GenZ Relationship with Parents: जेन जेड परिवार से जुड़ी रहना चाहती है लेकिन जिंदगी के कई फैसले खुद लेना भी चाहती है। करियर, दोस्त, पैसे और रिश्ते जैसे मामलों में माता-पिता की सलाह मायने रखती है, अंतिम कमान अपने हाथ में रखने की इच्छा भी साफ दिखती है। डेलॉयट की 2025 सर्वे में भारत के 505 जेन जेड शामिल थे। इसमें 56 प्रतिशत ने दोस्तों और परिवार को अपनी पहचान का सबसे अहम हिस्सा बताया।
यानी परिवार की अहमियत घटी नहीं, रिश्ते को देखने का तरीका बदला है। पर्सनल स्पेस की मांग का मतलब रिश्ता तोड़ना नहीं माना जा रहा।जेन जेड परिवार रिश्ता, जेन जेड पर्सनल स्पेस, जेन जेड माता-पिता, जेन जेड करियर फैसला, डेलॉयट जेन जेड सर्वे
GenZ Relationship with Parents: परिवार अब भी पहचान का बड़ा हिस्सा
जेन जेड को अक्सर सिर्फ आजादी वाली पीढ़ी समझ लिया जाता है। भारतीय आंकड़े थोड़ी अलग तस्वीर देते हैं। डेलॉयट रिपोर्ट के अनुसार आधे से ज्यादा जेन जेड के लिए परिवार और दोस्त पहचान का केंद्र हैं। वे घर से कटना नहीं चाहते। चाहते हैं कि घर ऐसी जगह हो जहां बात खुलकर हो और हर बात पर खुद को साबित न करना पड़े।
बाउंड्री का मतलब दूरी नहीं
बाउंड्री से आशय परिवार से अलग होना नहीं है। करियर, शहर, दोस्तों के साथ समय और निजी बातें कितनी साझा करनी हैं, इन मुद्दों पर अपनी पसंद रखने की जगह चाहिए। सलाह बुरी नहीं लगती लेकिन अंतिम फैसला खुद लेने की इच्छा दिखती है। ईटी-स्नैपचैट जेन जेड इंडेक्स 2025 में भी पहचान और परिवार दोनों अहम बताए गए, साथ में साफ सीमाओं की बात कही गई। यह अध्ययन कांतार ने किया।
GenZ Relationship with Parents: पर्सनल स्पेस का मतलब क्या है
पर्सनल स्पेस मांगने का अर्थ माता-पिता से कट जाना नहीं होता। गैलप और वाल्टन फाउंडेशन की 2024 रिसर्च में 10 से 18 साल के बच्चों से बात हुई। 19 प्रतिशत ने कहा कि माता-पिता उनकी भावनाएं बेहतर समझें। 16 प्रतिशत ने आजादी और निजी जगह समझने की बात कही। स्रोत साफ करता है कि इसे भारतीय जेन जेड पर लागू शोध न माना जाए। फिर भी समझ और जगह की जरूरत उभरती है।
सलाह अलग, फैसला अलग
यह पीढ़ी सलाह और फैसले को एक नहीं मानती। करियर या पढ़ाई पर घर से बात कर सकती है लेकिन निर्णय खुद लेना सामान्य समझती है। माता-पिता को कभी लगता है सलाह नहीं मानी गई। युवा के लिए सुनना और मानना दो अलग बातें हो सकती हैं। इसलिए बाउंड्री को हमेशा बगावत नहीं कहा जा सकता। कई बार यह जिम्मेदारी लेने की कोशिश होती है।
GenZ Relationship with Parents: करियर और पैसे का असर
डेलॉयट 2025 भारतीय रिपोर्ट में 86 प्रतिशत जेन जेड ने कहा कि काम में उद्देश्य होना संतुष्टि और भलाई के लिए जरूरी है। वर्क-लाइफ बैलेंस और आर्थिक आजादी भी अहम बताए गए। सिर्फ अच्छी नौकरी काफी नहीं लगती, काम जिंदगी से कितना मेल खाता है यह भी देखा जाता है। 2026 की भारतीय रिपोर्ट में 54 प्रतिशत ने आर्थिक वजह से बड़े फैसले टाले। 60 प्रतिशत से ज्यादा ने कहा महंगे घर करियर फैसलों को प्रभावित करते हैं। खुद कमाना कई निर्णयों में आजादी का अहसास बढ़ा सकता है।
जेन जेड परिवार से जुड़ी रहना चाहती है और अपनी पहचान भी बनाए रखना चाहती है। भारतीय सर्वे में परिवार को पहचान का बड़ा हिस्सा बताया गया है। सलाह चाहिए लेकिन अंतिम फैसला अपना रखने की इच्छा दिखती है।
पर्सनल स्पेस का मतलब रिश्ता खत्म करना नहीं। करियर में उद्देश्य, संतुलन और आर्थिक आजादी मायने रखते हैं। घर की कीमतें और पैसा बड़े फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं। साथ भी चाहिए और अपनी जगह भी, यही इस रिश्ते की मौजूदा तस्वीर सर्वे से निकलती है।
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