RPCAU Pusa BSc Agriculture: बिहार में कृषि विज्ञान पढ़ने वालों के लिए डॉ राजेंद्र प्रसाद सेंट्रल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी पूसा जाना-माना विकल्प है। समस्तीपुर जिले में स्थित यह संस्थान एनआईआरएफ रैंकिंग 2025 के कृषि संस्थानों में 14वें स्थान पर है। यहां बीएससी एग्रीकल्चर के साथ फॉरेस्ट्री, फिशरीज, फूड टेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक जैसे स्नातक पाठ्यक्रम चलते हैं। पीजी और पीएचडी भी कई विषयों में उपलब्ध हैं। दाखिला मुख्य रूप से सीयूईटी और आईसीएआर एआईईईए के जरिए होता है। सत्र 2026-27 के मॉप-अप राउंड में अनंतिम प्रवेश लेने वाले छात्रों को 18 या 19 सितंबर 2026 को परिसर में रिपोर्ट करना है।
संस्थान कहां है और क्यों जाना जाता है
विश्वविद्यालय बिहार के समस्तीपुर में पूसा में है। कृषि और allied क्षेत्रों के पाठ्यक्रमों के लिए इसकी पहचान है। राष्ट्रीय रैंकिंग में 14वां स्थान इसे राज्य के प्रमुख कृषि संस्थानों में रखता है। आधिकारिक जानकारी rpcau.ac.in पर उपलब्ध है।
एनआईआरएफ 2025 में क्या स्थान है
एनआईआरएफ रैंकिंग 2025 के अनुसार कृषि संस्थान श्रेणी में आरपीसीएयू की रैंक 14वीं है। यह आंकड़ा देश के कृषि महाविद्यालयों की तुलना में है। रैंकिंग दाखिले का एकमात्र आधार नहीं, पर संस्थान की स्थिति समझने में मदद करती है।

स्नातक स्तर पर कौन से कोर्स हैं
यहां बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक मिलता है। बैचलर्स डिग्री एग्रीकल्चर, फॉरेस्ट्री, फिशरीज और फूड टेक्नोलॉजी में दी जाती है। जो छात्र खेती, वन, मत्स्य या खाद्य तकनीक में रुचि रखते हैं वे इन्हीं विकल्पों में चुन सकते हैं। विस्तृत सूची अकादमिक सेक्शन में देखनी चाहिए।
मास्टर्स और पीएचडी के विषय
मास्टर्स बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और कृषि से जुड़े कई कोर्सों में उपलब्ध है। पीएचडी प्लांट ब्रीडिंग एंड जेनेटिक्स, एग्रीकल्चर जेनेटिक्स और एंटोमोलॉजी जैसे विषयों में बताई गई है। विषयवार सीट और योग्यता वेबसाइट के डिग्री विकल्प पर देखें।
दाखिला किस परीक्षा से होता है
यूजी और पीजी में प्रवेश राष्ट्रीय परीक्षाओं और आईसीएआर काउंसलिंग से जुड़ा है। अभ्यर्थियों को सीयूईटी या आईसीएआर एआईईईए जैसी परीक्षा देनी होती है। स्कोर के आधार पर रैंक बनती है। इसके बाद काउंसलिंग से सीट आवंटन होता है।

खाली सीटों पर मॉप-अप राउंड
काउंसलिंग के बाद बची सीटों के लिए विश्वविद्यालय मॉप-अप राउंड भी करता है। सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न यूजी कोर्स में अनंतिम प्रवेश वालों को नोटिस जारी हुआ है। इन्हें व्यक्तिगत रूप से परिसर आना है। दस्तावेज सत्यापन और पंजीकरण यहीं पूरा होगा।
18 और 19 सितंबर की रिपोर्टिंग
मॉप-अप से अनंतिम दाखिला लेने वाले छात्रों की रिपोर्टिंग 18 या 19 सितंबर 2026 को तय है। दोनों में से निर्धारित दिन परिसर पहुंचना अनिवार्य बताया गया है। दस्तावेजों की सूची आधिकारिक वेबसाइट से लें। अधूरे कागजात से प्रक्रिया अटक सकती है।
प्लेसमेंट 2023-24 के आंकड़े
सत्र 2023-24 में यूजी कार्यक्रमों के कुल 282 छात्रों का प्लेसमेंट हुआ। इनमें 171 छात्र और 111 छात्राएं शामिल हैं। बीएससी एग्रीकल्चर में सबसे अधिक करीब 85 छात्रों को नौकरी मिली। फिशरीज में 46 और बीटेक बायोटेक्नोलॉजी में 45 छात्रों का चयन बताया गया।

अन्य यूजी कोर्स का प्रदर्शन
विश्वविद्यालय के अनुसार स्नातक के दूसरे पाठ्यक्रमों का प्लेसमेंट भी संतोषजनक रहा। आंकड़े आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित हैं। प्लेसमेंट हर वर्ष बदल सकता है। नवीनतम रिपोर्ट संस्थान से जांचें।
फीस कितनी बताई गई है
यूजी कोर्स की फीस करीब 8,310 रुपये प्रति सेमेस्टर बताई गई है। एमबीए एग्री बिजनेस की फीस 42,000 रुपये प्रति सेमेस्टर है। रूरल मैनेजमेंट में एमबीए की फीस भी प्रति सेमेस्टर 42,000 रुपये बताई गई है। ये दरें शैक्षणिक सत्र 2018-19 के अनुसार दी गई हैं।
फीस हर साल बदल सकती है
पुरानी दर को वर्तमान मानकर जमा न करें। संस्थान हर वर्ष शुल्क संशोधित कर सकता है। दाखिले से पहले rpcau.ac.in पर ताजा अधिसूचना देखें। मॉप-अप रिपोर्टिंग के समय भी शुल्क संबंधी निर्देश अलग हो सकते हैं।

जानकारी कहां से लें
कोर्स सूची के लिए आधिकारिक साइट के अकादमिक खंड में डिग्री विकल्प खोलें। वहां यूजी, पीजी और पीएचडी का ब्योरा मिलता है। प्रवेश परीक्षा, काउंसलिंग और मॉप-अप नोटिस भी उसी पोर्टल पर जारी होते हैं। अफवाह की जगह लिखित नोटिस मानें।
किस अभ्यर्थी के लिए उपयुक्त
जो छात्र बिहार रहकर कृषि और allied विज्ञान पढ़ना चाहते हैं उनके लिए पूसा बड़ा विकल्प है। राष्ट्रीय परीक्षा के स्कोर वाले अभ्यर्थी काउंसलिंग में हिस्सा लेते हैं। खाली सीट बची हो तो मॉप-अप मौका दे सकता है। रैंकिंग और प्लेसमेंट आंकड़े निर्णय में सहायक हैं, अंतिम योग्यता परीक्षा और कागजात तय करते हैं।
आरपीसीएयू पूसा समस्तीपुर में कृषि शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। एनआईआरएफ 2025 में कृषि संस्थानों में 14वां स्थान दर्ज है। बीएससी एग्रीकल्चर समेत कई स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध पाठ्यक्रम चलते हैं। दाखिला सीयूईटी व आईसीएआर परीक्षा और काउंसलिंग से होता है। सत्र 2026-27 के मॉप-अप में अनंतिम प्रवेश वालों की रिपोर्टिंग 18 या 19 सितंबर को परिसर में है। 2023-24 में यूजी के 282 छात्रों का प्लेसमेंट हुआ, जिसमें कृषि स्नातक आगे रहे। फीस के पुराने आंकड़े 2018-19 के हैं, इसलिए वेबसाइट से ताजा शुल्क अवश्य जांचें।
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