Odisha News: ओडिशा के परादीप पोर्ट से रवाना होने के कुछ समय बाद पनामा फ्लैग वाले मालवाहक जहाज एमवी ओशन विनर बंगाल की खाड़ी में डूब गया। अट्ठाईस साल पुराना यह जहाज करीब बहत्तर हजार टन लौह अयस्क लेकर सिंगापुर होते हुए चीन जा रहा था।
जहाज पर चौबीस चालक दल थे जिनमें से केवल दो चीनी नागरिक लाइफ राफ्ट पर सुरक्षित निकाले गए। बाकी बाईस नाविकों की हफ्ते भर चली तलाश अब समाप्त कर दी गई है। समुद्री बचाव समन्वय केंद्र और भारतीय तटरक्षक ने इन नाविकों को मृत मान लिया है।
खाली लाइफबोट और इमरजेंसी बीकन तो मिला लेकिन कोई और जीवित व्यक्ति नहीं मिला। अब ध्यान दुर्घटना के कारण और कानूनी कार्रवाई पर है। पुलिस ने अभी एफआईआर दर्ज नहीं की है जिससे समुद्री क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ी है।
Odisha News: जहाज कब और कैसे डूबा
एमवी ओशन विनर बाईस अगस्त को परादीप पोर्ट छोड़ने के थोड़े समय बाद डूब गया। यह पनामा के झंडे वाला बल्क कैरियर था और लौह अयस्क चीन ले जा रहा था। जहाज अट्ठाईस साल पुराना था। चौबीस सदस्यों वाले चालक दल में से केवल दो चीनी नाविक बच सके। बाकी बाईस की स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी थी।
तलाश अभियान में कौन शामिल रहा
भारतीय तटरक्षक के जहाज, भारतीय नौसेना के विमान और जहाज, व्यापारी जहाज तथा दो चीनी जहाज तलाश में शामिल रहे। खाली लाइफबोट और जहाज से जुड़ा इमरजेंसी बीकन बरामद हुआ। इसके बावजूद कोई और जीवित नाविक नहीं मिला। हफ्ते भर चले अभियान के बाद तलाश समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
Odisha News: बचे दो नाविकों का क्या हुआ
दोनों चीनी नाविकों को शनिवार को कोलकाता होते हुए चीन भेज दिया गया। आप्रवासन और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें रवाना किया गया। उनकी बताई गई बातें जांच में मददगार मानी जा रही हैं। ये बयान घटना से पहले की स्थिति समझने में उपयोगी हो सकते हैं। अब जांच एजेंसियां इन्हीं विवरणों पर ध्यान देंगी।
जांच अब किस दिशा में बढ़ेगी
तलाश खत्म होने के बाद अब जहाज डूबने का कारण पता लगाने पर जोर है। जहाज की हालत और घटना से पहले की परिस्थितियों की जांच होगी। क्या कोई कमी रही इस पर भी नजर रहेगी। बाईस चालक दल के खोने के पीछे क्या वजहें थीं यह सामने आने की उम्मीद है। जांच का दायरा तकनीकी और संचालन दोनों पहलुओं तक फैलेगा।
Odisha News: एफआईआर दर्ज न होने से क्या चिंता है
पुलिस ने अभी तक इस समुद्री दुर्घटना में एफआईआर दर्ज नहीं की है। देरी से समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों में सवाल उठे हैं। वे कानूनी कार्रवाई की स्पष्टता चाहते हैं। एफआईआर के अभाव में आगे की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। हितधारक जल्द स्पष्ट रुख की मांग कर रहे हैं।
ओडिशा तट पर एमवी ओशन विनर के डूबने के बाद बाईस चालक दल की लंबी तलाश समाप्त कर दी गई है और उन्हें मृत मान लिया गया है। परादीप से रवाना हुए इस जहाज पर चौबीस लोग थे जिनमें से केवल दो चीनी नाविक बच सके। तटरक्षक, नौसेना और अन्य जहाजों ने अभियान चलाया लेकिन खाली लाइफबोट के अलावा कोई और निशान नहीं मिला।
अब जांच दुर्घटना के कारण और जहाज की स्थिति पर केंद्रित है। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने से समुद्री क्षेत्र में चिंता बनी हुई है। स्पष्ट कानूनी कदम से मामले की दिशा तय होगी।
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