MP News: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में गर्भवती महिला सावित्री चौधरी और उनके पति कैलाश चौधरी की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को हालात बिगड़ गए। मरार माली समाज के प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया। सात पुलिसकर्मियों समेत 16 लोग घायल हो गए। किरनापुर थाने का गेट खोलकर अंदर घुसने की कोशिश भी हुई। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर भीड़ को काबू करने की कोशिश की। यह मामला दो सितंबर को चोरी के शक में हुई गिरफ्तारी और थाने में कथित अमानवीय व्यवहार के आरोप से जुड़ा है। सात सितंबर को परिजनों की शिकायत के बाद टीआई समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके थे।
MP News: प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ
मंगलवार को मरार माली समाज ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान माहौल बिगड़ गया और उग्र भीड़ ने पुलिस पर पत्थर फेंके। पथराव में सात पुलिसकर्मी समेत कुल 16 लोग घायल बताए गए। भीड़ किरनापुर थाने का गेट खोलकर अंदर घुसने का प्रयास भी करने लगी।
घायल पुलिसकर्मी और इलाज
पथराव में एसडीओपी दीपक तोमर, निरीक्षक जितेंद्र चौहान और शैलेंद्र पटेल घायल हुए। एसडीओपी के वाहन चालक आलोक, प्रधान आरक्षक वर्षा तथा महिला आरक्षक अंबिका और अविषा भी चोटिल हुईं। किरनापुर स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद कुछ घायलों को महाराष्ट्र के गोंदिया अस्पताल रेफर किया गया।
MP News: पुलिस का नियंत्रण और आगे की कार्रवाई
बेकाबू भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। घटना के बाद एसपी आदित्य मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। पुलिस पथराव करने वालों की पहचान कर उनसे पूछताछ कर रही है। कानून-व्यवस्था संभालने के साथ पुराने आरोपों की जांच भी जारी रहेगी।
गिरफ्तारी कैसे हुई
दो सितंबर को पुलिस ने मुंडेसरा पंचायत के टिमकीटोला निवासी कैलाश चौधरी और उनकी गर्भवती पत्नी सावित्री चौधरी को चोरी के शक में गिरफ्तार किया था। पति को पकड़ने गई पुलिस पर गर्भवती को लात मारने का आरोप लगाया गया। परिवार का कहना है कि इसके बाद थाने में भी दुर्व्यवहार हुआ।
थाने में कथित यातना के आरोप
आरोप है कि थाने में पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला को निर्वस्त्र कर बेहोश होने तक पीटा। परिजनों का दावा है कि उसके शरीर पर चोट के निशान अब भी हैं। ये आरोप पुलिस की ओर से अभी अदालती या विभागीय जांच के स्तर पर जांचे जाने हैं। प्रशासन ने शिकायत के बाद कार्रवाई शुरू की थी।
MP News: कलेक्टर के यहां शिकायत और निलंबन
सात सितंबर को स्वजन गर्भवती महिला को खाट पर लिटाकर कलेक्टर से मिले और शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद एसपी ने टीआई समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। निलंबन के बावजूद समाज का गुस्सा मंगलवार के प्रदर्शन में फूट पड़ा। पथराव के बाद तनाव बढ़ गया।
समाज का गुस्सा और थाने पर दबाव
मरार माली समाज ने गिरफ्तारी और कथित पिटाई को गंभीर मानते हुए प्रदर्शन किया। हालात बिगड़ने पर थाने की सुरक्षा भी चुनौती बनी। गेट तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश से स्थिति और नाजुक हो गई। पुलिस को बल प्रयोग के साथ बातचीत का रास्ता भी अपनाना पड़ा।
MP News: प्रशासन की मौजूदा स्थिति
एसपी आदित्य मिश्रा मैदान में रहकर प्रदर्शनकारियों से संवाद कर रहे हैं। पथराव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। घायलों का इलाज जारी है। पुरानी शिकायत और नई हिंसा दोनों पर कार्रवाई साथ-साथ चलने की संभावना है। जिला प्रशासन शांति बनाए रखने पर जोर दे रहा है।
बालाघाट के किरनापुर क्षेत्र में गर्भवती दंपती की गिरफ्तारी और थाने में कथित दुर्व्यवहार के आरोप ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शन के दौरान पथराव हुआ और सात पुलिसकर्मियों समेत 16 लोग घायल हो गए। इससे पहले सात सितंबर को शिकायत मिलने पर टीआई समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके थे। पुलिस आंसू गैस से भीड़ को काबू करने के बाद पथराव करने वालों की पहचान कर रही है। मामला अब कानून-व्यवस्था के साथ विभागीय जांच दोनों स्तरों पर है। आगे की तस्वीर पूछताछ और चिकित्सा रिपोर्ट के बाद और साफ होगी।
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