UP MLC Election Result: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए आज यानी 27 अक्टूबर 2026 को मतगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ये चुनाव 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए हुए थे। मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चला था। इस बार कुल 14 लाख 81 हजार से ज्यादा मतदाता थे और कुल मतदान प्रतिशत 55.24 रहा। सबसे ज्यादा मतदान गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 79 प्रतिशत से ऊपर दर्ज हुआ जबकि सबसे कम लखनऊ स्नातक क्षेत्र में करीब 38-39 प्रतिशत रहा। ये चुनाव इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह दोनों प्रमुख दलों भाजपा और समाजवादी पार्टी के लिए अपनी ताकत आजमाने का मौका है।
विधान परिषद के ये चुनाव आम मतदाताओं के लिए नहीं होते। इनमें सिर्फ रजिस्टर्ड ग्रेजुएट्स और टीचर्स ही वोट डाल सकते हैं। इसलिए इन्हें शिक्षित और पेशेवर वर्ग की राय का सूचक भी माना जाता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू हुई है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। नतीजे देर शाम तक आने की उम्मीद है क्योंकि मतगणना की गति और राउंड्स पूरे होने में समय लग सकता है।
UP MLC Election Result: मतगणना केंद्र और सुरक्षा व्यवस्था
मतगणना के लिए प्रदेश के सात शहरों में केंद्र बनाए गए हैं। लखनऊ में रमाबाई रैली स्थल पर दो अलग-अलग हॉल में स्नातक और शिक्षक सीटों की गिनती हो रही है। वाराणसी में स्टेट वेयरहाउस कॉर्पोरेशन, आगरा में नवीन कृषि उत्पादन मंडी समिति, मेरठ में सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय, झांसी में बुंदेलखंड डिग्री कॉलेज, बरेली में संजय कम्युनिटी हॉल और गोरखपुर में दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय परिसर में केंद्र बनाए गए हैं। हर केंद्र पर रिटर्निंग ऑफिसर की देखरेख में काम हो रहा है और चुनाव पर्यवेक्षक भी मौजूद हैं।
सुरक्षा के इंतजाम कड़े किए गए हैं। परिसर के बाहर और अंदर CCTV कैमरे लगे हैं। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग हो रही है। हर टेबल पर प्रत्याशियों के एजेंट मौजूद रह सकते हैं। लखनऊ में दोनों सीटों के लिए 14-14 टेबल लगाई गई हैं और हर टेबल पर चार कर्मचारी काम कर रहे हैं। सुबह मतपेटियों से मतपत्र निकालकर उनकी गड्डियां बनाई जाती हैं फिर गिनती शुरू होती है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी अव्यवस्था न हो और मतगणना शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो। मीडिया के लिए अलग सेंटर बनाया गया है ताकि सूचनाएं सही समय पर मिल सकें।
लखनऊ स्नातक सीट पर 16 और शिक्षक सीट पर 13 प्रत्याशी मैदान में हैं। कुल मिलाकर सभी 11 सीटों पर 152 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई है। इनमें भाजपा, समाजवादी पार्टी के साथ कई निर्दलीय प्रत्याशी भी शामिल हैं।
प्रमुख मुकाबले और उम्मीदवार
मुख्य मुकाबला भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच है। लखनऊ स्नातक सीट पर भाजपा के अवनीश कुमार सिंह का मुकाबला सपा की कांति सिंह से है। लखनऊ शिक्षक सीट पर भाजपा के उमेश द्विवेदी और सपा के सुशील कुमार आमने-सामने हैं। वाराणसी स्नातक में भाजपा के केदार नाथ सिंह और सपा के अशुतोष सिन्हा के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। आगरा स्नातक सीट पर भाजपा के मनवेंद्र प्रताप सिंह और सपा के आकाश अग्रवाल हैं। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी और सपा के डॉ. संजयन त्रिपाठी के बीच दिलचस्प मुकाबला है क्योंकि संजयन त्रिपाठी पहले भाजपा से जुड़े रहे हैं।
अन्य सीटों पर भी भाजपा ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं जैसे मेरठ स्नातक में दिनेश गोयल, इलाहाबाद-झांसी स्नातक में अशोक कुमार राठौर, वाराणसी शिक्षक में डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा शिक्षक में हरि किशोर तिवारी और बरेली-मुरादाबाद शिक्षक में हरि सिंह ढिल्लों। सपा ने भी सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। कांग्रेस ने इस बार चुनाव लड़ने से किनारा कर लिया है और अपना ध्यान 2027 के विधानसभा चुनाव पर केंद्रित रखा है।
अभी इन 11 सीटों में से 6 पर भाजपा का कब्जा है, 3 पर समाजवादी पार्टी का और दो पर निर्दलीय या अन्य संगठनों का। नतीजों के बाद विधान परिषद में दोनों दलों की स्थिति और साफ होगी। भाजपा पहले से ही विधान परिषद में मजबूत स्थिति में है लेकिन ये चुनाव उसके संगठनात्मक ताकत का टेस्ट भी है। वहीं सपा इन सीटों पर अच्छा प्रदर्शन करके अपना विरोध पक्ष मजबूत करना चाहती है।
मतदान के दौरान की स्थिति और महत्व
मतदान के दिन कुछ जगहों पर छोटे-मोटे विवाद और झड़पों की खबरें आई थीं। करीब 32 जगहों पर भाजपा और सपा समर्थकों के बीच टकराव की घटनाएं हुईं। कुछ जगहों पर वोटर लिस्ट में नाम न होने या अन्य अनियमितताओं के आरोप लगे। आगरा में कुछ बूथों पर अनियमितता की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने छह अधिकारियों को सस्पेंड भी किया था। बावजूद इसके कुल मतदान शांतिपूर्ण रहा और कोई बड़ी घटना नहीं हुई।
ये चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल की तरह देखे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा प्रमुख अखिलेश यादव दोनों ही इन नतीजों को अपनी राजनीतिक ताकत का संकेत मान रहे हैं। स्नातक और शिक्षक वर्ग में किस दल का कितना प्रभाव है यह इन नतीजों से पता चलेगा। गोरखपुर-फैजाबाद जैसी सीट पर ज्यादा मतदान होना इस बात का संकेत है कि टीचर वर्ग ज्यादा सक्रिय रहा।
मतगणना की गति पर निर्भर करता है कि नतीजे कितने बजे तक आएंगे। कुछ केंद्रों पर राउंड ज्यादा होने की वजह से समय लग सकता है। सभी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को अंतिम नतीजों का इंतजार करना होगा। चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि नतीजे तभी घोषित किए जाएंगे जब पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाए और कोई विवाद न रहे।
आगे क्या हो सकता है?
नतीजे आने के बाद दोनों दल अपनी-अपनी व्याख्या करेंगे। अगर भाजपा ज्यादा सीटें जीतती है तो वह इसे अपनी संगठनात्मक मजबूती का सबूत बताएगी। अगर सपा बेहतर प्रदर्शन करती है तो वह इसे 2027 के लिए अच्छा संकेत मानेगी। निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रदर्शन भी कई सीटों पर असर डाल सकता है। कुल मिलाकर ये नतीजे उत्तर प्रदेश की राजनीति में आने वाले महीनों के लिए दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं।
अभी मतगणना जारी है और आधिकारिक नतीजे आने में कुछ घंटे लग सकते हैं। शाम तक साफ तस्वीर उभरने की उम्मीद है। सभी की नजरें इन 11 सीटों के नतीजों पर टिकी हुई हैं।
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