Jamshedpur News: जमशेदपुर के गोलमुरी निवासी रघुबीर सिंह ने अपने पुत्र जसनप्रीत सिंह के साथ रैगिंग, मारपीट और धमकाने की गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार उनका बेटा DBMS Career Academy में कक्षा 10वीं का छात्र है। पिता का कहना है कि पहले भी कक्षा 12वीं के कुछ छात्रों ने उनके बेटे के साथ रैगिंग और मारपीट की थी, जिसे उस समय सहन कर लिया गया।
26 अगस्त 2026 को फिर वही घटना दोहराई गई, जिसमें स्कूल परिसर के बाहर कई छात्रों ने उनके बेटे को घेरकर हमला किया और उसकी पगड़ी भी जबरन उतार दी। अब कुछ लड़के गोलमुरी क्षेत्र में उसका पीछा कर रहे हैं। पिता ने बेटे की सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की है।
Jamshedpur News: पिता ने क्या लिखा है शिकायत में?
रघुबीर सिंह ने अपनी शिकायत में साफ लिखा है कि वे किसी को अनावश्यक परेशान नहीं करना चाहते। उनका मकसद सिर्फ अपने बेटे की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि बेटा कक्षा 10 में पढ़ता है और पहले की घटना पर उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। लेकिन 26 अगस्त की घटना के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। शिकायत में कहा गया है कि कुछ लड़के अब भी क्षेत्र में घूमकर डराने की कोशिश कर रहे हैं। पिता ने स्कूल परिसर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने, संबंधित छात्रों की पहचान करने और पूछताछ करने की मांग की है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को भी निर्देश देने की अपील की है कि रैगिंग रोकने और छात्रों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
26 अगस्त की घटना का विवरण

शिकायत के मुताबिक 26 अगस्त 2026 को स्कूल परिसर के बाहर कुछ छात्रों ने जसनप्रीत सिंह को घेर लिया। इनमें पहले वाली घटना से जुड़े लड़के और उनके साथ करीब 15-20 अन्य लड़के शामिल बताए गए हैं। पिता का आरोप है कि इस दौरान उनके बेटे के साथ मारपीट की गई और उसकी पगड़ी जबरन उतार दी गई। जब बेटे ने पगड़ी उतारे जाने का विरोध किया तो मारपीट और बढ़ गई। पगड़ी किसी सिख छात्र की पहचान और आस्था से जुड़ी होती है।
इसलिए इस आरोप को शिकायतकर्ता ने बेहद गंभीर बताया है। घटना के बाद भी मामला थमा नहीं। पिता का कहना है कि कुछ लड़के अब गोलमुरी इलाके में उनके बेटे का पीछा कर रहे हैं।
पहले की रैगिंग और चुप्पी का जिक्र
शिकायत में पुरानी घटना का भी उल्लेख है। कुछ समय पहले कक्षा 12वीं में पढ़ने वाले कुछ लड़कों ने उनके बेटे के साथ रैगिंग की थी और मारपीट भी की थी। उस समय बेटे ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और घटना को सहन कर लिया। पिता का कहना है कि अब वही लड़के दोबारा सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि इतनी कम उम्र के विद्यार्थियों में हिंसा, रैगिंग और किसी दूसरे छात्र का पीछा करने का दुस्साहस कैसे पैदा हुआ। उनका मानना है कि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो आगे कोई बड़ी घटना हो सकती है। शिकायत में बार-बार यही बात दोहराई गई है कि नाबालिग छात्रों के बीच इस तरह की घटनाएं चिंताजनक हैं।

पीछा करने और वाहनों का आरोप
पिता ने आरोप लगाया है कि कुछ लड़के बिष्टुपुर क्षेत्र से आते हैं और काले रंग की स्कॉर्पियो में घूमते हैं। गोलमुरी क्षेत्र के कुछ लड़के, जिनके नाम आयान और रियान बताए जा रहे हैं, सफेद रंग की फॉर्च्यूनर से घूमते हैं। शिकायत में कहा गया है कि ये लड़के आर.एस. टावर, लोहार लाइन के आसपास रहते हैं। वर्तमान में कुछ लड़के गोलमुरी क्षेत्र में उनके बेटे का पीछा कर रहे हैं और उसे डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। पिता ने इस पीछा करने की घटना को मारपीट से भी ज्यादा चिंताजनक बताया है क्योंकि इससे बेटे और परिवार दोनों में डर बना हुआ है। उन्होंने मांग की है कि भविष्य में धमकी, दबाव या नुकसान न पहुंचे, इसकी विशेष व्यवस्था की जाए।
हथियार संबंधी आरोप और सुरक्षा की मांग
शिकायत में सबसे गंभीर बात यह कही गई है कि कुछ लड़कों द्वारा चाकू जैसे हथियार रखने या दिखाने और हमला करने की कोशिश की बात सामने आई है। पिता ने इसे अत्यंत गंभीर मामला बताया है क्योंकि ये सभी लड़के नाबालिग या कम उम्र के विद्यार्थी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी के पास ऐसा हथियार होने की पुष्टि होती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने अपने बेटे की सुरक्षा तत्काल सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि स्कूल परिसर के बाहर हुई घटना और उसके बाद के पीछा करने के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो। सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
पिता की मुख्य मांगें क्या हैं?
रघुबीर सिंह ने अपनी शिकायत में कई ठोस मांगें रखी हैं। पहली मांग बेटे की तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित करने की है। दूसरी मांग घटना की निष्पक्ष और गंभीर जांच कराने की है। उन्होंने स्कूल परिसर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने को कहा है। संबंधित विद्यार्थियों और उनके साथ मौजूद अन्य लड़कों की पहचान कर पूछताछ करने की मांग भी की गई है। मारपीट, रैगिंग, पगड़ी उतारने और पीछा करने की घटना पर उचित कानूनी कार्रवाई की अपील की गई है।
स्कूल प्रबंधन को निर्देश देने की भी मांग है कि रैगिंग रोकने और छात्रों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। पिता ने कहा है कि उनका उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि अपने बेटे की सुरक्षा और भविष्य की बड़ी घटना को रोकना है।

Jamshedpur News: स्कूल और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी
ऐसी शिकायतों में स्कूल प्रबंधन की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। रैगिंग भारतीय कानून में प्रतिबंधित है और शिक्षण संस्थानों पर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होती है। परिसर के बाहर हुई घटना हो या अंदर, संस्थान को शिकायत मिलते ही आंतरिक जांच शुरू करनी चाहिए और अभिभावकों तथा पुलिस से सहयोग करना चाहिए। स्थानीय पुलिस को भी ऐसी शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए, खासकर जब नाबालिग छात्र शामिल हों और पीछा करने तथा धमकाने के आरोप लगे हों।
सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की बात सुनकर निष्पक्ष जांच ही सही तस्वीर सामने ला सकती है। परिवार की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियात भी प्रशासनिक स्तर पर लिया जा सकता है।
गोलमुरी निवासी रघुबीर सिंह की यह शिकायत एक पिता की चिंता को दर्शाती है। उन्होंने 26 अगस्त की घटना, पुरानी रैगिंग, पगड़ी उतारे जाने, पीछा करने और हथियार संबंधी आरोपों का जिक्र करते हुए बेटे की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामला नाबालिग छात्रों से जुड़ा है इसलिए इसकी संवेदनशीलता और भी बढ़ जाती है।
अब देखना यह है कि स्कूल प्रबंधन और संबंधित अधिकारी इस शिकायत पर कितनी तेजी से संज्ञान लेते हैं तथा छात्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ तथ्यों की जांच पूरी करते हैं।
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