Ambika Raina Success Story: देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की परीक्षा को पास करना आसान नहीं होता, लेकिन अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी चुनौती राह नहीं रोक पाती। कुछ ऐसी ही कहानी है आईएएस अधिकारी अंबिका रैना की, जिन्होंने आर्किटेक्चर की पढ़ाई के बाद स्विट्जरलैंड में मिली शानदार नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी करने का फैसला लिया। खास बात यह है कि उनकी ग्रेजुएशन UPSC से जुड़े विषयों से बिल्कुल अलग थी, इसके बावजूद उन्होंने सिर्फ तीसरे प्रयास में ही यह मुश्किल परीक्षा पास कर ली। सेना में मेजर जनरल रहे पिता की नौकरी के चलते बार-बार स्कूल बदलने के बावजूद अंबिका रैना का पढ़ाई से फोकस कभी नहीं हटा। सही रणनीति, टॉपर्स के इंटरव्यू से सीख और लगातार मॉक टेस्ट प्रैक्टिस के दम पर उन्होंने 2022 की UPSC CSE परीक्षा में AIR 164 हासिल कर IAS बनने का सपना पूरा किया।
Ambika Raina Success Story: सेना में मेजर जनरल रहे पिता, कई राज्यों में हुई पढ़ाई
अंबिका रैना के पिता भारतीय सेना में मेजर जनरल के पद पर कार्यरत थे, जिसके चलते उनका तबादला बार-बार होता रहता था। इसी वजह से अंबिका ने अपनी स्कूली पढ़ाई देश के कई अलग-अलग राज्यों से पूरी की, जिनमें गुजरात, पंजाब और तमिलनाडु जैसे राज्य शामिल हैं। बार-बार स्कूल और कॉलेज बदलने के बावजूद परिवार के सहयोग और अपने अनुशासन के दम पर वे हमेशा पढ़ाई में आगे रहीं।
आर्किटेक्चर की पढ़ाई और स्विट्जरलैंड में इंटर्नशिप
अंबिका रैना ने गुजरात की सीईपीटी यूनिवर्सिटी से आर्किटेक्चर में ग्रेजुएशन किया है। ग्रेजुएशन पूरा होने से पहले ही उन्हें स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख शहर में इंटर्नशिप करने का मौका मिला, जहां उन्होंने लैंडोल्ट उंड हॉलर आर्किटेक्टेन एजी फर्म में अर्बन प्लानिंग और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया।
देश सेवा के जज्बे ने बदली दिशा
ग्रेजुएशन पूरी होने के बाद अंबिका रैना को कई अच्छे जॉब ऑफर मिले, लेकिन देश के लिए कुछ बड़ा करने की इच्छा उनके मन से कभी दूर नहीं हुई। स्विट्जरलैंड जाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने के बावजूद उन्होंने भारत लौटने का फैसला किया और वापस आकर UPSC परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।
शुरुआती असफलता के बाद भी नहीं मानी हार
अंबिका रैना के लिए राजनीति विज्ञान और इतिहास जैसे विषय बिल्कुल नए थे, क्योंकि उनकी पिछली पढ़ाई इनसे अलग रही थी। किताबों और इंटरनेट पर मौजूद भारी-भरकम कंटेंट के बीच उन्होंने सबसे पहले जरूरी जानकारी को फिल्टर करना सीखा। उनके शुरुआती दो प्रयास असफल रहे, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी रणनीति में लगातार सुधार करती रहीं।
टॉपर्स के इंटरव्यू और मॉक टेस्ट बने रणनीति का आधार
तैयारी के दौरान अंबिका रैना ने 100 से ज्यादा टॉपर्स के इंटरव्यू देखे और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के साथ टॉपर्स की आंसर कॉपियों का बारीकी से अध्ययन किया। इससे उन्हें UPSC के पाठ्यक्रम को बेहतर ढंग से समझने में काफी मदद मिली। पहले प्रयास में उन्होंने मॉक टेस्ट को नजरअंदाज किया था, लेकिन दूसरे प्रयास से ही उन्होंने मॉक टेस्ट पर विशेष जोर देना शुरू कर दिया।
किताबों और आंसर राइटिंग पर रहा खास फोकस
अपनी तैयारी में अंबिका रैना ने आधुनिक इतिहास के लिए स्पेक्ट्रम, राजनीति विज्ञान के लिए लक्ष्मीकांत और भूगोल के लिए एनसीईआरटी की किताबों को प्राथमिकता दी। इसके साथ ही उन्होंने आंसर राइटिंग प्रैक्टिस पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा, जो UPSC मुख्य परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।
Ambika Raina Success Story: तीसरे प्रयास में मिली बड़ी सफलता
लगातार मेहनत और स्पष्ट रणनीति के दम पर अंबिका रैना ने 2022 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में AIR 164 रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना साकार किया। उनकी यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि सही दिशा में की गई मेहनत और असफलताओं से सीखने का जज्बा किसी भी मुश्किल परीक्षा को पार करने में मदद कर सकता है।
अंबिका रैना की यह कहानी उन तमाम उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा बन सकती है, जो UPSC जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। स्विट्जरलैंड जैसी विदेशी नौकरी छोड़कर देश सेवा का रास्ता चुनना और गैर-परंपरागत विषयों में महारत हासिल कर तीसरे प्रयास में सफलता पाना आसान नहीं था। उनकी रणनीति यह दिखाती है कि सही स्रोतों का चुनाव, नियमित मॉक टेस्ट और आंसर राइटिंग प्रैक्टिस किसी भी उम्मीदवार की सफलता में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अंबिका रैना का सफर मेहनत, धैर्य और स्पष्ट सोच का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया है।
Read More Here:-
Stock Market Crash: निवेशकों के 9 लाख करोड़ रुपये स्वाहा, जानें गिरावट के पीछे की पूरी वजह
यूपीएसएसएससी वेटेरिनरी फार्मासिस्ट भर्ती 2026 के1308 पदों पर आवेदन 5 अक्टूबर तक
Jaipur New Mayor: जयपुर नगर निगम मेयर चुनाव, भाजपा के 78 पार्षद रेस में पांच नाम चर्चा में
Press Club of India में 11 दिन का विशेष आधार सेवा कैंप शुरू, 17 सितंबर तक मिलेगा लाभ
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.
