Nepal Flood: नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह जो कुछ हुआ, उसने पल भर में पूरे इलाके की तस्वीर बदल दी। भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का सैलाब उमड़ा और देखते ही देखते टिमुरे बाजार से लेकर सीमा नाके तक हर तरफ तबाही का मंजर फैल गया। अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 105 भारतीय पर्यटकों समेत 300 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में लोग कहां गए, और क्या बचाव दल समय रहते उन तक पहुंच पाएंगे।
नेपाल पर्यटन बोर्ड की तरफ से जो जानकारी सामने आई है, वह किसी को भी चिंता में डाल देने वाली है। बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि कई वाहन नदी के तेज बहाव में बह गए। इसी बीच राहत और बचाव अभियान के लिए 15 हेलीकॉप्टर मौके पर उतारे जा चुके हैं, जो प्रभावित इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।
Nepal Flood: अचानक आई बाढ़ से टिमुरे बाजार में भारी नुकसान

भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह जिस रफ्तार से जलस्तर बढ़ा, उसने स्थानीय प्रशासन को भी हैरान कर दिया। टिमुरे बाजार और रसुवा सीमा नाके के कस्टम क्षेत्र में भारी नुकसान की खबरें आई हैं। तेज बहाव में कई वाहन पानी में बह गए, और बाजार क्षेत्र में खड़ी गाड़ियां भी इस सैलाब की चपेट में आ गईं। इसी बाढ़ की वजह से इलाके की 13 जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिनके बांध, विद्युतगृह और पहुंच मार्ग को नुकसान पहुंचा है।
प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान लगातार जारी है, मगर नुकसान का पूरा आकलन अभी बाकी है। जानकार बताते हैं कि असली तस्वीर जमीनी जांच के बाद ही साफ हो पाएगी, क्योंकि कई इलाकों में अब भी पानी भरा हुआ है।
384 यात्री लापता, इनमें 291 विदेशी नागरिक शामिल
पर्यटन और ट्रैवल कंपनियों से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्रभावित इलाकों से कुल 384 यात्रियों के लापता होने की सूचना है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक बताए जा रहे हैं। ट्रैवल एजेंसियां, स्थानीय गाइड, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर इन आंकड़ों की जांच में जुटी हैं, ताकि सही संख्या सामने आ सके।
विदेशी पर्यटकों की बात करें तो इसमें भारतीयों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक भी शामिल हैं। यानी यह हादसा सिर्फ नेपाल या भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर कई देशों के परिवारों तक पहुंच गया है। इसी बीच एक और चिंताजनक जानकारी सामने आई है, कैलाश यात्रा पर निकले कुल 31 यात्री भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 26 विदेशी नागरिक हैं, हालांकि उनकी राष्ट्रीयता की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है, जबकि 5 नेपाली नागरिक हैं।
25 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, मेडिकल सेंटर भी तैयार
राहत की बात यह है कि बचाव दलों ने अब तक 25 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। नेपाल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत के मुताबिक, बुसी और तुसु जैसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों से इन लोगों को रेस्क्यू किया गया है। बचाव अभियान में लगे 15 हेलीकॉप्टरों में से 7 नेपाली सेना के हैं, जबकि बाकी 8 हेलीकॉप्टर दूसरी एजेंसियों के हैं।
घायलों के इलाज के लिए मछली ट्रेनिंग कैंप में एक मेडिकल सेंटर बनाया गया है, जहां चिकित्सा टीमें दिन-रात तैनात हैं। बचाव दल और मेडिकल टीमें साथ मिलकर काम कर रही हैं, ताकि घायल और फंसे हुए लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके। बाढ़ के खतरे को देखते हुए काठमांडू ट्रैफिक पुलिस ने रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिंग जाने वाले वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी है।
Nepal Flood: भारत-नेपाल सीमा पर SSB हाई अलर्ट पर
नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ के बाद भारत-नेपाल सीमा पर भी सतर्कता काफी बढ़ा दी गई है। सशस्त्र सीमा बल यानी SSB ने 11 रेस्क्यू एंड रिलीफ टीमों को पहले से ही तैयार रखा है, जबकि 7 अतिरिक्त टीमें स्टैंडबाय मोड में हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीय सीमा में भी तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।
कोसी और नारायणी नदी बेसिन में जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते लगातार निगरानी की जा रही है। इसके अलावा उत्तर और पूर्वी बिहार, उत्तर प्रदेश में घाघरा-कर्णाली नदी क्षेत्र और उत्तराखंड के महाकाली नदी तंत्र से जुड़े संवेदनशील इलाकों पर भी नजर बनाई हुई है। सीमा पर तैनात SSB बटालियनों को स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव अभियान में लगाया जा सके।
इस पूरे घटनाक्रम का असर सिर्फ नेपाल तक सीमित नहीं रहने वाला। सीमावर्ती भारतीय राज्यों में रहने वाले लोगों के लिए भी यह चेतावनी की घंटी है, खासकर उन इलाकों के लिए जो नदियों के निचले हिस्सों में बसे हैं। स्थानीय प्रशासन ने वहां रहने वाले लोगों को भी अलर्ट पर रखा है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो नेपाल में आई यह अचानक बाढ़ अब तक की सबसे गंभीर आपदाओं में से एक साबित हो रही है, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान अब भी खतरे में बताई जा रही है। बचाव दल पूरी ताकत से जुटे हैं, मगर लापता लोगों की तलाश अभी लंबी चल सकती है। भारतीय पर्यटकों के परिवार इस वक्त सबसे ज्यादा चिंतित हैं, और उनकी निगाहें हर नई जानकारी पर टिकी हुई हैं। मामले की आगे की जानकारी अभी आनी बाकी है।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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