Xi Jinping Security Delhi 2026: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं, और उनके साथ आई सुरक्षा व्यवस्था भी इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है। जिनपिंग की सुरक्षा में जमीन से लेकर आसमान तक इतना कड़ा और अभेद्य घेरा तैयार किया गया है कि किसी भी संभावित खतरे को पहले ही बेअसर कर दिया जाता है। इस पूरी सुरक्षा व्यवस्था में भारतीय एजेंसियां भी अहम भूमिका निभा रही हैं, जिसमें NSG और SPG जैसी विशिष्ट फोर्स चीनी सुरक्षा टीम के साथ लगातार तालमेल बनाए हुए हैं। दिल्ली में जिस होटल में जिनपिंग ठहरे हैं, उसके बाहर दिल्ली पुलिस के SWAT कमांडो, स्पेशल सेल के अधिकारी और पैरामिलिट्री फोर्सेज को भी तैनात किया गया है। खास बात यह है कि जिनपिंग की सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ उनके आसपास मौजूद सुरक्षाकर्मियों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसमें पूरे इलाके का नियंत्रण, तकनीकी निगरानी और विशेष सुरक्षा वाहनों का इस्तेमाल भी शामिल होता है।
Xi Jinping Security Delhi 2026: जिनपिंग के पहुंचने से पहले ही सुरक्षित कर लिया जाता है इलाका
शी जिनपिंग की सुरक्षा व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि किसी खतरे के सामने आने का इंतजार नहीं किया जाता, बल्कि उनके पहुंचने से पहले ही पूरे इलाके, रूट और होटल को पूरी तरह सुरक्षित बना दिया जाता है। इसके लिए चीनी सुरक्षा और खुफिया अधिकारी काफी पहले ही उस जगह का बारीकी से मुआयना करते हैं, जिसमें होटल, कार्यक्रम स्थल और आसपास के रास्ते शामिल होते हैं। यह पूरा सुरक्षा ऑडिट यात्रा शुरू होने के कई दिन पहले से चलता है, ताकि किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश न रहे। इस दौरान सैकड़ों चीनी सुरक्षा एजेंट सादे कपड़ों में पहले से मौके पर पहुंचकर स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर संभावित खतरों का आकलन करते हैं।
सेंट्रल गार्ड ब्यूरो और हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
जिनपिंग की मुख्य सुरक्षा की जिम्मेदारी सेंट्रल गार्ड ब्यूरो के पास होती है, जिसमें पीएलए के बेहद चुनिंदा और वफादार कमांडो शामिल किए जाते हैं। जहां भी जिनपिंग जाते हैं, वह पूरा इलाका लगभग लॉकडाउन जैसी स्थिति में नजर आता है, क्योंकि कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर आम लोगों की आवाजाही रोक दी जाती है। सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में जवानों को अलग-अलग घेरों में तैनात किया जाता है, जो लगातार राष्ट्रपति के आसपास की हर गतिविधि पर नजर बनाए रखते हैं। यह बहुस्तरीय सुरक्षा ढांचा ही जिनपिंग की यात्रा के दौरान किसी भी अप्रत्याशित घटना की आशंका को लगभग खत्म कर देता है।
हवा और तकनीक तक फैली है निगरानी
विदेश यात्रा के दौरान चीनी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी सिर्फ जमीनी स्तर तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह एयरस्पेस और वेंटिलेशन सिस्टम तक फैली होती है। गंतव्य शहर के हवाई क्षेत्र और हवा के फ्लो तक की जांच की जाती है, ताकि किसी भी अदृश्य खतरे को पहले ही पहचाना जा सके। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था में एआई आधारित फेसियल रिकग्निशन कैमरों और एडवांस साइबर इंटेलिजेंस तकनीक का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। जिस होटल में जिनपिंग ठहरते हैं, वहां संचार व्यवस्था, इंटरनेट और नेटवर्क एक्सेस के साथ-साथ पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर की भी बारीकी से जांच की जाती है।
विशेष बुलेटप्रूफ कार और मेजबान देश के साथ तालमेल
जिनपिंग की यात्रा के दौरान उनके लिए चीन की विशेष Hongqi N701 लिमोजिन का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे बेहद उच्च सुरक्षा मानकों के अनुसार तैयार किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार यह कार रॉकेट हमले जैसे गंभीर खतरों से भी सुरक्षा देने में सक्षम मानी जाती है, यही वजह है कि दूसरे देश में जाकर भी जिनपिंग अपनी इसी खास कार का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा चीनी सुरक्षा टीम मेजबान देश की एजेंसियों के साथ मिलकर रूट, होटल और कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देती है। दिल्ली में इस समय यही तालमेल भारतीय और चीनी सुरक्षा एजेंसियों के बीच सक्रिय रूप से देखा जा रहा है।
Xi Jinping Security Delhi 2026: भारतीय एजेंसियों की भूमिका भी अहम
चीनी राष्ट्रपति की सुरक्षा भले ही उनकी अपनी टीम संभालती हो, लेकिन मेजबान देश होने के नाते भारतीय एजेंसियों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। NSG और SPG जैसी विशिष्ट भारतीय बल चीनी सुरक्षा अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए हैं, ताकि कार्यक्रम स्थल और आवाजाही वाले रास्तों पर कोई चूक न हो। दिल्ली पुलिस के विशेष कमांडो और पैरामिलिट्री फोर्सेज को भी होटल और आसपास के इलाकों में तैनात किया गया है। यह संयुक्त सुरक्षा व्यवस्था दिखाती है कि इतने बड़े कूटनीतिक आयोजन के दौरान सुरक्षा को लेकर दोनों देशों की एजेंसियां किस स्तर तक सतर्क रहती हैं।
कुल मिलाकर BRICS समिट के मौके पर दिल्ली पहुंचे शी जिनपिंग की सुरक्षा व्यवस्था यह दिखाती है कि किसी राष्ट्राध्यक्ष की यात्रा के दौरान कितनी बारीकी और सतर्कता बरती जाती है। जमीनी तैनाती से लेकर हवाई निगरानी और तकनीकी सुरक्षा तक, हर पहलू को ध्यान में रखा जाता है ताकि किसी भी तरह के खतरे की आशंका को पहले ही खत्म किया जा सके। भारतीय और चीनी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बना यह तालमेल इस बात का प्रमाण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में सुरक्षा प्रबंधन कितना जटिल और बहुस्तरीय होता है। आने वाले दिनों में भी जब तक जिनपिंग भारत में रहेंगे, यह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था इसी तरह सक्रिय बनी रहेगी।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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