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Home Minister Amit Shah accused the opposition of spreading confusion in society and engaging in vote bank politics: लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पारित: 12 घंटे की बहस के बाद 288-232 मतों से मिली मंजूरी

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नई दिल्ली: लोकसभा में गुरुवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पारित हो गया। विधेयक को 288 मतों के समर्थन और 232 मतों के विरोध के साथ मंजूरी दी गई। इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कराने के लिए सदन की बैठक रात करीब दो बजे तक चली। इसके साथ ही मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 को भी ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
विधेयक पर चर्चा के दौरान अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे मुस्लिम समुदाय के हित में बताया। हालांकि, विपक्ष ने वक्फ बोर्डों की स्वायत्तता को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए इसका कड़ा विरोध किया।
विपक्ष ने जताई आपत्ति, मत विभाजन की मांग
जब विधेयक पर विचार के लिए मत विभाजन हुआ, तो विपक्ष के 232 सांसदों ने विरोध में मतदान किया। साथ ही, वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने के प्रावधान के खिलाफ एन.के. प्रेमचंद्रन द्वारा प्रस्तुत संशोधन को भी सदन ने 231-288 मतों से खारिज कर दिया।
संसद में हुए हंगामे के दौरान एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक की प्रति फाड़ दी। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर समाज में भ्रम फैलाने और वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया।
सरकार का पक्ष: पारदर्शिता बढ़ेगी, मुस्लिम समाज को होगा लाभ
केंद्रीय मंत्री किरें रिजिजू ने तर्क दिया कि वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए यह विधेयक जरूरी है। उन्होंने कहा कि वक्फ के पास देश का तीसरा सबसे बड़ा लैंड बैंक है, लेकिन इसका सही उपयोग नहीं हो पा रहा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकारें मुस्लिम समाज के विकास के लिए कुछ नहीं कर पाईं। उन्होंने सच्चर कमेटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 2006 में 4.9 लाख वक्फ संपत्तियां थीं, जिनकी आय मात्र 163 करोड़ रुपये थी। 2013 में संशोधन के बावजूद यह आय केवल 166 करोड़ तक ही बढ़ सकी।
विपक्ष का आरोप: संविधान की भावना पर हमला
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इस विधेयक को संविधान की मूल भावना पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि सरकार वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रही है, जिससे अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन होगा।
संसदीय समिति की सिफारिशों के बाद पेश हुआ विधेयक
यह विधेयक संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया था, जिसने 38 बैठकों के बाद अपनी सिफारिशें दीं। इन सुझावों को शामिल कर वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को लोकसभा में पेश किया गया।
अब यह विधेयक राज्यसभा में पेश किया जाएगा, जहां इसके भविष्य पर फैसला होगा।

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