
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान कर्नाटक के एक विधानसभा क्षेत्र में फर्जी वोटिंग का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग के समक्ष गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया कि मतदाता सूची में भारी गड़बड़ियां हैं और इसके समर्थन में कुछ प्रमाण भी प्रस्तुत किए।
वोटर लिस्ट में ‘हाउस नंबर 0’ और ‘फर्जी पिता का नाम’?
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें ऐसी कई एंट्रीज़ मिली हैं जहां मतदाता सूची में “हाउस नंबर 0” जैसा पता दर्ज है, या मतदाताओं के पिता के नाम फर्जी हैं। उन्होंने इस डेटा को चुनाव आयोग की आधिकारिक सूची से लिया हुआ बताया।
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया: प्रमाण दो या बयान वापस लो
इन आरोपों के बाद, कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा है कि यदि उनके पास उपयुक्त प्रमाण हैं, तो वे शपथ पत्र (Declaration/Oath) के साथ उन्हें सौंपें। चुनाव आयोग ने साथ ही चेतावनी दी है कि यदि वे प्रमाण नहीं देते हैं तो उन्हें अपने बयान वापस लेने होंगे ताकि जनता को गुमराह न किया जाए।
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच मिलने का समय भी दिया है।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया: “मेरा वचन ही मेरी शपथ है”
चुनाव आयोग की मांग पर राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा,“मैं एक राजनेता हूं। मैं जो जनता से कहता हूं, वही मेरा वचन है। आप इसे शपथ के रूप में लीजिए।”
उन्होंने आगे कहा कि उनके द्वारा दिखाया गया डेटा चुनाव आयोग का ही है, और उन्होंने उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की है। राहुल गांधी ने यह भी जोड़ा कि चुनाव आयोग ने अब तक उनके दावों का खंडन नहीं किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि EC को खुद भी गड़बड़ियों की जानकारी है।
राजनीतिक हलकों में हलचल
राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष इसे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाला कदम बता रहा है, जबकि सत्ताधारी दल इसे राजनीतिक स्टंट कह रहा है।