पटना-पटना से बड़ी खबर आ रही है। जदयू के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार ने आज जदयू प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जातीय जनगणना को लेकर राहुल गांधी के बयान को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए। नीरज कुमार ने बिहार के जातीय सर्वे को महागठबंधन की एकजुटता और जनता के हित में बताया, जबकि राहुल गांधी को बेचैन आत्मा करार दिया।
जदयू मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने आज पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी के जातीय जनगणना पर दिए बयान को लेकर कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने बिहार में जातीय सर्वे को फर्जी बताया है, जबकि महागठबंधन के सभी घटक दल इस सर्वे का समर्थन कर रहे हैं।
नीरज कुमार ने सवाल उठाया कि अगर राहुल गांधी को जातीय जनगणना गलत लगती है, तो उन्होंने सर्वदलीय बैठक में क्यों हिस्सा लिया? उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के कांग्रेस नेताओं और महागठबंधन के अन्य नेताओं को राहुल गांधी से यह पूछना चाहिए था कि वे इस सर्वे को फर्जी क्यों बता रहे हैं।
कर्नाटक का उदाहरण:
नीरज कुमार ने कर्नाटक में कांग्रेस के कार्यकाल में हुई जातीय जनगणना का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 में कांग्रेस सरकार ने इस सर्वे का नोटिफिकेशन जारी किया और 2016 में रिपोर्ट तैयार हो गई, लेकिन आज तक इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस दलित और मुस्लिम समाज के दबदबे से डरती है, इसलिए कर्नाटक की रिपोर्ट को छिपाकर रखा गया।
चुनौती:
नीरज कुमार ने राहुल गांधी को चुनौती दी कि वे मंडल कमीशन को लेकर अपने पिता राजीव गांधी के “कीड़े का डब्बा” वाले बयान पर माफी मांगें। उन्होंने कहा कि बिहार का जातीय सर्वे फर्जी है तो कर्नाटक की जातीय जनगणना को क्या कहा जाएगा?
निष्कर्ष:
जदयू प्रवक्ता ने बिहार के जातीय सर्वे को जनता का विश्वास बताया और महात्मा गांधी की जयंती पर इसकी रिपोर्ट जारी करने के फैसले को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि बिहार ने देश में एक नई मिसाल पेश की है और यह सर्वे सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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