Top 5 This Week

Related Posts

Period Health Tips: पीरियड्स में कभी लूज मोशन तो कभी कब्ज क्यों होती है? प्रोस्टाग्लैंडिन और प्रोजेस्टेरोन का पाचन पर असर

Period Health Tips: पीरियड्स के दिनों में पेट दर्द, ऐंठन और ब्लोटिंग आम शिकायत हैं। कई महिलाओं को इन्हीं दिनों, या पीएमएस में कुछ दिन पहले, शौच की आदत भी बदलती दिखती है। खान-पान वही रहने पर भी कभी बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है, कभी पेट साफ नहीं होता। यह बदलाव अक्सर हार्मोन और प्रोस्टाग्लैंडिन के कारण होता है। हर महीने एक जैसा पैटर्न जरूरी नहीं। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी पुरानी समस्या हो तो लक्षण और बढ़ सकते हैं। यह लेख सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत इलाज नहीं।

लूज मोशन और कब्ज दोनों एक ही चक्र में अलग-अलग समय आ सकते हैं। पीरियड्स से पहले कब्ज और रक्तस्राव शुरू होने के बाद पतले दस्त का क्रम कई महिलाओं में दोहराया जाता है। पानी, फाइबर, हल्की गतिविधि और तला-भुना भोजन कम करने से राहत मिल सकती है। बुखार, खून, बेहोशी या तीन दिन से ज्यादा तेज दस्त हों तो डॉक्टर को दिखाएं।

Period Health Tips: पीरियड्स में लूज मोशन क्यों होते हैं?

ये हार्मोन जैसे यौगिक शरीर में प्राकृतिक रूप से बनते हैं और गर्भाशय की मांसपेशियों को सिकुड़ने में मदद करते हैं। पीरियड की ऐंठन भी इन्हीं से जुड़ी है। इनका असर केवल गर्भाशय तक सीमित नहीं रहता। आंतों की गति भी तेज हो सकती है। इसी से बाउल मूवमेंट बढ़ता है और कुछ महिलाओं को लूज मोशन हो जाते हैं।

ऐंठन तेज होने वाले दिनों में दस्त भी ज्यादा बताए जाते हैं। कैफीन, मिर्च और तला भोजन इस समय आंत को और उकसा सकते हैं। दस्त से पानी और इलेक्ट्रोलाइट घटते हैं। ओआरएस, नारियल पानी और बार-बार थोड़ा पानी पीना व्यावहारिक कदम है। दूध या बहुत मीठा जूस कई लोगों में पेट और खराब करता है। एक-दो दिन का हल्का बदलाव आमतौर पर चक्र के साथ शांत होता है।

कब्ज प्रोजेस्टेरोन से कैसे जुड़ती है?

पीएमएस और पीरियड्स के आसपास प्रोजेस्टेरोन का स्तर कुछ महिलाओं में आंत की गति धीमी कर सकता है। गति धीमी हुई तो मल सूखता है और कब्ज होती है। रक्तस्राव शुरू होने के आसपास प्रोजेस्टेरोन गिरता है, इसलिए हर महिला में असर एक समान नहीं होता। कुछ को पीरियड्स से पहले कब्ज होती है और रक्तस्राव शुरू होते ही पेट हल्का पड़ जाता है। कुछ को पूरा चक्र भारी रहता है।

कम पानी, कम फाइबर और पूरे दिन बैठे रहना इस हार्मोन प्रभाव को बढ़ा सकते हैं। फल, सब्जी, दाल और साबुत अनाज कब्ज में मदद करते हैं, बशर्ते पानी साथ में बढ़े। अचानक बहुत ज्यादा चोकर बिना पानी के पेट फूलता है। पैदल चलना आंत की गति को सहारा देता है। जुलाब की आदत डॉक्टर से पूछे बिना न डालें।

एक ही महीने में दोनों समस्याएं क्यों हो सकती हैं?

