Gen Z Skincare Mistakes: सोशल मीडिया पर ग्लास स्किन और ग्लोइंग स्किन पाने के ट्रेंड तेजी से बढ़ रहे हैं। जेन जी इन ट्रेंड्स को फॉलो करने के लिए नए-नए प्रोडक्ट्स और सीरम ट्राई करती है। लेकिन हर वायरल प्रोडक्ट आपकी स्किन के लिए सही हो, ये जरूरी नहीं। कई बार बेहतर स्किन पाने की कोशिश में की गई छोटी गलतियां पिंपल्स, जलन और रूखेपन की वजह बन जाती हैं।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी (AAD) के अनुसार बार-बार नए एकने ट्रीटमेंट आजमाना, चेहरे को ज्यादा धोना और स्किन को जोर से रगड़ना जैसी आदतें पिंपल्स बढ़ा सकती हैं। महंगे प्रोडक्ट्स खरीदने से ज्यादा जरूरी है अपनी स्किन की जरूरत समझना। यहां पांच ऐसी गलतियां हैं जिनसे बचना चाहिए।
हर वायरल स्किन केयर ट्रेंड को फॉलो करना क्यों गलत है?
सोशल मीडिया पर किसी इन्फ्लुएंसर की ग्लोइंग स्किन देखकर वैसा ही रूटीन अपनाना आसान लगता है। लेकिन हर व्यक्ति की स्किन अलग होती है। किसी की स्किन पर काम करने वाला प्रोडक्ट जरूरी नहीं कि आपकी स्किन को भी सूट करे। बिना जानकारी के कई तरह के सीरम, एसिड और एक्सफोलिएटर इस्तेमाल करने से स्किन में जलन और रूखापन हो सकता है।
AAD के विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले स्किन केयर को आंख बंद करके फॉलो नहीं करना चाहिए। अपनी स्किन टाइप समझें। ऑयली, ड्राई या कॉम्बिनेशन स्किन के हिसाब से प्रोडक्ट्स चुनें। किसी और का रूटीन कॉपी करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।
बार-बार फेस वॉश करने से क्या नुकसान होता है?
ऑयली स्किन से परेशान होकर कई लोग दिन में कई बार चेहरा धोते हैं। उन्हें लगता है कि इससे तेल और मुंहासे कम हो जाएंगे। लेकिन जरूरत से ज्यादा चेहरा धोने और स्किन को रगड़ने से जलन बढ़ सकती है। स्किन का नेचुरल ऑयल बैलेंस बिगड़ जाता है और वह और ज्यादा ऑयल पैदा करने लगती है।
AAD के मुताबिक आमतौर पर दिन में दो बार और पसीना आने के बाद चेहरे को हल्के क्लींजर से धोना बेहतर है। हार्श क्लींजर या स्क्रब से बचें। गर्म पानी की जगह गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। ज्यादा धोने से स्किन बैरियर कमजोर हो सकता है।
एक साथ कई सीरम और एक्टिव इंग्रीडिएंट्स लगाना कितना नुकसानदायक है?
स्किन केयर रूटीन में विटामिन C, रेटिनॉल और एक्सफोलिएटिंग एसिड जैसे इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इन सभी को एक साथ या जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करना स्किन के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। इससे जलन, रेडनेस, रूखापन और स्किन के छिलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
AAD के अनुसार एक्सफोलिएशन का तरीका और उसकी फ्रीक्वेंसी आपकी स्किन के प्रकार और पहले से इस्तेमाल हो रहे प्रोडक्ट्स पर निर्भर करती है। एक साथ कई एक्टिव इंग्रीडिएंट्स इस्तेमाल करने के बजाय अपनी स्किन की जरूरत के हिसाब से रूटीन बनाएं। नए प्रोडक्ट को धीरे-धीरे शामिल करें और रिएक्शन देखें।
पिंपल्स को बार-बार छूना या फोड़ना क्यों नहीं चाहिए?
चेहरे पर पिंपल निकलते ही उसे दबाकर निकालने का मन करता है। लेकिन ऐसा करने से सूजन बढ़ सकती है और स्किन पर दाग या निशान पड़ने का खतरा रहता है। AAD के अनुसार पिंपल्स को दबाने से उन्हें ठीक होने में ज्यादा समय लग सकता है और स्किन पर गहरे निशान भी पड़ सकते हैं।
बार-बार चेहरे को छूने से बैक्टीरिया फैलते हैं। हाथ साफ रखें और पिंपल्स को फोड़ने से बचें। अगर मुंहासे लगातार हो रहे हैं या दर्दनाक हैं तो खुद से नए प्रोडक्ट्स आजमाने के बजाय स्किन स्पेशलिस्ट से सलाह लें। सही ट्रीटमेंट से जल्दी राहत मिल सकती है।
सनस्क्रीन को नजरअंदाज करना कितना नुकसानदायक है?
कई लोग सोचते हैं कि सनस्क्रीन सिर्फ गर्मियों में या धूप में बाहर निकलने पर लगाने की जरूरत होती है। लेकिन दिन में बाहर रहने के दौरान स्किन को अल्ट्रावायलेट किरणों से नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए स्किन केयर रूटीन में सनस्क्रीन को शामिल करना जरूरी है।
AAD के मुताबिक दिन में बाहर जाने पर SPF 30 या उससे ज्यादा वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन इस्तेमाल करना चाहिए। इसे स्किन केयर के बाकी प्रोडक्ट्स के बाद और मेकअप से पहले लगाएं। बाहर रहने पर जरूरत के अनुसार दोबारा लगाना भी जरूरी है। घर के अंदर भी अगर खिड़की के पास ज्यादा समय बिताते हैं तो सनस्क्रीन लगाएं।
अच्छी स्किन पाने के लिए ढेर सारे प्रोडक्ट्स या लंबा स्किन केयर रूटीन जरूरी नहीं है। अपनी स्किन के हिसाब से सही क्लींजर, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन चुनें। अगर किसी प्रोडक्ट से लगातार जलन, खुजली या मुंहासे बढ़ रहे हैं तो उसका इस्तेमाल रोककर स्किन स्पेशलिस्ट से सलाह लें। सोशल मीडिया ट्रेंड्स को आंख बंद करके फॉलो करने के बजाय अपनी स्किन की जरूरत समझें। सादा और नियमित रूटीन ज्यादा फायदेमंद होता है।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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