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Jharkhand News: झारखंड में 500 सहायक प्रोफेसरों को दीवाली का शानदार तोहफा, JPSC ने प्रमोशन को दी हरी झंडी

Jharkhand News: झारखंड के शिक्षा जगत में खुशहाली का माहौल है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने करीब 500 सहायक प्रोफेसरों के प्रमोशन को मंजूरी दे दी है। इसे दीवाली का खास तोहफा बताया जा रहा है। इनमें से 488 सहायक प्रोफेसर अब प्रोफेसर बनेंगे। यह फैसला राज्य के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम है। कई सालों से लटके ये प्रमोशन अब पूरा हो गया। JPSC की यह कार्रवाई शिक्षकों को नई ऊर्जा देगी। झारखंड में उच्च शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में यह खुशखबरी है।

प्रमोशन प्रक्रिया पारदर्शी, मीटिंग में हुई मंजूरी

JPSC ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की। इसमें चेयरमैन एल. खियांगते की अगुवाई में प्रमोशन पर फैसला लिया गया। मीटिंग में सभी फैसले पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर हुए। सहायक प्रोफेसरों को प्रोफेसर पद पर बढ़ावा मिलेगा। इससे न सिर्फ उनकी सैलरी बढ़ेगी, बल्कि विश्वविद्यालयों में पढ़ाई का स्तर भी ऊंचा होगा। JPSC के सदस्यों ने कहा कि यह कदम अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। प्रमोशन के बाद ये प्रोफेसर विश्वविद्यालयों में रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक जैसे गैर-शिक्षण पदों पर भी जा सकेंगे।

झारखंड के विश्वविद्यालयों में लंबे समय से ये प्रमोशन अटके थे। शिक्षक परेशान थे कि कब उनका हक मिलेगा। अब JPSC ने समय पर कार्रवाई कर सबको राहत दी। मीटिंग में JPSC के सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनीमा हंसदा, डॉ. जमाल अहमद और सचिव संदीप कुमार भी मौजूद थे। उन्होंने सभी फाइलों की बारीकी से जांच की।

कुछ मामलों में दस्तावेजों की कमी

कुछ प्रमोशन अभी लटके हैं। वजह है जरूरी कागजातों की कमी। JPSC ने कहा कि इनके लिए दस्तावेज मंगवा लिए गए हैं। नवंबर तक बाकी प्रमोशन भी हो जाएंगे। इससे कोई शिक्षक वंचित नहीं रहेगा। इसके अलावा, मीटिंग में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और सीनियर साइंटिस्ट पदों के इंटरव्यू के नतीजे जारी करने का फैसला भी हुआ। यह कदम झारखंड की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा।

शिक्षा को नई गति, शिक्षकों में जोश की लहर

झारखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह प्रमोशन एक मील का पत्थर है। करीब 500 शिक्षकों को फायदा मिलेगा। दीवाली के मौके पर यह तोहफा उन्हें उत्सव दोगुना रंगीन बना देगा। राज्य सरकार और JPSC की कोशिश है कि शिक्षकों को समय पर उनका हक मिले। इससे छात्रों को बेहतर पढ़ाई मिलेगी। झारखंड के युवा अब ज्यादा उत्साहित होंगे। प्रमोशन से नौकरियों के नए रास्ते खुलेंगे। JPSC का यह फैसला पारदर्शिता का अच्छा उदाहरण है। झारखंड के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि आगे भी ऐसी कार्रवाइयां हों। शिक्षा मजबूत हो तो राज्य का भविष्य उज्ज्वल बनेगा।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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