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ECI Election Result 2026 Live: बंगाल में खिला ‘कमल’, असम में बीजेपी की हैट्रिक; तमिलनाडु में विजय का ‘वॉर’ और केरल में बड़ा उलटफेर

ECI Election Result 2026 Live: आज 4 मई 2026 का दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में एक बड़े बदलाव के गवाह के रूप में दर्ज होने जा रहा है। पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के नतीजे अब लगभग साफ हो चुके हैं। चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए ताजा रुझानों और आंकड़ों ने राजनीतिक पंडितों के सभी समीकरणों को ध्वस्त कर दिया है। सबसे चौंकाने वाले नतीजे पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से सामने आ रहे हैं। बंगाल में जहाँ भारतीय जनता पार्टी पहली बार सत्ता के सिंहासन की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रही है, वहीं तमिलनाडु में सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम ने राज्य की राजनीति की धुरी ही बदल दी है। असम में बीजेपी ने अपनी पकड़ बनाए रखी है और वह लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की ओर अग्रसर है।

पश्चिम बंगाल में भगवा लहर: ममता के गढ़ में बीजेपी की ऐतिहासिक सेंध

पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर हुई मतगणना में इस बार तस्वीर साल 2021 के मुकाबले बिल्कुल उलट नजर आ रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी बहुमत के जादुई आंकड़े 148 को पार करते हुए 165 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। तृणमूल कांग्रेस जो पिछले चुनाव में 200 से ज्यादा सीटें जीतकर सत्ता में आई थी, वह इस बार 120 के आसपास सिमटती दिख रही है। सबसे बड़ी खबर भवानीपुर विधानसभा सीट से है, जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद पीछे चल रही हैं। बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने यहाँ शुरुआती राउंड से ही बढ़त बना ली है। झारग्राम और मालदा जैसे इलाकों में, जहाँ पिछली बार बीजेपी को संघर्ष करना पड़ा था, वहां इस बार क्लीन स्वीप जैसी स्थिति दिख रही है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कोलकाता की सड़कों पर जश्न मनाना शुरू कर दिया है, क्योंकि यह राज्य में उनकी पहली संभावित सरकार होगी।

तमिलनाडु में सुपरस्टार विजय का धमाका: डीएमके और एआईएडीएमके के उड़े होश

तमिलनाडु की राजनीति में दशकों से चले आ रहे दो-पक्षीय मुकाबले को अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके ने पूरी तरह से खत्म कर दिया है। रुझानों में टीवीके 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाकर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनने की ओर है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका है, क्योंकि वे तीसरे नंबर पर खिसक गए हैं। डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन भी अपनी सीट पर कड़े मुकाबले में पीछे चल रहे हैं। दक्षिण भारतीय राजनीति में फिल्मी सितारों का जादू हमेशा से रहा है, लेकिन विजय ने जिस तरह से जमीनी स्तर पर पकड़ बनाई, उसने सत्ताधारी दल के वोट बैंक में बड़ी सेंध लगाई है। एआईएडीएमके भी 70-80 सीटों के बीच सिमटती दिख रही है, जिससे राज्य में त्रिशंकु विधानसभा या टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार की संभावना बढ़ गई है।

असम में बीजेपी की हैट्रिक: हिमंत बिस्वा सरमा का जादू बरकरार

पूर्वोत्तर के सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम में बीजेपी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वहां उनका कोई विकल्प नहीं है। राज्य की 126 सीटों में से बीजेपी गठबंधन 90 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। यह बीजेपी की असम में लगातार तीसरी जीत होगी, जो राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक बड़ा रिकॉर्ड है। कांग्रेस ने यहाँ कुछ सुधार करने की कोशिश जरूर की लेकिन वह 25-30 सीटों के बीच ही संघर्ष करती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की विकास योजनाओं और मजबूत प्रशासनिक पकड़ ने मतदाताओं को एक बार फिर बीजेपी की ओर खींचा है। असम में 85 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था, जिसका सीधा फायदा सत्ताधारी दल को मिलता दिख रहा है।

केरल में वामपंथ का किला ढहा: यूडीएफ की शानदार वापसी

केरल की राजनीति में हर पांच साल में सत्ता बदलने का जो रिवाज रहा है, वह इस बार फिर से लौट आया है। पिछले चुनाव में एलडीएफ ने दोबारा जीत दर्ज कर इतिहास रचा था, लेकिन इस बार पिनारायी विजयन की सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर साफ दिखाई दे रही है। कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन 90 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। खुद मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन अपनी परंपरागत सीट धर्मादम से पीछे चल रहे हैं, जो सीपीआईएम के लिए किसी सदमे से कम नहीं है। अगर केरल वामपंथी दलों के हाथ से निकल जाता है, तो देश के किसी भी राज्य में उनकी सत्ता नहीं बचेगी, जो भारतीय कम्युनिस्ट आंदोलन के लिए एक बड़ा संकट हो सकता है।

पुडुचेरी में फिर से खिलेगा ‘कमल’: एनडीए की सत्ता बरकरार

केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी मतगणना के रुझान एनडीए के पक्ष में जा रहे हैं। यहाँ की 30 विधानसभा सीटों में से एनडीए 22 सीटों पर आगे चल रही है। बीजेपी और एआईएनआरसी का गठबंधन यहाँ दोबारा सरकार बनाता दिख रहा है। कांग्रेस और उसके सहयोगियों को यहाँ भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पुडुचेरी में मतदाताओं ने केंद्र सरकार की योजनाओं और स्थानीय विकास पर भरोसा जताया है। यहाँ सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मतगणना जारी है और दोपहर तक औपचारिक रूप से सरकार गठन की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भविष्य की राजनीति

इन पांच राज्यों के नतीजों का असर देश की राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ना तय है। बंगाल में बीजेपी की संभावित जीत ने विपक्ष के हौसले पस्त कर दिए हैं, वहीं तमिलनाडु में विजय का उदय नई क्षेत्रीय राजनीति की शुरुआत का संकेत है। चुनाव आयोग ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मतगणना केंद्रों पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम साढे़ छह बजे दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर सकते हैं। इन नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 2026 में भारतीय मतदाता विकास और नए चेहरों को प्राथमिकता दे रहे हैं। आने वाले कुछ घंटों में जब चुनाव आयोग अंतिम परिणाम घोषित करेगा, तब इन राज्यों के भविष्य की नई इबारत लिखी जाएगी।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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