Kal Ka Mausam 11 September 2026: देश में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदलने वाला है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिसका असर शनिवार 11 सितंबर 2026 से जमीनी इलाकों में दिखना शुरू हो जाएगा। मानसून अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, और सामान्य स्थिति में अगले एक-दो हफ्तों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। लेकिन मौसम विभाग के ताजा अपडेट से साफ है कि इस नए सिस्टम के चलते मानसून की वापसी में देरी होने की प्रबल संभावना बन गई है। इस सिस्टम के प्रभाव से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश के साथ-साथ बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश होने की संभावना है। कहीं-कहीं 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है।
Kal Ka Mausam 11 September 2026: बंगाल की खाड़ी में कैसे बन रहा है नया सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से अगले 24 घंटों में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की पूरी संभावना है। यह चक्रवाती परिसंचरण धीरे-धीरे और व्यवस्थित रूप लेगा और पूर्वी तट के आसपास के बड़े क्षेत्र को प्रभावित करेगा। यह निम्न दबाव क्षेत्र पूर्वी और मध्य भारत के हिस्सों से होकर आगे बढ़ सकता है, और इसके प्रभाव का बाहरी हिस्सा 13 से 16 सितंबर 2026 के बीच पूर्वी राजस्थान और गुजरात के आसपास के इलाकों तक भी पहुंच सकता है, जिससे इसका असर देश के बड़े हिस्से में देखने को मिलेगा।
बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण 10 और 11 सितंबर को ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है, और कहीं-कहीं बेहद तेज बारिश भी हो सकती है। इसके अलावा गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और तटीय आंध्र प्रदेश में भी 10 और 11 सितंबर को अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं 12 से 14 सितंबर के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश और 10 से 12 सितंबर के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है।
बिहार-झारखंड से लेकर यूपी-पंजाब-हरियाणा तक बारिश
नई मौसम गतिविधि का असर बिहार और झारखंड में भी दिखाई देना शुरू हो सकता है, जहां शनिवार से बारिश की गतिविधियां और अधिक व्यवस्थित होंगी और इसका क्षेत्र व तीव्रता दोनों बढ़ने की संभावना है। 12 से 16 सितंबर के बीच पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में सक्रिय से जोरदार मानसूनी परिस्थितियां बनी रह सकती हैं। इसके अलावा मौसम प्रणाली की बाहरी गतिविधियां पूर्वी राजस्थान के आसपास तक पहुंच सकती हैं, जिससे पूरे उत्तर प्रदेश और पंजाब-हरियाणा के उन इलाकों में भी मध्यम बारिश हो सकती है, जहां लंबे समय से बारिश की कमी महसूस की जा रही थी।
Kal Ka Mausam 11 September 2026: पहाड़ी राज्यों से दिल्ली-एनसीआर तक बारिश का असर
उत्तर-पश्चिम भारत में भी अगले कुछ दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 15 सितंबर तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि उत्तराखंड में 10 से 13 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश और 11 से 14 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश का अनुमान है। पूर्वी राजस्थान में 11 से 15 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 12 से 15 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में भी 15 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है, और 14-15 सितंबर को इन क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के इस ताजा अपडेट के अनुसार पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में भी 15 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है, जबकि मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 12 से 14 सितंबर के दौरान बारिश व्यापक रूप ले सकती है। महत्वपूर्ण बात यह है कि 18 सितंबर के बाद देश के पश्चिमी, उत्तरी और मध्य हिस्सों से मौसम गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर पड़नी शुरू हो सकती हैं, और उसके बाद हल्की बारिश की गतिविधियां करीब एक सप्ताह तक जारी रह सकती हैं। सितंबर के बाकी हिस्से में भारतीय समुद्री क्षेत्र में किसी नए सिस्टम के बनने के संकेत फिलहाल नहीं मिले हैं, जिससे उम्मीद है कि इसके बाद मानसून की विदाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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