Renault Triber Turbo: सात सीटर एमपीवी खरीदने वाले खरीदारों के लिए रेनो ने भारतीय बाजार में नया विकल्प रख दिया है। कंपनी ने अपनी लोकप्रिय रेनो ट्राइबर का टर्बो वर्जन लॉन्च किया है। इंडिया टीवी हिंदी की 28 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक इसकी शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 7.84 लाख रुपये है।
कम कीमत वाली इस सात सीटर एमपीवी में अब पहले से ज्यादा दमदार टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है। कंपनी के मुताबिक कार 21 किलोमीटर प्रति लीटर तक का माइलेज देने में सक्षम है। फिलहाल इसे पांच स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ पेश किया गया है।
रेनो ट्राइबर पहले से बजट सेगमेंट की सात सीटर कार के रूप में जानी जाती रही है। टर्बो वर्जन उसी गाड़ी में पावर और टॉर्क बढ़ाने की कोशिश है, ताकि परिवार के साथ शहर और हाईवे दोनों पर गाड़ी चलाने वाले खरीदारों को ज्यादा दमदार इंजन मिले। कीमत, इंजन, केबिन और सेफ्टी इसी लॉन्च की मुख्य बातें हैं।
रेनो ट्राइबर टर्बो की कीमत कितनी है?
रेनो ट्राइबर टर्बो की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 7.84 लाख रुपये रखी गई है। टॉप वेरिएंट की एक्स शोरूम कीमत 8.99 लाख रुपये तक जाती है। यानी एंट्री और टॉप के बीच करीब एक लाख रुपये से कुछ ज्यादा का फासला है। खरीदने वाले को वेरिएंट चुनते समय यह अंतर देखना होगा, क्योंकि ऊपरी वेरिएंट में फीचर्स की सूची लंबी होती है।
रेगुलर पेट्रोल मॉडल की तुलना में टर्बो वर्जन के अलग अलग वेरिएंट करीब 94,000 रुपये से 1.11 लाख रुपये तक महंगे हैं। यह अंतर सिर्फ इंजन बदलने की कीमत नहीं है। टर्बो बैज, ट्यून किए गए सेफ्टी सिस्टम और वेरिएंट के हिसाब से मिलने वाले फीचर्स भी इसी पैकेज का हिस्सा बताए गए हैं।
एक्स शोरूम कीमत में रजिस्ट्रेशन, बीमा, हैंडलिंग और शहर के हिसाब से लगने वाले अन्य चार्ज शामिल नहीं होते। इसलिए ऑन रोड कीमत राज्य और शहर के अनुसार 7.84 लाख या 8.99 लाख रुपये से ऊपर जाएगी। जो खरीदार पुराने पेट्रोल ट्राइबर से तुलना कर रहे हैं, उनके लिए रिपोर्ट में दिया गया करीब 94,000 से 1.11 लाख रुपये का अंतर सीधा आधार है।
सात सीटर एमपीवी में इस कीमत का मतलब है कि रेनो ट्राइबर टर्बो अब भी बजट वाली पारिवारिक कार की श्रेणी में रहने की कोशिश कर रही है। ज्यादा पावर के बदले कंपनी ने कीमत को आठ लाख के आसपास एंट्री और नौ लाख के नीचे टॉप एक्स शोरूम पर रखा है। वेरिएंट चुनते समय इंजन एक जैसा है, फर्क मुख्य रूप से फीचर्स और कीमत का है।
इंजन और माइलेज में क्या नया है?
रेनो ट्राइबर टर्बो में 1.0 लीटर, तीन सिलेंडर एचआर10 टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है। यही इंजन कंपनी की काइगर और डस्टर में भी इस्तेमाल होता है। ट्राइबर टर्बो में इंजन मैनेजमेंट सिस्टम को अलग तरीके से ट्यून किया गया है। सात सीटर बॉडी और पारिवारिक इस्तेमाल को ध्यान में रखकर यह ट्यून किया गया बताना रिपोर्ट का आधार है।
यह इंजन 100 हॉर्सपावर की पावर और 180 एनएम का पीक टॉर्क जनरेट करता है। कंपनी का दावा है कि कार महज 10.8 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। कंपनी के मुताबिक माइलेज 21 किलोमीटर प्रति लीटर तक हो सकता है। ये आंकड़े कंपनी के दावे हैं, सड़क पर असल आंकड़ा लोड, ड्राइविंग और हालात पर निर्भर करेगा।
फिलहाल गियरबॉक्स सिर्फ पांच स्पीड मैनुअल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी भविष्य में सीवीटी ऑटोमैटिक का ऑप्शन भी जोड़ सकती है। यह पुष्ट ऐलान नहीं है, इसलिए खरीदारों को अभी मैनुअल वर्जन ही उपलब्ध मानना चाहिए। शहर के ट्रैफिक में ऑटोमैटिक की मांग अलग है, लेकिन लॉन्च के समय विकल्प मैनुअल ही है।
काइगर और डस्टर वाला इंजन ट्राइबर में आने का मतलब है कि रेनो अपने मौजूदा टर्बो पेट्रोल परिवार को सात सीटर एमपीवी तक ले आई है। अलग ट्यून इसलिए मायने रखता है क्योंकि ट्राइबर का इस्तेमाल अक्सर पूरे परिवार और सामान के साथ होता है। 180 एनएम टॉर्क लो और मिड रेंज में खिंचाव देने के दावे से जुड़ा है, जबकि 100 हॉर्सपावर ओवरटेक और हाईवे के लिए कंपनी का आधार है।
डिजाइन में क्या बदला और क्या नहीं?
