
देश के अगले उपराष्ट्रपति के नाम को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। रविवार की शाम को होने वाली बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में एनडीए के उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। इससे पहले 7 अगस्त को हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा को उम्मीदवार चुनने का अधिकार दिया गया था। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उम्मीदवार तय होने के बाद सहयोगी दलों को इसकी जानकारी दे दी जाएगी।
नामांकन और चुनाव की तारीखें
एनडीए संसदीय दल की बैठक 19 अगस्त को संसद पुस्तकालय भवन में बुलाई गई है। उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 21 अगस्त तय है, जबकि 25 अगस्त तक नाम वापस लिया जा सकता है। अगर विपक्ष भी अपना प्रत्याशी उतारता है, तो 9 सितंबर को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी। जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 21 जुलाई को अचानक इस्तीफा दे दिया था, जबकि उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था।
उम्मीदवार को लेकर कयास तेज
बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, इस बार पार्टी अपने किसी अनुभवी चेहरे पर दांव लगा सकती है। कई राज्यपालों और उपराज्यपालों के नामों पर चर्चा चल रही है। इनमें गुजरात, कर्नाटक, सिक्किम और बिहार के राज्यपालों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना का नाम भी शामिल है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने बीजेपी को थोड़ा असहज किया है, इसलिए इस बार पार्टी किसी ऐसे नेता को उम्मीदवार बनाना चाहेगी जो संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर अनुभवी हो।
संख्याबल में एनडीए को बढ़त
संख्याबल की स्थिति देखें तो एनडीए के पास स्पष्ट बढ़त है। संसद के दोनों सदनों के कुल 788 सदस्यों में से मौजूदा संख्या 782 है। सभी सदस्यों का मत मूल्य समान यानी 1 है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, एनडीए के पास लगभग 425 सांसदों का समर्थन है, जबकि विपक्षी INDIA गठबंधन को करीब 300 सांसदों का साथ हासिल है। इसके अलावा, 18 सांसद ऐसे हैं जो किसी भी खेमे में शामिल नहीं हैं, जिनमें बीजेडी, वाईएसआरसीपी और भारत राष्ट्र समिति शामिल हैं।
बीजेपी के पास अकेले लोकसभा में 240 और राज्यसभा में 102 सांसद हैं। वहीं कांग्रेस के पास लोकसभा में 99 और राज्यसभा में 27 सांसद हैं। विश्लेषकों का मानना है कि भले ही एनडीए के उम्मीदवार की जीत लगभग तय हो, लेकिन विपक्ष भी उम्मीदवार उतार सकता है ताकि एक राजनीतिक संदेश दिया जा सके।
विपक्ष की तैयारी
सूत्रों का कहना है कि INDIA गठबंधन भी अगले एक-दो दिनों में बैठक कर उपराष्ट्रपति चुनाव पर रणनीति बनाएगा। कांग्रेस और सहयोगी दल मानते हैं कि मुकाबले में उतरने से विपक्षी एकजुटता का संदेश जाएगा, भले ही परिणाम पहले से साफ क्यों न हो।
शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
नामांकन के समय एनडीए की ओर से शक्ति प्रदर्शन की भी उम्मीद है। संभावना जताई जा रही है कि उस वक्त एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और प्रमुख सहयोगी दलों के नेता मौजूद रहेंगे। इससे गठबंधन की एकजुटता का संदेश दिया जाएगा।
2017 में एम. वेंकैया नायडू और 2022 में जगदीप धनखड़ को एनडीए उम्मीदवार बनाया गया था। अब देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी इस बार कोई नया नाम सामने लाती है या फिर अपने पिछले फैसलों की तरह बड़ा राजनीतिक सरप्राइज देती है।