पटना: छठ पर्व पर यात्रा करने वाले यात्रियों की भारी भीड़ ने दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों से पटना आने वाली ट्रेनों को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। शुक्रवार को संपूर्ण क्रांति, श्रमजीवी, एलटीटी राजेंद्र नगर, रांची हटिया और पूर्वा जैसी ट्रेनें पटना जंक्शन पर खचाखच भरी हुई देखी गईं।
स्लीपर और जनरल कोच इतने भरे हुए थे कि खड़े होने की भी जगह नहीं थी। कई यात्री गेट से लटके या शौचालयों में खड़े होकर असुरक्षित यात्रा करने को मजबूर दिखे।
कनेक्टिंग ट्रेनों के लिए मारामारी
पटना पहुँचने के बाद, यात्रियों को सहरसा और कटिहार सहित अन्य जिलों की यात्रा जारी रखने के लिए लोकल ट्रेनों में चढ़ने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
राज्यरानी और कटिहार इंटरसिटी ट्रेनों के लिए स्थिति विशेष रूप से अराजक थी।
राज्यरानी एक्सप्रेस: प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुँचते ही सैकड़ों लोगों की भीड़ राज्यरानी एक्सप्रेस में उमड़ पड़ी। कई लोग आपातकालीन खिड़कियों से बैग और यहाँ तक कि बच्चों को भी अंदर धकेलते देखे गए। भीड़ इतनी ज़्यादा थी कि दर्जनों यात्री ट्रेन में चढ़ ही नहीं पाए और उनकी ट्रेन छूट गई।
कटिहार इंटरसिटी और मेमू: प्लेटफार्म संख्या 10 पर पटना-गया मेमू और कटिहार इंटरसिटी ट्रेनों में भी ऐसी ही स्थिति देखी गई। इन ट्रेनों में भी यात्री गेट से लटककर या शौचालय में खड़े होकर यात्रा करते देखे गए।
भीड़ नियंत्रण और यात्रियों की माँगें
दिन भर जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे कर्मचारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जूझते रहे, लेकिन यात्रियों का आना-जाना कम नहीं हुआ। छठ पर्व के कारण अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रहने की उम्मीद है।
यात्रियों ने मांग की है कि रेलवे प्रशासन उनके घर पहुँचने की सुविधा के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाए।

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