किसी महीने कब्ज, किसी महीने लूज मोशन, और कभी पीरियड्स से पहले कब्ज तथा शुरू होने के बाद दस्त, यह क्रम डॉ. खोखर के विवरण में आता है। कारण हर बार केवल हार्मोन नहीं होता। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम हो तो पीरियड्स के दौरान दस्त, कब्ज, दर्द और ब्लोटिंग तीनों बढ़ सकते हैं। संक्रमण, बाहर का खाना या दवा भी लक्षण बदल सकती है।

पैटर्न नोट करने से फर्क समझ आता है। तारीख, खाना और शौच की आदत तीन दिन पहले से लिखें। हर चक्र में खून के साथ तेज दर्द, वजन घटना या रात को जगाने वाला दस्त हो तो सामान्य हार्मोन बदलाव न मानकर जांच करवाएं। आईबीएस और एंडोमेट्रियोसिस दोनों में पेट के लक्षण पीरियड्स पर तेज हो सकते हैं। खुद का निदान न करें।

पाचन की तकलीफ में रोज कौन से उपाय मदद करते हैं?

पूरी तरह छुटकारा मुश्किल है, लेकिन बोझ घटाया जा सकता है। दस्त में हाइड्रेशन सबसे पहले है। दिन भर पानी, ओआरएस या नारियल पानी लें। कब्ज में फल, सब्जी, साबुत अनाज और दाल का संतुलित फाइबर काम आता है। पैदल चलना और हल्की गतिविधि आंत को गति देती है। बहुत तला-भुना खाना, अतिरिक्त कैफीन और प्रोसेस्ड फूड इन दिनों पेट बिगाड़ते हैं।

तेल, मिर्च और फैटी फूड लूज मोशन में दूर रखें। ऊर्जा के लिए हल्का, पचने वाला भोजन बेहतर रहता है। थकान में आयरन, प्रोटीन, मैग्नीशियम और पानी की जरूरत बढ़ती है। हरी सब्जी, दाल, दही यदि सहन हो, ड्राई फ्रूट और सीड्स सामान्य भोजन में जोड़े जा सकते हैं। गर्म पानी ऐंठन में आराम दे सकता है, लेकिन यह दस्त का इलाज नहीं है। दर्द निवारक प्रोस्टाग्लैंडिन घटाते हैं, इसलिए कुछ महिलाओं में ऐंठन के साथ दस्त भी हल्के पड़ते हैं। दवा डॉक्टर की सलाह से ही लें।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

एक चक्र का हल्का कब्ज या एक दिन का लूज मोशन अक्सर अपने आप संभलता है। तीन दिन से ज्यादा दस्त, चक्कर, बहुत कम पेशाब, मल में खून, तेज बुखार या ऐसा दर्द जो रोज के काम रुकवा दे, ये सामान्य पीएमएस की सीमा के बाहर हैं। गर्भावस्था की संभावना हो तो दस्त की दवा खुद न शुरू करें। आईबीएस का पुराना इतिहास हो तो पीरियड कैलेंडर गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट को दिखाएं।

Read More Here:- 

NABARD Recruitment 2026: 9 अक्टूबर से आवेदन शुरू, 26 अक्टूबर आखिरी तारीख; जानें किन पदों पर मिल सकता है मौका?

By Election Results 2026: उपचुनाव नतीजों में BJP का बंगाल में क्लीन स्वीप! तमिलनाडु में TVK की जीत, नगांव में भी बड़ी बढ़त

Kal Ka Mausam 10 October 2026: 23 राज्यों में बारिश-आंधी का पूर्वानुमान, कई जगह 70 किमी प्रति घंटे तक हवा की चेतावनी
Jharkhand Crime News: झारखंड में आदिवासी महिला से कथित मारपीट का मामला गरमाया, CM ने दिए तत्काल कार्रवाई के आदेश

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

वोटिंग जानकारी लोड हो रही है...
Sanjna Gupta
Sanjna Guptahttp://newsmediakiran.com
Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles