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Odisha News: चक्रवात ‘अर्णब’ का असर तेज, वंशधारा उफान पर; गजपति के गांवों में बाढ़ का खतरा

Odisha News: ओडिशा के गजपति जिले में चक्रवात अर्णब के प्रभाव से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़कें बहने और पेड़ उखड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं। जिले की प्रमुख नदियों वंशधारा और महेंद्रतनया का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वंशधारा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। इसके मद्देनजर आंध्र प्रदेश के गोटा बैराज में सायरन बजाकर बाढ़ की पहली चेतावनी जारी की गई है।

नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। चक्रवात अर्णब के कारण पूरे इलाके में भारी बारिश जारी है जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और लोगों को सावधान रहने की अपील कर रहा है।

वंशधारा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही

वंशधारा नदी में पानी का प्रवाह बढ़ने के कारण आंध्र प्रदेश के गोटा बैराज में बाढ़ की पहली चेतावनी जारी की गई है। बैराज के सभी 22 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। गुरुवार सुबह सात बजे तक बैराज में प्रति सेकंड 56,272 घनफुट पानी पहुंच रहा था और इतनी ही मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा था। बैराज का पूर्ण जलधारण स्तर 38.10 मीटर है, जबकि सुबह सात बजे जलस्तर 35.20 मीटर दर्ज किया गया।

गजपति जिले के काशीनगर में गुरुवार सुबह सात बजे वंशधारा नदी का जलस्तर 55.58 मीटर दर्ज किया गया। यहां नदी का चेतावनी स्तर 54.10 मीटर और खतरे का निशान 54.60 मीटर है। इस प्रकार नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 0.98 मीटर ऊपर बह रहा है। जलस्तर में कुछ गिरावट के संकेत मिले हैं, लेकिन पानी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

महेंद्रतनया नदी और गांवों में बाढ़

लगातार बारिश से महेंद्रतनया नदी में भी पानी का प्रवाह बढ़ गया है। गोसाणी और रायगढ़ ब्लाक के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। कुछ इलाकों में लोगों के फंसे होने के कारण आवागमन और रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। निचले इलाकों में जलभराव के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। लगातार बारिश से स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।

गजपति जिले के गोसाणी और रायगढ़ ब्लाक के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन बाढ़ प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचा रहा है और स्थिति पर नजर रखे हुए है।

भारी बारिश के आंकड़े और पहाड़ी इलाकों में खतरा

जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (डीईओसी) की ओर से जारी गुरुवार की रिपोर्ट के अनुसार, गजपति जिले के आठ वर्षामापी केंद्रों पर कुल 1,357.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले में औसत वर्षा 169.65 मिमी रही। प्रखंडवार बारिश के आंकड़ों के अनुसार, मोहना में सर्वाधिक 307.6 मिमी वर्षा हुई। इसके अलावा रायगढ़ में 224 मिमी, आर. उदयगिरि में 175.1 मिमी, नुआगड़ में 163.6 मिमी, गोसाणी में 151 मिमी, गुम्मा में 150 मिमी, पारलाखेमुंडी में 106.4 मिमी और काशीनगर में 79.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।

लगातार बारिश से जिले के पहाड़ी इलाकों में मिट्टी खिसकने, सड़कें क्षतिग्रस्त होने और पेड़ उखड़ने की घटनाएं हो रही हैं। इससे यातायात प्रभावित हो रहा है। नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भूस्खलन का खतरा बना हुआ है और कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

प्रशासन की सलाह और स्थिति पर नजर

प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को नदी के पास नहीं जाने, पानी से भरी सड़कों को पार करने से बचने और जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है। चक्रवात के प्रभाव और लगातार बारिश के बीच जिले की बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।

चक्रवात अर्णब के प्रभाव से गजपति जिले में स्थिति गंभीर बनी हुई है। भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासन राहत कार्य कर रहा है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

चक्रवात अर्णब का बढ़ा खतरा

चक्रवात अर्णब से ओडिशा के गजपति जिले में तबाही मची हुई है। वंशधारा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। महेंद्रतनया नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। भारी बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और लोगों को सावधान रहने की सलाह दे रहा है।

नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है। चक्रवात के प्रभाव से स्थिति गंभीर है और प्रशासन राहत कार्य में लगा हुआ है। सभी लोगों से अपील है कि वे चेतावनियों का पालन करें और सुरक्षित रहें।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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