Bihar News: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बहुचर्चित IRCTC होटल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कुल 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं, जिससे अब इस मामले में ट्रायल यानी सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। वहीं दूसरी ओर कोर्ट ने इसी मामले में 7 अन्य आरोपियों को राहत देते हुए उन्हें डिस्चार्ज कर दिया है, जिसका मतलब है कि उनके खिलाफ इस केस में आगे कोई कानूनी कार्यवाही नहीं चलेगी। यह पूरा मामला लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते हुए रांची और पुरी के IRCTC होटलों की लीज से जुड़े ठेकों में कथित गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है। कोर्ट के इस फैसले के बाद बिहार की सियासत में भी हलचल तेज होना तय माना जा रहा है, क्योंकि मामला राज्य के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से जुड़ा हुआ है।
Bihar News: क्या है पूरा IRCTC होटल मामला
अदालत के अनुसार, यह मामला उस दौर से जुड़ा है जब लालू प्रसाद यादव देश के रेल मंत्री हुआ करते थे। इस दौरान रेलवे अधिकारियों द्वारा टेंडर प्रक्रिया में कथित हेरफेर किए जाने की बात सामने आई थी। यह पूरा विवाद रांची और पुरी में स्थित IRCTC के दो होटलों की लीज को लेकर हुए ठेकों से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी का आरोप है कि इस कथित भ्रष्टाचार के बदले में जमीन का लेन-देन हुआ था। अदालत ने पटना में ट्रांसफर की गई जमीन को इस मामले में कथित अपराध से हुई आय, यानी ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ से जोड़ा है।
सात आरोपियों को मिली बड़ी राहत
इस मामले में कोर्ट के फैसले से कुछ आरोपियों को बड़ी राहत भी मिली है। अदालत ने गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी और देवकी नंदन तुलस्यान को इस केस से डिस्चार्ज कर दिया है। इसके अलावा राजीव कुमार रेलन और मेसर्स अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड को भी आरोपों से मुक्त कर दिया गया है। इस तरह कुल सात आरोपियों के खिलाफ अब इस मामले में आगे कोई कानूनी कार्यवाही नहीं चलेगी, जबकि लालू परिवार समेत बाकी 9 आरोपियों के खिलाफ केस आगे बढ़ेगा।
कोर्ट ने खारिज की राजनीतिक प्रेरणा वाली दलील
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से यह दलील दी गई थी कि इस पूरे मामले की जांच राजनीतिक रूप से प्रेरित है। हालांकि अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और इसे खारिज कर दिया। कोर्ट के इस रुख के बाद आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी और अंततः लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 9 आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए गए। इस फैसले से साफ है कि अदालत ने मामले से जुड़े सबूतों और दलीलों की गहन समीक्षा के बाद ही यह निर्णय लिया है।
3 अक्टूबर को होगी अगली अहम पेशी
अदालत ने इस मामले में आरोप तय किए गए सभी आरोपियों को आगामी 3 अक्टूबर को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है। इसके बाद मामले की सुनवाई अगले चरण में आगे बढ़ेगी। बता दें कि IRCTC होटल से जुड़े इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय काफी लंबे समय से कर रहा है, और अब आरोप तय होने के बाद यह मुकदमा अपने अगले और महत्वपूर्ण पड़ाव में पहुंच गया है।
Bihar News: लालू परिवार के खिलाफ आगे बढ़ेगी कानूनी प्रक्रिया
कोर्ट के इस फैसले के बाद अब पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के खिलाफ ट्रायल की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी। इनके अलावा लारा प्रोजेक्ट्स समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भी आरोप तय किए गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर बिहार की राजनीति में गहरी नजर रखी जा रही है, क्योंकि यह मामला राज्य के सबसे बड़े राजनीतिक परिवारों में से एक से सीधे जुड़ा हुआ है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट का यह फैसला IRCTC होटल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक अहम मोड़ साबित हुआ है। एक तरफ लालू परिवार समेत 9 आरोपियों के खिलाफ अब विधिवत ट्रायल शुरू होगा, तो दूसरी तरफ सात आरोपियों को अदालत से राहत मिल चुकी है। मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होनी है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। यह पूरा घटनाक्रम बिहार की राजनीति और कानूनी हलकों, दोनों में आने वाले दिनों में चर्चा का बड़ा विषय बना रहेगा।
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Sanjana Gupta
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