Sugam Privahan Sewa MP: मध्य प्रदेश में बस दुर्घटनाएं रोकने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत हाईटेक बसें चलेंगी। इन बसों में ड्राइवर की सीट पर ब्रीथ एनालाइजर लगा है।
शराब पीने पर बस स्टार्ट ही नहीं होगी। झपकी आने या बस के लेन से लहराने पर सेंसर अलार्म बजाएगा। अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। इंदौर में आयोजित यात्री परिवहन विजन समिट में ऐसी बस प्रदर्शित की गई। इंदौर में सात बसें पहुंच चुकी हैं और 25 दिसंबर से 23 रूट पर सेवा शुरू करने की योजना है।सुगम परिवहन सेवा एमपी, हाईटेक बस मध्य प्रदेश, मुख्यमंत्री सुगम बस, इंदौर बस सेवा, बस सुरक्षा सिस्टम एमपी
Sugam Privahan Sewa MP: बसों में लगाए गए सुरक्षा उपकरण
ड्राइवर को बस चलाने से पहले ब्रीथ एनालाइजर में फूंक मारनी होगी। शराब की मात्रा मिली तो इंजन चालू नहीं होगा। झपकी का सेंसर ड्राइवर को सचेत करेगा। बस अपनी लेन से भटकने पर सुरक्षा सिस्टम सक्रिय हो जाएगा। आगे-पीछे डेढ़ मीटर की दूरी पर दूसरा वाहन आने पर अलर्ट मिलेगा। रिवर्स पार्किंग के लिए भी सेंसर लगे हैं। ये इंतजाम दुर्घटनाओं को कम करने के लिए किए गए हैं।
अन्य आधुनिक सुविधाएं
बस के अंदर यात्रियों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को हैकिंग से बचाने के लिए गेटवे सॉफ्टवेयर लगाया गया है। निर्माण में अग्निरोधी प्लाइवुड का इस्तेमाल हुआ है। बैटरी के लिए नीचे अलग कंपार्टमेंट है जिसके ऊपर फायर एक्सटिंग्विशर रखा गया है। आग बुझाने के लिए केमिकल और पानी दोनों की व्यवस्था रहेगी। ये सभी फीचर यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखकर जोड़े गए हैं।
Sugam Privahan Sewa MP: इंदौर में सेवा शुरू होने की तैयारी
इंदौर में अभी सात 45 सीटर बसें पहुंची हैं। डिपो में उनका रंगरोगन चल रहा है। 25 दिसंबर से 23 रूट पर इन्हें उतारने की योजना है। एआईसीटीएसएल के जरिए सागर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, नरसिंहपुर, छतरपुर, बीना, नर्मदापुरम और बालाघाट के लिए बसें चलेंगी। खंडवा-शाजापुर, धार-मंदसौर और अन्य कई मार्गों पर भी सेवा प्रस्तावित है। पुणे की एरो ईगल कंपनी ने रीवा के लिए एक बस तैयार कर दी है।
प्रदेश में बस सेवा की मौजूदा स्थिति
इंदौर में फिलहाल करीब 300 बसें चल रही हैं जबकि शहर की जरूरत करीब तीन हजार बसों की बताई जाती है। पूरे प्रदेश में निजी ऑपरेटर 87 प्रतिशत बसें चला रहे हैं। अभी 11 हजार निजी बसें हैं और अगले चार साल में 15 हजार करने का लक्ष्य है। भोपाल, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, उज्जैन और सागर में भी अन्य कंपनियां संचालन करेंगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने की कोशिश चल रही है।
Sugam Privahan Sewa MP: भविष्य की योजना
पीएम ई-सेवा और मुख्यमंत्री परिवहन सेवा के तहत फिलहाल 10 हजार बसें शहरों में चल रही हैं। 2030 तक 169 शहरों में 38 हजार बसें चलाने का लक्ष्य है। देश के 30 प्रतिशत शहरी परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
विशेषज्ञ रीच, विश्वसनीयता, आराम और किफायती सेवा पर जोर दे रहे हैं। समिट के दौरान विशेषज्ञ आरामदायक सफर की चर्चा कर रहे थे जबकि बाहर की बसों में यात्री ठसाठस भरे नजर आए।मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत हाईटेक बसें यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने का प्रयास हैं।
ब्रीथ एनालाइजर, स्पीड लिमिट, सीसीटीवी और सेंसर जैसी व्यवस्थाएं दुर्घटनाएं घटाने में मदद करेंगी। इंदौर से सेवा दिसंबर में शुरू होने वाली है और कई शहरों को जोड़ने की योजना है।
वर्तमान में बसों की कमी साफ दिखती है लेकिन सरकार पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पुनर्जीवित करने पर काम कर रही है। 2030 तक व्यापक नेटवर्क बनने से आम लोगों को सस्ता और सुरक्षित सफर मिलने की उम्मीद है।
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