Odisha News: बरगढ़, 14 अक्टूबर 2026: ओडिशा की विश्व प्रसिद्ध बरगढ़ धनु यात्रा 2027 की तारीखों की घोषणा कर दी गई है। यह 11 दिवसीय महोत्सव 12 जनवरी से 22 जनवरी 2027 तक आयोजित होगा। तैयारी बैठक में सर्वसम्मति से ये तारीखें तय की गईं।
बरगढ़ धनु यात्रा 2027 की तारीखें क्या हैं?
विश्व प्रसिद्ध बरगढ़ धनु यात्रा 2027 का आयोजन 12 जनवरी से 22 जनवरी 2027 तक किया जाएगा। यह 11 दिनों तक चलेगा। तैयारी बैठक में सर्वसम्मति से ये तारीखें तय की गईं।
बरगढ़ कलेक्टर आदित्य गोयल ने बैठक के बाद आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा की। यह उत्सव का 79वां संस्करण होने वाला है। बैठक में आयोजन की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
तारीखों की घोषणा से अब गिनती शुरू हो गई है और स्थानीय स्तर पर तैयारियों की गति तेज होने की उम्मीद है।
कंस की भूमिका को लेकर क्या विवाद है?
बैठक में कंस की भूमिका निभाने वाले कलाकार को लेकर चर्चा हुई। कुछ लोगों ने वर्तमान कलाकार पर आपत्ति जताई है और बदलाव की मांग की है, जबकि कुछ लोग उन्हें ही जारी रखने के पक्ष में हैं।
कलेक्टर आदित्य गोयल के अनुसार, यह मामला अब आर्टिस्ट सेलेक्शन कमिटी को सौंप दिया गया है। कमिटी अगले 15 दिनों में जनता से फीडबैक लेगी और उसके आधार पर फैसला करेगी।
कमिटी प्राप्त राय पर विचार कर आगे की कार्रवाई तय करेगी। यह कदम पारदर्शी चयन प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
धनु यात्रा के दौरान बरगढ़ कैसे बदल जाता है?
11 दिनों तक बरगढ़ एक विशाल ओपन-एयर स्टेज में बदल जाता है। पूरा शहर पौराणिक मथुरा और राजा कंस के दरबार के रूप में सजाया जाता है। अंबापाली को गोपापुर के रूप में बदला जाता है, जहां भगवान कृष्ण के बचपन की घटनाओं को जीवंत किया जाता है।
धनु यात्रा अपनी अनोखी कहानी कहने की शैली के लिए जानी जाती है। यहां आम सड़कें और सार्वजनिक स्थान पौराणिक घटनाओं के मंच बन जाते हैं। दर्शक कहानी को अपने आसपास घटित होते हुए अनुभव करते हैं।
यह शैली इसे अन्य उत्सवों से अलग बनाती है और हजारों पर्यटकों को आकर्षित करती है।
यह उत्सव क्यों विश्व प्रसिद्ध है?
बरगढ़ धनु यात्रा दुनिया के सबसे बड़े ओपन-एयर थिएटर उत्सवों में से एक मानी जाती है। इसमें पूरे शहर को मंच बनाकर कृष्ण लीला और कंस वध की कहानी पेश की जाती है। कोई फिक्स्ड स्टेज नहीं होता, बल्कि सड़कें, बाजार और सार्वजनिक जगहें ही कहानी का हिस्सा बन जाती हैं।
हर साल हजारों लोग इसे देखने आते हैं। यह ओडिशा की सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है और पर्यटन को बढ़ावा देता है। 79वें संस्करण की तैयारी से इसकी लोकप्रियता और बढ़ने की उम्मीद है।
स्थानीय कलाकार और समुदाय मिलकर इसे जीवंत बनाते हैं, जिससे यह उत्सव और भी खास हो जाता है।
तैयारियां कैसे चल रही हैं?
तारीखों की घोषणा के साथ ही तैयारियों की शुरुआत हो चुकी है। कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। कंस की भूमिका पर 15 दिनों में जनता की राय ली जाएगी, जिसके बाद अंतिम फैसला होगा।
अन्य तैयारियों में मंच व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और पर्यटक सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा। प्रशासन और स्थानीय संगठनों का सहयोग इस उत्सव को सफल बनाने में महत्वपूर्ण होता है।
कुल मिलाकर, बरगढ़ धनु यात्रा 2027 का आयोजन 12 से 22 जनवरी तक होगा। कंस की भूमिका पर जनता की राय के आधार पर फैसला लिया जाएगा। यह उत्सव एक बार फिर पूरे शहर को पौराणिक मथुरा में बदल देगा और हजारों दर्शकों को आकर्षित करेगा।
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