Jharkhand News: IIM रांची का नया शिक्षा मॉडल, मिड-टर्म एग्जाम की जगह अब AI प्रोजेक्ट
IIM रांची का नया मॉडल, मिड-टर्म एग्जाम खत्म, AI प्रोजेक्ट्स शुरू, छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करेगा

Jharkhand News: इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) रांची ने अपने छात्रों के लिए एक नया और अनोखा शिक्षा मॉडल शुरू किया है। अब पारंपरिक मध्यावधि परीक्षाओं के स्थान पर छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित परियोजनाओं पर कार्य करना होगा। इस पहल को ‘AI के साथ कार्य (WAI)’ नाम दिया गया है। इसका मकसद छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक कारोबारी चुनौतियों से जोड़ना है। यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव है, जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
मिड-टर्म एग्जाम खत्म, AI प्रोजेक्ट्स की शुरुआत
IIM रांची ने इस नए मॉडल के तहत मिड-टर्म परीक्षाओं को पूरी तरह हटा दिया है। अब छात्रों को AI तकनीक का इस्तेमाल करते हुए प्रोजेक्ट्स तैयार करने होंगे। ये प्रोजेक्ट्स व्यवसाय और तकनीक के बीच की खाई को पाटने में मदद करेंगे। इस पहल से छात्रों को आधुनिक तकनीक के साथ काम करने का अनुभव मिलेगा, जो उन्हें नौकरी और उद्यमिता के लिए बेहतर तैयार करेगा।
IIM रांची ने बदली पढ़ाई की दिशा, AI पर जोर
IIM रांची के निदेशक ने बताया आज के दौर में AI हर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। हम चाहते हैं कि हमारे छात्र न केवल किताबी ज्ञान लें, बल्कि वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने में सक्षम हों। इसीलिए हमने WAI प्रोग्राम शुरू किया है। यह कदम छात्रों को डेटा विश्लेषण, मशीन लर्निंग और AI टूल्स के उपयोग में निपुण बनाएगा।
छात्रों और उद्योग के लिए फायदेमंद
इस नए मॉडल से न केवल छात्रों को फायदा होगा, बल्कि उद्योग जगत को भी बेहतर प्रशिक्षित पेशेवर मिलेंगे। AI प्रोजेक्ट्स के जरिए छात्रों को वास्तविक कारोबारी समस्याओं पर काम करने का मौका मिलेगा। इससे उनकी सोचने और समाधान निकालने की क्षमता बढ़ेगी। उदाहरण के लिए, छात्रों को मार्केटिंग, फाइनेंस या सप्लाई चेन जैसी समस्याओं को AI की मदद से हल करने के लिए प्रोजेक्ट्स दिए जाएंगे।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखा गया
IIM रांची का यह कदम भविष्य की जरूरतों को देखते हुए उठाया गया है। आज के समय में AI और तकनीक का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। कंपनियां ऐसे कर्मचारियों की तलाश में हैं जो तकनीक को समझें और उसका उपयोग कर सकें। इस नए मॉडल से छात्रों को नौकरी के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह शिक्षा प्रणाली को और अधिक प्रासंगिक और आधुनिक बनाएगा।