Jharkhand News: झारखंड के गढ़वा जिले में एक ऐसी जेल है, जो पिछले दो दशकों से खाली पड़ी है। इस जेल में आज तक एक भी कैदी को नहीं भेजा गया। कारण? भ्रष्टाचार और लापरवाही ने इस जेल का निर्माण ही अधूरा छोड़ दिया। गढ़वा मंडल जेल, जो जिले के मुख्यालय में स्थित है, आज भी अपने पूर्ण होने का इंतजार कर रही है। यह खबर स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि सरकारी धन का दुरुपयोग और अधूरी परियोजनाएं लोगों के गुस्से का कारण बन रही हैं।
भ्रष्टाचार बना जेल निर्माण में सबसे बड़ी बाधा
गढ़वा मंडल जेल का निर्माण कार्य साल 2004 में शुरू हुआ था। उस समय उम्मीद थी कि यह जेल जल्द ही तैयार होकर अपराधियों को सजा देने का काम शुरू करेगी। लेकिन भ्रष्टाचार ने इस परियोजना को जकड़ लिया। निर्माण के लिए आवंटित धन का बड़ा हिस्सा गलत जगहों पर खर्च हो गया। ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत ने जेल की इमारत को अधूरा छोड़ दिया। दीवारें, छत और बुनियादी सुविधाएं आज भी पूरी नहीं हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जेल अब केवल खंडहर बनकर रह गई है, जहां न तो सुरक्षा है और न ही कोई उपयोग।
Jharkhand News: स्थानीय लोगों में गुस्सा, सरकार पर सवाल
गढ़वा के निवासियों में इस जेल को लेकर गुस्सा है। उनका कहना है कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। एक स्थानीय निवासी रामू यादव ने बताया- हमारे टैक्स का पैसा बर्बाद हो रहा है। जेल बनकर तैयार होती तो अपराध पर कुछ लगाम लगती।” लोग यह भी पूछ रहे हैं कि आखिर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? गढ़वा जिला, जो बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा से घिरा है, अपराध के मामले में संवेदनशील है। ऐसे में एक कार्यशील जेल की जरूरत और भी बढ़ जाती है।
क्या है सरकार का रुख?
जेल के अधूरे निर्माण पर सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं आया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच चल रही है, लेकिन पिछले 20 सालों में कोई प्रगति नहीं दिखी। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि सरकार इस जेल को जल्द से जल्द पूरा करे ताकि यह अपने उद्देश्य को पूरा कर सके।
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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