Bihar Vidhansabha Chunav: कांग्रेस को झटका, वरिष्ठ नेता अशोक कुमार राम ने ज्वाइन किया JDU
बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक कुमार राम ने JDU ज्वाइन किया, जानिए क्या है इसके मायने

Bihar Vidhansabha Chunav: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। रविवार, 3 अगस्त 2025 को बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकारी अध्यक्ष अशोक कुमार राम ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) ज्वाइन कर लिया। यह खबर बिहार की सियासत में हलचल मचा रही है, क्योंकि अशोक कुमार राम एक बड़े दलित नेता हैं और छह बार विधायक रह चुके हैं। उनके JDU में शामिल होने से कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है, जबकि नीतीश कुमार की पार्टी को दलित वोटरों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका मिला है।
Bihar Vidhansabha Chunav: अशोक कुमार राम का JDU में हुआ स्वागत
JDU के पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में अशोक कुमार राम का जोरदार स्वागत किया गया। JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर अशोक कुमार राम ने कहा, “मैं नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के विकास के लिए काम करना चाहता हूं। JDU एक ऐसी पार्टी है, जो सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखती है।” उनके इस कदम से JDU को दलित समुदाय के बीच और ताकत मिलने की उम्मीद है।
कांग्रेस के लिए क्यों है बड़ा नुकसान?
अशोक कुमार राम का कांग्रेस छोड़ना पार्टी के लिए बहुत बड़ा झटका है। वह न सिर्फ एक अनुभवी नेता हैं, बल्कि दलित समुदाय में उनकी खासी पहचान है। बिहार में दलित वोटरों की संख्या काफी है, और ऐसे में अशोक कुमार राम जैसे नेता का पार्टी छोड़ना कांग्रेस की चुनावी रणनीति को कमजोर कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, राम का कांग्रेस से मोहभंग होने की वजह पार्टी में आंतरिक कलह और नेतृत्व की कमी थी।
बिहार चुनाव 2025 पर क्या होगा असर?
बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले यह घटना सियासी समीकरण बदल सकती है। नीतीश कुमार की अगुवाई वाली JDU पहले से ही मजबूत स्थिति में है। अब अशोक कुमार राम के आने से पार्टी और ताकतवर हो सकती है। दूसरी ओर, कांग्रेस को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना पड़ सकता है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह कदम JDU को दलित वोटरों के बीच और लोकप्रिय बना सकता है, जिससे NDA को फायदा हो सकता है।