Mehatpur (Una)। नेपाल के त्रिशूली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की टनल में हिमाचल के ऊना निवासी सुखविंद्र समेत करीब 15 अन्य भारतीय नागरिकों के फंसे होने का दावा सामने आया है। एक नेपाली प्रत्यक्षदर्शी ने टनल के अंदर कई भारतीयों के मौजूद होने की बात कही है। इस दावे की जानकारी सुखविंद्र के चचेरे भाई शुभम ने उनके परिजनों को दी है।
शुभम इन दिनों काठमांडो में रेस्क्यू ऑपरेशन को नजदीक से देख रहे हैं। उन्होंने परिवार को बताया कि नेपाल में आई भीषण तबाही के बाद टनल में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए जिस तेजी से अभियान चलना चाहिए था, वह नजर नहीं आ रही है। कई दिन बीत जाने के बावजूद फंसे लोगों से संपर्क नहीं हो पाने के कारण परिजनों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
शुभम ने सुखविंद्र के पिता हुसन लाल को बताया कि नेपाली प्रत्यक्षदर्शी का दावा इस बात को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है कि टनल में फंसे लोगों तक राहत और बचाव दल की पहुंच क्यों नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि अब नेपाली रेस्क्यू टीम पर भरोसा कमजोर पड़ गया है और परिवार को भारतीय रेस्क्यू टीम से ही उम्मीदें हैं।
छह दिन से बेटे की कोई खबर नहीं
नगर परिषद मैहतपुर बसदेहड़ा के वार्ड नंबर आठ निवासी सुखविंद्र के पिता हुसन लाल ने कहा कि छह दिन बीत जाने के बाद भी उनके बेटे का कोई पता नहीं चल पाया है। उन्होंने बताया कि 25 अगस्त की रात करीब 10 बजे सुखविंद्र से उनकी आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। इसके बाद से परिवार का उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
हुसन लाल ने कहा कि परिवार के लोग पिछले छह दिनों से बेहद चिंतित हैं और हर पल बेटे की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने तथा टनल में फंसे सभी भारतीयों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने की मांग की है।
परिवार का कहना है कि अब सबसे बड़ी चिंता यह जानना है कि टनल के अंदर फंसे लोगों की वास्तविक स्थिति क्या है। नेपाली प्रत्यक्षदर्शी के दावे के बाद परिजनों की उम्मीदें एक बार फिर भारतीय बचाव एजेंसियों की ओर टिक गई हैं।

