Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव का रण जैसे-जैसे गरमा रहा है, राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। इस बार, सीमांचल के महत्वपूर्ण किशनगंज जिले में एक बड़ा और चौंकाने वाला ट्रेंड देखने को मिल रहा है। जिले की सभी चार विधानसभा सीटों – किशनगंज, बहादुरगंज, ठाकुरगंज, और कोचाधामन – पर एनडीए (NDA) और महागठबंधन (Mahagathbandhan) दोनों ने ही अपने पुराने या मौजूदा चेहरों को बदलकर नए उम्मीदवारों पर दांव खेला है।
यह ‘नया चेहरा’ फॉर्मूला इस चुनाव को बेहद अप्रत्याशित और रोमांचक बना रहा है, क्योंकि अब मुकाबला पुराने समीकरणों के बजाय नए चेहरों की स्वीकार्यता पर होगा।
Bihar Election 2025: चारों सीटों का बदला हुआ समीकरण
इस बार किशनगंज की चारों सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय हो गया है, क्योंकि एनडीए और महागठबंधन के अलावा असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM और प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज’ पार्टी ने भी अपने मजबूत उम्मीदवार उतारे हैं।
1. किशनगंज विधानसभा सीट
यहां से 2020 में कांग्रेस के इजहारुल हसन ने जीत दर्ज की थी। इस बार कांग्रेस ने उन पर भरोसा न जताते हुए, पूर्व सांसद मरहूम असरारुल हक के बेटे इंतेखाब आलम को मैदान में उतारा है। वहीं, एनडीए की ओर से बीजेपी ने दीपक कुमार दास को टिकट दिया है। AIMIM ने तौसीफ आलम और जन सुराज ने प्रो. शफी अहमद को उतारकर इस सीट पर लड़ाई को चतुष्कोणीय बना दिया है।
2. बहादुरगंज विधानसभा सीट
यह सीट 2020 में RJD के मो. अंजार नईमी ने जीती थी। इस बार महागठबंधन की ओर से RJD ने चेहरा बदलते हुए नौशाद आलम को टिकट दिया है। उनका मुकाबला एनडीए की तरफ से JDU के मंजर आलम से होगा। वहीं, AIMIM ने यहां से लखन लाल पंडित को उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
3. ठाकुरगंज विधानसभा सीट
2020 में यह सीट भी RJD के सऊद आलम के पास थी। RJD ने यहां भी अपना उम्मीदवार बदलते हुए जाहिदुर रहमान पर दांव खेला है। एनडीए की ओर से JDU ने पूर्व विधायक नौशाद आलम की पत्नी निखत परवीन को टिकट दिया है। AIMIM ने यहां से महबूब आलम को मैदान में उतारा है, जिससे यह लड़ाई भी त्रिकोणीय हो गई है।
4. कोचाधामन विधानसभा सीट
कोचाधामन सीट पर 2020 में AIMIM के इजहार असफी ने जीत दर्ज की थी। इस बार AIMIM ने अपने मौजूदा विधायक पर ही भरोसा जताया है। उन्हें टक्कर देने के लिए महागठबंधन से RJD ने शाहिद आलम को और एनडीए से JDU ने मुजाहिद आलम को टिकट दिया है। यह जिले की एकमात्र सीट है जहां एक प्रमुख पार्टी ने अपने मौजूदा विधायक को रिपीट किया है।
क्यों बदले गए चेहरे?
पार्टियों द्वारा लगभग सभी सीटों पर नए चेहरों को उतारने का यह फैसला एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टियां ‘एंटी-इनकंबेंसी’ (सत्ता-विरोधी लहर) से बचने और जातीय समीकरणों को नए सिरे से साधने के लिए यह जोखिम उठा रही हैं। नए उम्मीदवारों के आने से सभी गठबंधनों का चुनावी गणित उलझ गया है और अब जीत-हार का फैसला इन नए चेहरों की अपनी लोकप्रियता और जनता के मूड पर निर्भर करेगा।
| विधानसभा सीट (Assembly Seat) | NDA 2025 प्रत्याशी (NDA Candidate) | महागठबंधन 2025 प्रत्याशी (MGB Candidate) | अन्य प्रमुख (Others) |
| किशनगंज | दीपक कुमार दास (BJP) | इंतेखाब आलम (Congress) | तौसीफ आलम (AIMIM), प्रो. शफी अहमद (Jan Suraaj) |
| बहादुरगंज | मंजर आलम (JDU) | नौशाद आलम (RJD) | लखन लाल पंडित (AIMIM) |
| ठाकुरगंज | निखत परवीन (JDU) | जाहिदुर रहमान (RJD) | महबूब आलम (AIMIM) |
| कोचाधामन | मुजाहिद आलम (JDU) | शाहिद आलम (RJD) | इजहार असफी (AIMIM – Incumbent) |
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.


[…] कभी सोचा है कि शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाने के इतने फायदे क्यों हैं? यह […]
[…] मोदी (Narendra Modi) ने आज, गुरुवार 30 अक्टूबर को, बिहार में अपनी चुनावी रैलियों में […]
[…] तरफ जहां RJD, JDU और BJP जैसी बड़ी पार्टियों के 90% तक उम्मीदवार […]