बिहार में पोस्टरों पर छाया ‘मां का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’

बिहार: दरभंगा में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनकी स्वर्गीय मां और बहन को लेकर की गई अमर्यादित टिप्पणी पर बिहार की राजनीति गरमा गई है। इस बयान को लेकर एनडीए ने पूरे महागठबंधन को कठघरे में खड़ा कर दिया है और इसे चुनावी हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
पूर्णिया सम्मेलन में बदला पोस्टर का स्लोगन
इसी विवाद का असर शुक्रवार को पूर्णिया सदर विधानसभा स्तर पर आयोजित एनडीए के सम्मेलन में भी देखने को मिला। शहर के कलाभवन में हुए कार्यक्रम में मुख्य मंच और परिसर में लगे अधिकतर पोस्टरों पर लिखा था – “मां का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान”। यह नारा सम्मेलन का मुख्य आकर्षण बना।
एनडीए नेताओं का हमला राहुल-तेजस्वी पर
कार्यक्रम में पहुंचे बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और मंत्री लेशी सिंह सहित अन्य नेताओं ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पीएम मोदी और उनकी स्वर्गीय मां पर टिप्पणी करना न केवल राजनीति की मर्यादा के खिलाफ है, बल्कि जनता की भावनाओं का भी अपमान है।
बारिश में भी गूंजे मोदी समर्थक नारे
सम्मेलन के दौरान भारी बारिश के बावजूद एनडीए कार्यकर्ताओं का जोश कम नहीं हुआ। पीएम मोदी के समर्थन में जमकर नारे लगे और तालियों की गड़गड़ाहट से माहौल गूंज उठा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की यात्रा के प्रभाव को यह मुद्दा कमजोर कर सकता है और एनडीए इसे आने वाले चुनावों में पूरी ताकत से भुना सकता है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यह विवाद महागठबंधन के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। कई नेताओं ने दबी जुबान में स्वीकार किया कि एनडीए को ऐसा भावनात्मक मुद्दा मिल गया है, जो आम जनता के दिल तक सीधा पहुंच सकता है और इसका असर लंबे समय तक देखने को मिलेगा।
गुरुवार को भी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जयसवाल सहित कई नेताओं ने इस बयान को लेकर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला था।