Bihar News: बिहार के भागलपुर में अदाणी ग्रुप बनाएगा 2400 मेगावाट का बिजली घर, कैबिनेट ने दी मंजूरी
अदाणी ग्रुप का 2400 MW थर्मल पावर प्लांट भागलपुर में, 25,000 करोड़ निवेश, हजारों रोजगार, बिहार में समृद्धि

Bihar News: बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती में अदाणी ग्रुप एक विशाल बिजली घर स्थापित करने जा रहा है। इस परियोजना को बिहार सरकार की कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। यह बिजली घर 2400 मेगावाट की बिजली पैदा करेगा और इसे बिहार का अब तक का सबसे बड़ा निजी निवेश माना जा रहा है। इस परियोजना से न केवल बिहार में बिजली की कमी दूर होगी, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
25,000 करोड़ रुपये की पूंजी निवेश,
अदाणी पावर लिमिटेड ने पीरपैंती में 25,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ इस थर्मल पावर प्लांट को स्थापित करने की योजना बनाई है। यह परियोजना 1020 एकड़ जमीन पर फैली होगी और इसमें तीन यूनिट होंगी, जिनमें प्रत्येक यूनिट 800 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगी। इस बिजली घर से अगले 30 साल तक बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। परियोजना का काम शुरू होने के बाद पांच साल में बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा।
रोजगार के नए अवसर, बिहार में आएगी समृद्धि
इस मेगा प्रोजेक्ट से बिहार के स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। निर्माण के दौरान और इसके बाद हजारों नौकरियां सृजित होंगी, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, बिजली की उपलब्धता बढ़ने से उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे बिहार की अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी। यह परियोजना ग्रामीण इलाकों के निवासियों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी, क्योंकि यह बिजली की किल्लत को खत्म करेगी और उनके जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी।
बिहार के लिए क्यों खास है यह परियोजना?
यह बिजली घर बिहार के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। राज्य में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है, और यह प्रोजेक्ट उस मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही, यह परियोजना बिहार को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी। अदाणी ग्रुप का यह कदम बिहार में औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा और स्थानीय लोगों के लिए नई संभावनाएं खोलेगा।
कैबिनेट की मंजूरी से बढ़ा उत्साह
बिहार सरकार ने इस परियोजना को हरी झंडी दिखाकर निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। स्थानीय लोग और कारोबारी इस खबर से उत्साहित हैं। यह परियोजना न केवल बिहार की बिजली समस्या को हल करेगी, बल्कि इसे देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।