Vice President News: कौन बनेगा भारत का अगला उपराष्ट्रपति? शशि थरूर ने कही ये बड़ी बात
शशि थरूर ने कहा, सत्तारूढ़ पार्टी का उम्मीदवार ही अगला उपराष्ट्रपति बनेगा, जानिए क्या है विपक्ष की रणनीति

Vice President: भारत में अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव को लेकर चर्चा जोरों पर है। इस बीच, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक बयान देकर सबका ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति का चुनाव पहले से ही तय है और विपक्ष की हार निश्चित है। यह बयान मुंबई में एक किताब लॉन्च कार्यक्रम के दौरान आया, जहां थरूर ने सत्तारूढ़ पार्टी की ताकत और विपक्ष की स्थिति पर खुलकर बात की। आइए जानते हैं कि शशि थरूर ने क्या कहा और इसका क्या मतलब हो सकता है।
शशि थरूर का बयान, सत्तारूढ़ पार्टी का दबदबा
शशि थरूर ने कहा, “हमें पता है कि अगला उपराष्ट्रपति वही होगा, जिसे सत्तारूढ़ पार्टी नामित करेगी। हम पहले से ही जानते हैं कि चुनाव में बहुमत किसके पास है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह उम्मीद करते हैं कि सत्तारूढ़ दल विपक्ष से इस मामले में सलाह-मशविरा करेगा, लेकिन उन्होंने इस पर संदेह भी जताया। थरूर का यह बयान साफ करता है कि सत्तारूढ़ पार्टी की मजबूत स्थिति के कारण विपक्ष के लिए इस चुनाव में जीत हासिल करना मुश्किल होगा।
उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया
भारत में उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्यों द्वारा किया जाता है। इस चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन, खासकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए), की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। थरूर ने अपने बयान में यही संकेत दिया कि एनडीए के पास बहुमत होने के कारण उनका उम्मीदवार ही अगला उपराष्ट्रपति बनेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को सलाह में शामिल करना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत हो।
क्या है विपक्ष की रणनीति?
थरूर के बयान से यह सवाल उठता है कि विपक्ष इस चुनाव में क्या रणनीति अपनाएगा। कुछ जानकारों का मानना है कि विपक्ष एकजुट होकर अपना उम्मीदवार खड़ा कर सकता है, लेकिन जीत की संभावना कम होने के कारण यह केवल प्रतीकात्मक कदम होगा। दूसरी ओर, विपक्ष इस मौके का इस्तेमाल अपनी एकता दिखाने और जनता के बीच अपनी बात रखने के लिए कर सकता है।
जनता पर क्या होगा असर?
उपराष्ट्रपति का पद भारत के संवैधानिक ढांचे में अहम है। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है, जो राज्यसभा का सभापति भी होता है। थरूर के बयान ने जनता में यह चर्चा शुरू कर दी है कि अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा और इसका देश की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा। सत्तारूढ़ पार्टी के दबदबे के बीच विपक्ष की भूमिका और कमजोर हो सकती है, जिससे राजनीतिक संतुलन पर सवाल उठ रहे हैं।
भविष्य की संभावनाएं
हालांकि शशि थरूर ने साफ कहा कि सत्तारूढ़ दल का उम्मीदवार ही जीतेगा, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष इस स्थिति में क्या कदम उठाता है। क्या विपक्ष कोई मजबूत उम्मीदवार उतारेगा या फिर वह इस चुनाव को बिना लड़े स्वीकार कर लेगा? इसके अलावा, सत्तारूढ़ दल किसे अपना उम्मीदवार बनाएगा, यह भी एक बड़ा सवाल है।