Vaishali Boat Accident: बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर क्षेत्र में मंगलवार रात गंगा नदी में एक नाव पलटने से 13 मासूम बच्चों की जान चली गई। हादसे में 6 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इनमें 4 बच्चे और 2 वयस्क शामिल हैं। बचाए गए सभी घायलों का इलाज पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NMCH) में चल रहा है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में मातम का माहौल बना दिया है। कई परिवारों ने अपने बच्चों को हमेशा के लिए खो दिया है।
Vaishali Boat Accident: हादसे में कितने लोग मारे गए और कितने बचाए गए?
वैशाली जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने जानकारी दी कि हादसे में 13 बच्चों के शव बरामद किए गए हैं। सभी मृतक 15 साल से कम उम्र के थे। 6 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिनमें 4 बच्चे शामिल हैं। सभी घायलों को NMCH में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया था। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और स्थानीय गोताखोरों की टीमें घटनास्थल पर तैनात रहीं।
आज रामपुर श्यामनंद पंचायत समेत आसपास के गांवों में 13 मासूमों के शव अंतिम संस्कार के लिए एक साथ उठाए गए। पूरे इलाके में शोक की लहर है। कई परिवारों ने अपने कई बच्चों को एक साथ खो दिया है, जिससे दर्द और भी गहरा हो गया है।
नेताओं ने क्या प्रतिक्रिया दी और कौन-कौन पहुंचे?
#WATCH पटना: बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा, “मैं दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। मैंने DM से बात हुई है। 13 लोगों की मृत्यु हुई है और 6 को NMCH में लाया गया है। यहां 3 बच्चे भर्ती हैं जिनका इलाज चल रहा है। जांच के आदेश दिए गए हैं।” https://t.co/gmx9tzC4HM
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 14, 2026
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता घोषित की गई है। बिहार सरकार की ओर से भी मुआवजे की घोषणा की गई है।
केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद चिराग पासवान दिल्ली से पटना पहुंचे और सीधे NMCH गए। वहां उन्होंने घायल बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद वे राघोपुर के रामपुर श्यामनंद पंचायत पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मिले। चिराग पासवान ने कहा कि वे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से पूरी जानकारी साझा करेंगे। लापरवाही बरतने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने नावों की सुरक्षा, क्षमता और सुरक्षा उपकरणों की जांच के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी NMCH पहुंचे। उन्होंने घायल बच्चों से मुलाकात की और चिकित्सकों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। नेता प्रतिपक्ष और राघोपुर के विधायक तेजस्वी यादव शाम तक इलाके पहुंचने वाले हैं। स्थानीय लोगों में उनके देर से आने को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव समेत कई अन्य नेता भी इलाका दौरे पर आने वाले हैं।
प्रशासन ने जिम्मेदारी किसकी बताई और क्या कार्रवाई होगी?
वैशाली डीएम वर्षा सिंह ने स्पष्ट कहा कि इलाके में नाव चलाना प्रतिबंधित है, चाहे निजी हो या सरकारी। फिर भी हादसा हुआ है तो नाव के मालिक और उसे चलाने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी। प्रारंभिक तौर पर सर्किल ऑफिसर और थाना प्रभारी की जिम्मेदारी तय की गई है। डीएम ने बताया कि यह नाव पहले भी चलती रही है। जो भी अधिकारी या व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एक भावुक वीडियो भी सामने आया है जिसमें एक पीड़ित मां डीएम वर्षा सिंह के गले लगकर रो पड़ीं। माहौल इतना भावुक हो गया कि डीएम भी अपनी आंखों में आंसू नहीं रोक पाईं। प्रशासन ने कहा है कि बचाव और राहत कार्य जारी हैं। लापता लोगों की तलाश भी की जा रही है।
हादसे के पीछे क्या कारण बताए जा रहे हैं?
स्थानीय लोगों और शुरुआती जांच के अनुसार नाव पुरानी और जर्जर थी। इसमें छेद या दरार होने की बात सामने आई है। बच्चों की संख्या ज्यादा होने से ओवरलोडिंग की आशंका भी जताई जा रही है। गांवों के बीच आने-जाने का मुख्य जरिया नाव ही है, लेकिन सुरक्षित नाव उपलब्ध कराने और रात के समय आवाजाही पर नियंत्रण की कमी ने इस हादसे को जन्म दिया।
भाजपा प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि मासूम बच्चों की मौत अत्यंत दुखद है। लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जाएगी। विपक्षी नेताओं ने भी प्रशासन और सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। चिराग पासवान ने साफ कहा कि किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।
यह हादसा सिर्फ एक नाव के पलटने की घटना नहीं है। यह उन बुनियादी व्यवस्थाओं की कमी को भी उजागर करता है जो ग्रामीण इलाकों में रोजाना आवाजाही के लिए जरूरी हैं। सुरक्षित परिवहन, नियमित जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता से ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सकता है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया तेज की जा रही है।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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