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Odisha News: कालाहांडी के किसानों को मिले 338 इलेक्ट्रिक स्प्रेयर, जानें वेदांता की योजना से क्या बदलेगा?

Odisha News: ओडिशा के कालाहांडी जिले में वेदांता एल्युमीनियम ने किसानों को आधुनिक खेती के उपकरण उपलब्ध कराए हैं। कंपनी ने अपनी सीएसआर पहल ‘प्रोजेक्ट संगम’ के तहत जिले के 33 गांवों में 338 इलेक्ट्रिक स्प्रेयर वितरित किए हैं। इस कदम का मकसद कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देना और किसानों का समय तथा मेहनत बचाना है।

एक्शन फॉर फूड प्रोडक्शन (एएफपीआरओ) के सहयोग से शुरू की गई इस पहल से खेती को आसान और अधिक उत्पादक बनाने की कोशिश की जा रही है। इलेक्ट्रिक स्प्रेयर मिलने से कीटनाशकों के छिड़काव में लगने वाला समय और शारीरिक श्रम कम होगा।

वेदांता ने कितने स्प्रेयर बांटे और कहां?

वेदांता एल्युमीनियम ने कालाहांडी जिले के 33 गांवों में किसानों के बीच 338 इलेक्ट्रिक स्प्रेयर वितरित किए हैं। ये स्प्रेयर ‘प्रोजेक्ट संगम’ के तहत दिए गए हैं। कंपनी का कहना है कि आधुनिक कृषि उपकरणों के जरिए खेती को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। वितरण से किसानों को पारंपरिक तरीकों की जगह बैटरी से चलने वाले स्प्रेयर का इस्तेमाल करने का मौका मिला है।

इलेक्ट्रिक स्प्रेयर से किसानों को क्या फायदा होगा?

पारंपरिक हाथ से चलने वाले स्प्रेयर से एक एकड़ खेत में छिड़काव करने में चार से छह घंटे लगते थे। इलेक्ट्रिक स्प्रेयर की मदद से यही काम दो से तीन घंटे में पूरा हो सकता है। इससे छिड़काव में लगने वाला समय लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक कम होगा। बैटरी से चलने वाले इन स्प्रेयर में मैनुअल बैकअप की सुविधा भी है। स्टेडी-प्रेशर तकनीक से फसलों पर समान रूप से छिड़काव हो सकता है। इससे पानी और कीटनाशकों की बर्बादी कम होने के साथ फसलों की सुरक्षा भी बेहतर हो सकती है।

प्रोजेक्ट संगम क्या है और कितने लोगों को लाभ मिला?

प्रोजेक्ट संगम वेदांता की सीएसआर पहल है जिसका मकसद टिकाऊ ग्रामीण विकास और किसानों की आजीविका मजबूत करना है। कंपनी के अनुसार यह प्रोजेक्ट अब तक 41 गांवों के 9,000 से अधिक लोगों को लाभ पहुंचा चुका है। इसके तहत 1,700 एकड़ भूमि में सिंचाई की सुविधा विकसित की गई है। जल सुरक्षा, जलवायु अनुकूल खेती, महिला उद्यमिता और टिकाऊ ग्रामीण आजीविका को भी प्रोत्साहित किया गया है।

किसानों की मेहनत कैसे कम होगी?

इलेक्ट्रिक स्प्रेयर से किसानों को शारीरिक श्रम कम करना पड़ेगा। पारंपरिक स्प्रेयर में लगातार हाथ से पंप करना पड़ता था जिससे थकान होती थी। नए स्प्रेयर बैटरी से चलते हैं और समान दबाव में छिड़काव करते हैं। अनाज, सब्जियों और फलदार पौधों सहित विभिन्न फसलों में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे किसानों का समय बचेगा और वे अन्य कामों पर ध्यान दे सकेंगे।

कंपनी का क्या कहना है?

वेदांता एल्युमीनियम के एलुमिना कारोबार के सीईओ प्रणब कुमार भट्टाचार्य ने कहा कि कंपनी आधुनिक कृषि उपकरणों के माध्यम से किसानों की उत्पादकता बढ़ाने, संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने और उनकी मेहनत कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रोजेक्ट संगम के जरिए खेती को आसान और अधिक उत्पादक बनाने की कोशिश जारी है। कंपनी का दावा है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ आजीविका को बढ़ावा मिलेगा।

कालाहांडी में वेदांता ने प्रोजेक्ट संगम के तहत 33 गांवों में 338 इलेक्ट्रिक स्प्रेयर बांटे हैं। इससे छिड़काव का समय 40 से 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है। प्रोजेक्ट अब तक 41 गांवों के 9,000 से अधिक लोगों को लाभ पहुंचा चुका है। किसानों को आधुनिक खेती के उपकरण मिलने से मेहनत और समय दोनों बचने की उम्मीद है।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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