रूस में 7.0 तीव्रता का भूकंप, 600 साल बाद फटा क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी

रविवार को रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में जबरदस्त भूकंप के झटके महसूस किए गए। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, यह भूकंप सेवेरो-कुरील्स्क से 121 किलोमीटर पूर्व में आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.0 मापी गई। भारतीय समयानुसार भूकंप सुबह 11 बजे के आसपास आया। भूकंप के बाद रूस के कामचटका प्रायद्वीप में स्थित क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी में 600 साल बाद जोरदार विस्फोट हुआ।
भूकंप के केंद्र और प्रभाव की बात करें तो इसकी गहराई 40.8 किलोमीटर, निर्देशांक 50.53°N, 157.83°E था। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, भूकंप के झटके बेहद तीव्र थे, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भारी दहशत फैल गई।
कामचटका वोल्केनिक इरप्शन रिस्पॉन्स टीम (KVERT) के मुताबिक—1,856 मीटर ऊंचे इस ज्वालामुखी से करीब 6,000 मीटर ऊंचाई तक राख का गुबार उठा। ज्वालामुखी विशेषज्ञ ओल्गा गिरिना ने बताया कि यह विस्फोट 600 वर्षों में पहली बार हुआ है। अब इसकी ढलानों पर लावा डोम बन रहा है और भाप, गैस व राख का लगातार उत्सर्जन हो रहा है।
साल 1463 में आखिरी बार लावा रिसाव हुआ था, 1963 में धुएं से जुड़ी हल्की गतिविधि दर्ज हुई थी, पर विस्फोट नहीं हुआ था। यह ज्वालामुखी क्रोनोट्स्की नेचर रिजर्व में स्थित है, जो क्षेत्रीय राजधानी पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की से 50 किलोमीटर दूर है।
30 जुलाई 2025 को इसी क्षेत्र में 8.7 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसे दुनिया के छठे सबसे शक्तिशाली भूकंपों में गिना गया। उसके बाद से अब तक 4.4 तीव्रता या उससे अधिक के 125 से ज्यादा झटके महसूस किए जा चुके हैं। इनमें 6.9 तीव्रता का एक आफ्टरशॉक भी शामिल है, जो मुख्य भूकंप के 45 मिनट बाद आया।
शुरुआत में हवाई, जापान और अमेरिकी तटों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, जिसे अब हटा लिया गया है या घटा दिया गया है। भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की बड़ी भूकंपीय गतिविधियों के बाद आफ्टरशॉक्स आना सामान्य है, और इनकी तीव्रता धीरे-धीरे कम होती है।
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