- केलांग में न्यूनतम तापमान: 3.8°C
- सबसे ज्यादा बारिश: सुन्नी बज्जी, 33.8 मिमी
- सेओबाग: 19.0 मिमी
- मनाली: 17.0 मिमी
- भुंतर: 14.4 मिमी
- 18 से 24 सितंबर: भारी बारिश की चेतावनी नहीं
- स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी।
Shimla। हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में हुई बारिश के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिला है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों के साथ-साथ मध्य पहाड़ी इलाकों में न्यूनतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग, शिमला की ओर से 18 सितंबर 2026 को जारी सुबह के बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई, जबकि लाहौल-स्पीति के केलांग में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
सुन्नी बज्जी में सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में सुन्नी बज्जी (शिमला) में 33.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो प्रमुख बारिश वाले स्थानों में सबसे अधिक रही। इसके अलावा कुल्लू के सेओबाग में 19.0 मिमी, मनाली में 17.0 मिमी, भुंतर में 14.4 मिमी, कोठी में 11.6 मिमी और मंडी के पंडोह में 11.0 मिमी बारिश हुई।
रामपुर में 10.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। 18 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक शिमला में 3.0 मिमी, सुंदरनगर में 6.0 मिमी, कल्पा में 1.6 मिमी, मंडी में 9.8 मिमी और बिलासपुर में 4.2 मिमी बारिश दर्ज हुई। कुफरी में 10.0 मिमी और सेओबाग में 19.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

अधिकतम तापमान में भी गिरावट
बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में भी कमी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में कई स्टेशनों पर अधिकतम तापमान 2 से 12 डिग्री सेल्सियस तक गिरा है।
17 सितंबर को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान ऊना में 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं शिमला में 21.5 डिग्री, सोलन में 26.0 डिग्री, मंडी में 26.6 डिग्री, बिलासपुर में 30.0 डिग्री, नाहन में 27.0 डिग्री और मनाली में 24.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
न्यूनतम तापमान की बात करें तो केलांग 3.8 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान रहा। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में गिरावट से सुबह और रात के समय ठंड का अहसास बढ़ने लगा है।
अगले सात दिन भारी बारिश की चेतावनी नहीं
मौसम विभाग के 18 सितंबर के पूर्वानुमान के अनुसार 18 से 24 सितंबर तक प्रदेश में भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। हालांकि इस दौरान कुछ स्थानों पर बारिश का दौर जारी रह सकता है। विभाग ने 17 और 18 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी जताई थी।

कांगड़ा और शिमला में गरज-चमक
पिछले 24 घंटों के दौरान कांगड़ा और शिमला में गरज-चमक दर्ज की गई। वहीं ताबो में अधिकतम 46 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। इस अवधि में प्रदेश में बर्फबारी, कोहरा या ओलावृष्टि दर्ज नहीं हुई।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है।
फिलहाल अगले सात दिनों में भारी बारिश की चेतावनी नहीं होने से राहत है। हालांकि स्थानीय स्तर पर बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

