सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज प्रशांत कुमार के संबंध में अपनी पूर्व टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटा दिया। यह टिप्पणी एक सिविल विवाद मामले में आपराधिक कार्यवाही की अनुमति देने के फैसले पर की गई थी। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य न तो न्यायाधीश को शर्मिंदा करना था...
