Dhanbad Amrit Bharat: झारखंड के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। धनबाद और कोयंबटूर के बीच जल्द ही नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलने वाली है, और रेलवे बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी है। यह नन एसी ट्रेन खासतौर पर आम यात्रियों के लिए तैयार की गई है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ कम किराए में लंबी दूरी का सफर तय किया जा सकेगा। मगर सवाल यह है कि आखिर यह ट्रेन किन शहरों से होकर गुजरेगी, और इसका फायदा किन लोगों को सबसे ज्यादा मिलने वाला है?
धनबाद डिवीजन की तरफ से यह प्रस्ताव काफी समय से भेजा जा रहा था, और अब जाकर इस पर मुहर लगी है। नई ट्रेन दोनों दिशाओं से सप्ताह में एक-एक दिन चलाई जाएगी, यानी कोयलांचल के लोगों को अब दक्षिण भारत जाने के लिए एक और विकल्प मिलने जा रहा है। इसी साल धनबाद से कतरास-रांची होते हुए पोत्तनूर के लिए भी अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू की गई थी, और अब चंद महीनों के भीतर ही धनबाद-गया वाले रूट पर एक और नई ट्रेन की सौगात मिल गई है।
Dhanbad Amrit Bharat: कब और कितने बजे खुलेगी ट्रेन
बात करें समय सारणी की, तो 22363 धनबाद-कोयंबटूर अमृत भारत एक्सप्रेस हर शनिवार शाम 4 बजकर 10 मिनट पर धनबाद से रवाना होगी। यह ट्रेन सोमवार शाम 6 बजकर 30 मिनट पर कोयंबटूर पहुंचेगी। वापसी में 22364 कोयंबटूर-धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस हर मंगलवार सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर कोयंबटूर से चलेगी, और गुरुवार दोपहर एक बजे धनबाद पहुंच जाएगी। यानी करीब दो दिन से थोड़ा ज्यादा वक्त में यात्री उत्तर भारत से सीधे दक्षिण भारत के कोयंबटूर तक का सफर तय कर सकेंगे, वह भी बिना किसी ट्रेन बदले।
किन-किन स्टेशनों से गुजरेगी ट्रेन
नई अमृत भारत एक्सप्रेस का रूट काफी लंबा और कई राज्यों से होकर गुजरने वाला है। यह ट्रेन गोमो, पारसनाथ, हजारीबाग रोड, कोडरमा, गया, अनुग्रह नारायण रोड, डेहरी-ऑन-सोन, सासाराम और भभुआ रोड होते हुए आगे बढ़ेगी। इसके बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन यानी डीडीयू, मिर्जापुर, प्रयागराज छिवकी, सतना, कटनी और जबलपुर से गुजरते हुए यह ट्रेन मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश करेगी।
इसके आगे नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, बैतूल और नागपुर होते हुए ट्रेन महाराष्ट्र से चंद्रपुर और बल्हारशाह की तरफ बढ़ेगी। तेलंगाना में यह सिरपुर कागजनगर, मंचेरियाल, पेद्दापल्ली, वारंगल, महबूबाबाद और खम्मम से होकर गुजरेगी। इसके बाद विजयवाड़ा, ओंगोल, नेल्लोर और गुंटूर होते हुए ट्रेन आंध्र प्रदेश पार करेगी।
आखिर में रेनिगुंटा, तिरुत्तानी, काटपाड़ी, जोलारपेट्टई, सलेम, इरोड और तिरुप्पुर होते हुए यह ट्रेन अपने अंतिम पड़ाव कोयंबटूर पहुंचेगी। इतने लंबे रूट पर चलने वाली यह ट्रेन कई राज्यों के यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित होने वाली है।
काटपाड़ी रुकने से इस ट्रेन पर कम होगा बोझ
यहां एक दिलचस्प बात सामने आती है। नई ट्रेन के काटपाड़ी स्टेशन पर रुकने से एलेप्पी एक्सप्रेस पर यात्रियों का दबाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। यानी सीधे तौर पर देखा जाए तो यह ट्रेन सिर्फ एक नया रूट भर नहीं जोड़ रही, बल्कि पहले से चल रही ट्रेनों में भीड़ कम करने में भी मददगार साबित हो सकती है।