रेनो ट्राइबर टर्बो का बाहरी डिजाइन काफी हद तक रेगुलर मॉडल जैसा ही है। बड़ा ढांचा, सात सीटर लेआउट और एमपीवी का रूप नहीं बदला है। बदलाव पहचान और ट्रिम के स्तर पर हैं।
इसमें ग्लॉस ब्लैक ग्रिल, नया रेनो लोगो, एलईडी हेडलैंप और डीआरएल दिए गए हैं। पीछे एलईडी टेललैंप और नया टर्बो बैज मिलता है। कार में 15 इंच के डुअल टोन व्हील कवर और फंक्शनल रूफ रेल्स भी दिए गए हैं। रूफ रेल्स उन परिवारों के लिए प्रासंगिक हैं जो ऊपर कैरियर लगाकर अतिरिक्त सामान रखना चाहते हैं।
टर्बो बैज बाहर से यह बताने का तरीका है कि गाड़ी रेगुलर पेट्रोल ट्राइबर नहीं है। हेडलैंप, डीआरएल और टेललैंप एलईडी होने से रात और खराब मौसम में दिखाई देना बेहतर होने की उम्मीद खरीदार लगाते हैं। व्हील कवर 15 इंच के हैं, अलॉय व्हील का जिक्र इस रिपोर्ट में नहीं है।
केबिन और स्पेस कैसा है?
कार के अंदर 8 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है, जिसमें वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले का सपोर्ट है। फोन को केबल से जोड़े बिना मैप और कॉल स्क्रीन पर लाना इस सिस्टम का सीधा इस्तेमाल है। इसके अलावा 7 इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वायरलेस फोन चार्जर, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, रियर ब्लोअर कंट्रोल, क्रूज कंट्रोल और पुश बटन स्टार्ट स्टॉप जैसे फीचर्स मिलते हैं।
रियर ब्लोअर कंट्रोल सात सीटर में पीछे बैठने वालों के लिए मायने रखता है, क्योंकि केबिन लंबा होता है और आगे का एसी पीछे तक समान रूप से नहीं पहुंचता। क्रूज कंट्रोल हाईवे पर लंबे सफर में काम आता है। वायरलेस चार्जर और पुश बटन स्टार्ट रोजमर्रा की सुविधाएं हैं। डिजिटल क्लस्टर ड्राइवर को स्पीड और अन्य जानकारी स्क्रीन पर दिखाता है।
तीसरी लाइन की सीटें फोल्ड करने पर कार में 625 लीटर तक का बूट स्पेस मिलता है। सात लोगों के साथ सामान रखना और सिर्फ पांच लोगों के साथ ज्यादा लगेज रखना, दोनों जरूरतें इसी एमपीवी में आती हैं। तीसरी रो फोल्ड होने के बाद 625 लीटर का आंकड़ा सामान वाले सफर के लिए रिपोर्ट में दिया गया है। जब सातों सीटें इस्तेमाल में हों, तब बूट उतना नहीं रहेगा। यह अंतर परिवार की गिनती के हिसाब से खरीद फैसले में रखना होगा।
सेफ्टी फीचर्स क्या मिले हैं?
सेफ्टी के लिए ट्राइबर टर्बो में 6 एयरबैग, एबीएस, ईबीडी, ईएसपी, ट्रैक्शन कंट्रोल, हिल स्टार्ट असिस्ट, टीपीएमएस और आइसोफिक्स चाइल्ड सीट माउंट दिए गए हैं। छह एयरबैग का मतलब आगे और साइड प्रोटेक्शन की सूची में कंपनी ने कई बैग रखे हैं। एबीएस और ईबीडी ब्रेकिंग से जुड़े हैं। ईएसपी और ट्रैक्शन कंट्रोल फिसलन या अचानक नियंत्रण खोने की स्थिति में काम आते हैं।
हिल स्टार्ट असिस्ट ढलान पर गाड़ी रोककर आगे बढ़ाने में मदद के लिए दिया गया है। टीपीएमएस टायर का प्रेशर मॉनिटर करता है। आइसोफिक्स माउंट बच्चों की सीट लगाने के लिए है। टर्बो इंजन के अनुसार एबीएस, ईएससी और ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम को भी ट्यून किया गया है। ज्यादा पावर वाली गाड़ी में ब्रेक और स्थिरता के सिस्टम को इंजन के हिसाब से सेट करना कंपनी ने इस वर्जन में किया है।
ये फीचर्स वेरिएंट के हिसाब से पूरी सूची में कितने मानक हैं, यह रिपोर्ट अलग अलग वेरिएंट की तालिका नहीं देती। खरीदने से पहले शोरूम में अपने वेरिएंट की सेफ्टी लिस्ट मिलान कर लेना उपयोगी होगा। रिपोर्ट के स्तर पर कंपनी ने छह एयरबैग से आइसोफिक्स तक की यह सूची ट्राइबर टर्बो के साथ बताई है।
रेनो ट्राइबर टर्बो उन खरीदारों के लिए है जो सात सीटर चाहते हैं और रेगुलर पेट्रोल से ज्यादा पावर के लिए करीब 94,000 रुपये से 1.11 लाख रुपये तक अतिरिक्त देने को तैयार हैं। एंट्री 7.84 लाख रुपये एक्स शोरूम है, टॉप 8.99 लाख रुपये एक्स शोरूम तक जाता है। इंजन 100 हॉर्सपावर और 180 एनएम का है, माइलेज का कंपनी दावा 21 किलोमीटर प्रति लीटर तक का है, और 0 से 100 का दावा 10.8 सेकंड का है। डिजाइन लगभग पुराना है, पहचान टर्बो बैज और कुछ ट्रिम से बनती है। केबिन में स्क्रीन, क्लाइमेट और 625 लीटर तक फोल्ड बूट है। सेफ्टी में छह एयरबैग समेत कई सिस्टम हैं। ऑटोमैटिक फिलहाल नहीं है।
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