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Bihar News: लखीसराय प्रशासन का कांवरियों को तोहफा, टोल टैक्स और लाइसेंस से छूट

कांवरियों को राहत, सुल्तानगंज से देवघर तक आसान यात्रा, रेलवे और प्रशासन की विशेष तैयारियां।

Bihar News: बिहार के लखीसराय जिला प्रशासन ने श्रावणी मेला 2025 के लिए कांवरियों को बड़ी राहत दी है। प्रशासन ने ऐलान किया है कि इस बार कांवरियों को टोल टैक्स और प्रवेश शुल्क नहीं देना होगा। यह फैसला श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया गया है, ताकि वे आसानी से सुल्तानगंज से देवघर तक की यात्रा कर सकें और बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कर सकें।

कांवरियों के लिए मुफ्त सुविधा

लखीसराय प्रशासन ने विशेष आदेश जारी कर कहा है कि श्रावणी मेला के दौरान कांवरिया वाहनों से कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। साथ ही, कांवरियों को किसी भी तरह का प्रवेश शुल्क या लाइसेंस फीस नहीं देनी होगी। यह छूट 10 जुलाई से 11 अगस्त 2025 तक लागू रहेगी। इस फैसले से कांवरियों को आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी और उनकी यात्रा और आसान हो जाएगी।

Bihar News: श्रावणी मेला की तैयारियां जोरों पर

श्रावणी मेला 11 जुलाई 2025 से शुरू हो चुका है। सुल्तानगंज में गंगा नदी के तट पर लाखों कांवरिए गंगाजल लेने पहुंच रहे हैं। इसके बाद वे 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर देवघर में बाबा बैद्यनाथ के मंदिर में जल चढ़ाते हैं। लखीसराय प्रशासन ने मेले के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और शौचालय जैसी सुविधाओं की पूरी व्यवस्था की है। सड़कों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कांवरियों को कोई परेशानी न हो।

रेलवे ने भी दी सौगात

श्रावणी मेला के लिए रेलवे ने भी विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है। बढ़नी-देवघर, कटिहार-देवघर, और रांची-भागलपुर के बीच विशेष ट्रेनें चल रही हैं। ये ट्रेनें सुल्तानगंज, मुंगेर और भागलपुर जैसे स्टेशनों पर रुकती हैं, जिससे कांवरियों को यात्रा में आसानी हो। रेलवे ने सुरक्षा के लिए RPF जवानों को कांवरियों की वेशभूषा में तैनात किया है।

कांवरियों में गजब का उत्साह

लखीसराय प्रशासन के इस फैसले से कांवरियों में खासा उत्साह है। एक कांवरिया रामदेव यादव ने कहा, “टोल टैक्स और लाइसेंस फीस माफ होने से हमें बहुत राहत मिली है। अब हम बिना किसी चिंता के बाबा के दर्शन कर पाएंगे।” यह मेला न सिर्फ धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि बिहार और झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी बढ़ाता है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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