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जापान में 7.6 तीव्रता का भूकंप, पूर्वी तट पर 10 फीट ऊंची सुनामी का अलर्ट, लाखों लोग सुरक्षित जगहों पर पहुंचे

Japan Earthquake: जापान के उत्तरी-पूर्वी हिस्से में सोमवार रात को 7.6 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने पूरे देश को हिला दिया। भूकंप के तुरंत बाद जापान मौसम एजेंसी ने पूर्वी तट के कई इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी कर दी। चेतावनी में 10 फीट तक ऊंची लहरों का खतरा बताया गया है। भूकंप का केंद्र आओमोरी प्रांत के पास था, जहां झटके सबसे ज्यादा महसूस किए गए। अभी तक किसी जानमाल की हानि की खबर नहीं है, लेकिन लाखों लोग सुरक्षित जगहों पर पहुंच चुके हैं। छोटे शहरों और गांवों के लोग जो प्राकृतिक आपदाओं से डरते हैं, उनके लिए यह खबर चिंताजनक है। जापानी सरकार ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और न्यूक्लियर प्लांट्स की सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं।

भूकंप की तीव्रता और स्थान: आओमोरी-होक्काइडो में सबसे ज्यादा असर

Japan Earthquake

भूकंप जापान के उत्तरी तट से करीब 70 किलोमीटर दूर और 33 मील की गहराई पर आया। यूएसजीएस के अनुसार, इसका केंद्र आओमोरी प्रांत के पास था, लेकिन झटके होक्काइडो, इशिकावा प्रांत और टोक्यो तक महसूस किए गए। टोक्यो में 30 सेकंड से ज्यादा समय तक जमीन हिलती रही। जापान मौसम एजेंसी ने बताया कि यह भूकंप चिशिमा द्वीप समूह के पास का था। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में आओमोरी, होक्काइडो और इशिकावा शामिल हैं। भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक भी आए, जिनकी तीव्रता 4 से 5 थी। वैज्ञानिकों का कहना है कि जापान का यह हिस्सा टेक्टोनिक प्लेट्स के कारण भूकंप प्रवण है।

सुनामी चेतावनी और निकासी: 10 फीट ऊंची लहरों का खतरा

जापान मौसम एजेंसी ने पूर्वी तट के लिए सुनामी चेतावनी जारी की। चेतावनी में कहा गया कि 10 फीट तक ऊंची लहरें आ सकती हैं, खासकर इशिकावा प्रांत में। लोगों को तत्काल ऊंची जगहों पर जाने और समुद्र तट से दूर रहने का आदेश दिया गया। टीवी चैनलों पर लगातार आपात अलर्ट दिखाए जा रहे हैं। पब्लिक ब्रॉडकास्टर एनएचके ने न्यूक्लियर पावर प्लांट्स की सुरक्षा जांच की जानकारी दी। लाखों लोग घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे। अभी तक सुनामी की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एजेंसी सतर्कता बरत रही है।

सरकारी प्रतिक्रिया: राहत कार्य तेज, न्यूक्लियर प्लांट्स पर नजर

जापानी प्रधानमंत्री ने तत्काल राहत कार्यों के आदेश दिए। सेना और डिजास्टर मैनेजमेंट टीम्स प्रभावित इलाकों में पहुंच गई हैं। एनएचके ने बताया कि न्यूक्लियर प्लांट्स की मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है। कोई बड़ा नुकसान न होने की उम्मीद है, लेकिन जांच जारी है। जापान सरकार ने लोगों से शांत रहने और निर्देशों का पालन करने की अपील की। यह भूकंप 2011 के विनाशकारी भूकंप की याद दिला रहा है, लेकिन तुरंत प्रतिक्रिया से जानमाल की हानि टल गई। वैज्ञानिकों का कहना है कि आफ्टरशॉक आने की संभावना बनी हुई है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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