
उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया अब औपचारिक रूप से शुरू होने की कगार पर है। चुनाव आयोग ने गुरुवार को उपराष्ट्रपति पद के निर्वाचन से जुड़ी अहम तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए निर्वाचक मंडल की सूची तैयार कर ली है। आयोग ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा, निर्वाचक मंडल की सूची चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित काउंटरों पर उपलब्ध करा दी जाएगी।
कौन करते हैं उपराष्ट्रपति का चुनाव?
भारत के उपराष्ट्रपति के चुनाव में केवल संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—के निर्वाचित और नामित सदस्य ही मतदान करते हैं। इस चुनाव में सभी मतदाताओं के मत का मूल्य समान होता है। निर्वाचन आयोग ने सदस्यों की सूची को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के आधार पर वर्णानुक्रम में तैयार किया है।
कितने सदस्य करेंगे मतदान?
निर्वाचक मंडल की तैयार सूची के मुताबिक, इस बार कुल 782 सांसद मतदान के पात्र होंगे। इनमें से 542 लोकसभा सदस्य और 240 राज्यसभा सदस्य शामिल हैं। ऐसे में जिस उम्मीदवार को कम से कम 394 सांसदों का समर्थन मिलेगा, वही उपराष्ट्रपति पद के लिए विजयी घोषित किया जाएगा।
राजग के पास है संख्याबल का लाभ
यदि वर्तमान स्थिति पर नज़र डालें, तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पास दोनों सदनों में मिलाकर कुल 422 सांसदों का समर्थन है—जिसमें लोकसभा से 293 और राज्यसभा से 129 सदस्य शामिल हैं। इस लिहाज़ से देखा जाए तो राजग का प्रत्याशी आसानी से बहुमत जुटा सकता है।
लोकसभा-राज्यसभा में सीटों की स्थिति
ध्यान देने वाली बात यह है कि लोकसभा की कुल सीटें 543 हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल की बशीरहाट सीट खाली होने के कारण इस समय सदन में 542 सदस्य ही मौजूद हैं। वहीं, राज्यसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 245 है, लेकिन वर्तमान में वहां 240 सदस्य ही कार्यरत हैं, बाकी पांच सीटें रिक्त हैं।
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