मजदूरों और मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
धनबाद के साथ-साथ कोयलांचल के अन्य जिलों और संथाल परगना इलाके से बड़ी संख्या में मजदूर काम की तलाश में दक्षिण भारत जाते हैं। इस ट्रेन के शुरू होने से इन प्रवासी मजदूरों को काफी सहूलियत मिलने वाली है। इसके अलावा इलाज के सिलसिले में दक्षिण भारत के अस्पतालों तक जाने वाले मरीजों के लिए भी यह ट्रेन एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती है।
रेलवे बोर्ड ने संबंधित विभागों को यह भी निर्देश दिया है कि ट्रेन की शुरुआत जल्द से जल्द की जाए, ताकि यात्रियों को इसका फायदा बिना देरी के मिल सके। जानकार मानते हैं कि इस तरह की सीधी ट्रेन सेवाएं झारखंड के प्रवासी मजदूरों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं, क्योंकि इससे न सिर्फ समय बचता है बल्कि किराए में भी राहत मिलती है।

सांसद ढुलू महतो ने जताया आभार
इस पूरे मामले में स्थानीय सांसद ढुलू महतो की भूमिका भी अहम रही है। उन्होंने बताया कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर धनबाद से नई ट्रेनों की मांग की गई थी। सांसद के मुताबिक कोयंबटूर वाली इस नई ट्रेन से धनबाद और आसपास के इलाकों के यात्रियों को दक्षिण भारत जाने में काफी आसानी होगी।
उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेल मंत्रालय के अधिकारियों का आभार भी जताया है। देखने पर लगता है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की लगातार मांग का असर आखिरकार रेलवे बोर्ड की मंजूरी के रूप में सामने आया है।
Dhanbad Amrit Bharat: श्रावणी मेले के दौरान टाटा-गोड्डा एक्सप्रेस को भी मिला अतिरिक्त ठहराव
इसी बीच धनबाद रेल मंडल से जुड़ी एक और खबर सामने आई है। श्रावणी मेले के दौरान यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 18185 टाटानगर-गोड्डा एक्सप्रेस को चंद्रपुरा और कतरासगढ़ स्टेशन पर अस्थायी ठहराव दिया गया था। यह व्यवस्था 17 से 28 अगस्त तक के लिए लागू रही।
इस दौरान टाटानगर-गोड्डा एक्सप्रेस शाम 6 बजकर 3 मिनट पर चंद्रपुरा और शाम 6 बजकर 36 मिनट पर कतरासगढ़ पहुंचती थी। दोनों ही स्टेशनों पर ट्रेन को दो-दो मिनट का ठहराव दिया गया। हालांकि वापसी की दिशा में यानी गोड्डा से टाटानगर जाते वक्त ट्रेन का ठहराव कतरासगढ़ और चंद्रपुरा में नहीं रखा गया था।
धनबाद रेल मंडल के लिए यह पूरा घटनाक्रम काफी अहम माना जा रहा है। एक तरफ कोयंबटूर के लिए नई अमृत भारत एक्सप्रेस की सौगात मिली है, जो कोयलांचल और संथाल परगना के प्रवासी मजदूरों तथा आम यात्रियों के लिए सीधा फायदेमंद साबित होगी। दूसरी तरफ श्रावणी मेले जैसे मौकों पर मौजूदा ट्रेनों में अस्थायी ठहराव देकर भी रेलवे स्थानीय यात्रियों की जरूरतों का ध्यान रखता दिख रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि नई ट्रेन का परिचालन आधिकारिक तौर पर कब से शुरू होता है और यात्रियों को इसका लाभ कितनी जल्दी मिलना शुरू होता है।
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Sanjana Gupta
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