
अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के भीषण हादसे को लेकर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट जारी कर दी है। 12 जून को हुए इस हादसे में विमान में सवार 242 यात्रियों समेत कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि जमीन पर मौजूद 19 अन्य लोग भी इसकी चपेट में आकर मारे गए थे। यह विमान टेक-ऑफ के कुछ ही मिनट बाद क्रैश हो गया था।
इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच में असामान्य गतिविधि
15 पन्नों की जांच रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि विमान के दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच टेक-ऑफ के ठीक बाद “रन” से “कटऑफ” की स्थिति में बदल गए थे। यह बदलाव एक सेकेंड से भी कम समय के अंतराल में हुआ। बाद में यह स्विच दोबारा “रन” स्थिति में लौटे, लेकिन तब तक विमान की स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी।
इस घटना के दौरान एक पायलट ने रेडियो पर “मेडे, मेडे, मेडे” मैसेज भेजा था, जो किसी गंभीर आपात स्थिति का संकेत होता है। रिपोर्ट के अनुसार, क्रैश से ठीक पहले कॉकपिट में एक पायलट ने दूसरे से पूछा था—”तुमने फ्यूल क्यों कट किया?”—जिस पर जवाब मिला, “मैंने नहीं किया।”
FAA की चेतावनी थी, लेकिन पालन नहीं हुआ
रिपोर्ट में उल्लेख है कि अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने दिसंबर 2018 में एक स्पेशल एयरवर्दीनेस इनफॉर्मेशन बुलेटिन (SAIB) जारी किया था। इसमें फ्यूल कंट्रोल स्विच की लॉकिंग प्रणाली को लेकर संभावित तकनीकी जोखिमों की बात कही गई थी। हालांकि FAA ने इसे “असुरक्षित स्थिति” की श्रेणी में नहीं रखा था, इसलिए इसे अनिवार्य निर्देश नहीं माना गया।
एयर इंडिया ने भी स्वीकार किया है कि उन्होंने यह निरीक्षण नहीं कराया क्योंकि यह केवल सलाहात्मक (Advisory) था, अनिवार्य नहीं। विमान VT-ANB के थ्रॉटल कंट्रोल मॉड्यूल को 2019 और 2023 में बदला गया था, लेकिन SAIB के दिशा-निर्देशों पर कार्रवाई नहीं की गई।
बोइंग और एयर इंडिया का बयान
बोइंग ने एक बयान में कहा है कि वह इस हादसे की जांच में भारतीय एजेंसियों का पूर्ण सहयोग कर रहा है और कंपनी की संवेदनाएं सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं। वहीं, एयर इंडिया ने कहा है कि वह AAIB और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ पूरी तरह से सहयोग कर रही है। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी रखरखाव रिकॉर्ड और उड़ान योग्यता निर्देशों का पालन किया गया था।
अब तक का निष्कर्ष क्या?
AAIB की इस शुरुआती रिपोर्ट में किसी व्यक्ति विशेष को दोषी नहीं ठहराया गया है। लेकिन यह सवाल अब और भी गंभीर हो गया है कि यदि दोनों पायलटों ने फ्यूल कटऑफ स्विच को नहीं छुआ, तो यह तकनीकी गड़बड़ी थी या कोई और कारण? हादसे के अंतिम निष्कर्ष के लिए विस्तृत जांच अब भी जारी है।
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