतम 22°C
  •  जयपुर: अधिकतम 34°C, न्यूनतम 26°C
  •  शिमला: अधिकतम 23°C, न्यूनतम 17°C
  •  नैनीताल: अधिकतम 22°C, न्यूनतम 16°C

Weather Update: राजस्थान और दक्षिण के राज्यों में स्थिति

राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों पर मानसूनी निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय बना हुआ है। इसके प्रभाव से 1 और 2 अगस्त को उदयपुर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी तथा कहीं-कहीं अति भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। जयपुर, अजमेर और बीकानेर संभाग में भी हल्की से मध्यम बौछारें गिरने का अनुमान है। हालांकि 3 अगस्त के बाद मानसून के उत्तर की ओर खिसकने से दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन बीकानेर, शेखावाटी, जयपुर और भरतपुर संभाग में 3 से 5 अगस्त तक छिटपुट बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

दक्षिण भारत की ओर रुख करें तो तमिलनाडु के कोयंबटूर, तिरुनेलवेली, नीलगिरी, थेनी और कन्याकुमारी जिलों में 1 से 6 अगस्त के बीच व्यापक मानसूनी गतिविधियां देखने को मिलेंगी। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी के बीच तटीय इलाकों में भी तेज हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने आम जनता और यात्रियों से अपील की है कि वे सफर पर निकलने से पहले अपने गंतव्य का मौसम अपडेट जरूर जांच लें ताकि किसी भी संभावित आपदा से बचा जा सके।